आरपीएससी उप-निरीक्षक भर्ती की पुनः परीक्षा 20 सितंबर को, 2.18 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल; 666 केंद्र बनाए गए
राजस्थान में उप-निरीक्षक और प्लाटून कमांडर संयुक्त प्रतियोगी पुनः परीक्षा-2021 का आयोजन 20 सितंबर को होगा। 11 जिलों में 666 केंद्र बनाए गए हैं, जहां 2,18,131 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। सुरक्षा के लिए बायोमीट्रिक, फेस रिकग्निशन और सघन जांच की व्यवस्था रहेगी।
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राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) की ओर से 20 सितंबर को प्रदेश के 11 जिलों में उप-निरीक्षक और प्लाटून कमांडर संयुक्त प्रतियोगी पुनः परीक्षा-2021 का आयोजन किया जाएगा। परीक्षा में कुल 2,18,131 पंजीकृत अभ्यर्थी शामिल होंगे। इनके लिए प्रदेश में 666 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा को सुचारू रूप से कराने के लिए आयोग के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट कर्नल केसरी सिंह ने पुलिस और प्रशासन के उच्चाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। परीक्षा में अनुचित गतिविधि या फर्जीवाड़ा करने पर राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम-2022 के तहत त्वरित और कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जयपुर में सबसे अधिक 187 परीक्षा केंद्र
प्रदेश में सबसे अधिक 187 परीक्षा केंद्र जयपुर जिले में बनाए गए हैं। इसके अलावा अजमेर में 74, जोधपुर में 81, उदयपुर में 64, भरतपुर में 58, कोटा में 58, अलवर में 48, बीकानेर में 47, हनुमानगढ़ में 23, टोंक में 16 और श्रीगंगानगर में 10 केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा दो पारियों में आयोजित होगी। पहली पारी सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक सामान्य हिंदी विषय की होगी। दूसरी पारी दोपहर 3 से शाम 5 बजे तक सामान्य ज्ञान और सामान्य विज्ञान के प्रश्नपत्र के लिए होगी। अभ्यर्थी 17 सितंबर से आयोग की आधिकारिक वेबसाइट और एसएसओ पोर्टल के माध्यम से अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकेंगे।
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परीक्षा शुरू होने से दो घंटे पहले केंद्र पर पहुंचना होगा
फर्जीवाड़े और डमी अभ्यर्थियों की रोकथाम के लिए बायोमीट्रिक जांच, थंब इंप्रेशन और फेस रिकग्निशन प्रणाली लागू की गई है। केंद्र में प्रवेश के समय एचएचएमडी के माध्यम से सघन जांच की जाएगी। मेटा ग्लासेज और ब्लूटूथ जैसे हाईटेक उपकरणों की रोकथाम के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से दो घंटे पहले केंद्र पर पहुंचना होगा। परीक्षा शुरू होने से 60 मिनट पहले प्रवेश द्वार पूरी तरह बंद कर दिए जाएंगे। इस बार ओएमआर शीट में अनुत्तरित प्रश्नों के लिए पांचवां विकल्प भरना अनिवार्य किया गया है। इसके लिए प्रत्येक पेपर में 10 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। पूर्व में बाहर किए गए अभ्यर्थियों पर एसओजी और एटीएस विशेष निगरानी रख रही हैं।
पेपर लीक के कारण रद्द हुई थी परीक्षा
इस भर्ती का विज्ञापन 3 फरवरी 2021 को जारी किया गया था। इसके लिए 7,97,000 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इसके बाद 13 से 15 सितंबर 2021 तक परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें 3,83,097 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। हालांकि, पेपर लीक होने के कारण परीक्षा रद्द कर दी गई थी। पुनः परीक्षा के लिए 8 मई 2025 को पहले केवल परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों को मौका देने का निर्णय लिया गया था। बाद में इस निर्णय में बदलाव करते हुए सभी पंजीकृत आवेदकों को पुनः परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दे दी गई।