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Jaipur: कवि-व्यंग्यकार फारुक आफरीदी को साहित्य सेवा के लिए मिला सुदर्श अवॉर्ड-2022
Thu, 09 Jun 2022 08:38 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Thu, 09 Jun 2022 08:38 PM IST
सार
जयपुर में हजरत ख्वाजा सूफी अब्दुल रज्जाक शाह के 10वें उर्स के अवसर पर फारुक आफरीदी को सुदर्श साहित्य अवार्ड-2022 से सम्मानित किया गया है।
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फारुक आफरीदी को सुदर्श साहित्य अवार्ड-2022 से सम्मानित किया गया है।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
वरिष्ठ कवि-व्यंग्यकार और मुख्यमंत्री के ओएसडी फारुक आफरीदी को सुदर्श साहित्य अवार्ड-2022 से सम्मानित किया गया है। हजरत ख्वाजा सूफी अब्दुल रज्जाक शाह के 10वें उर्स के अवसर पर भव्य समारोह में रज्जाक पब्लिक चेरिटेबल ट्रस्ट, जूनिया शरीफ, तहसील केकड़ी (अजमेर) की ओर से सम्मान दिया गया।
ख्वाजा गरीब नवाज अजमेर के सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती और दौसा की सांसद जसकौर मीना के सान्निध्य में हजरत सूफी डॉ. अब्दुल लतीफ शाह ने अवॉर्ड प्रदान किया। इस अवसर पर प्रतिष्ठित समाजसेवी राव आनंदसिंह और सूफी डॉ. अब्दुल हमीद ने आफरीदी को शॉल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट किया। उल्लेखनीय है कि आफरीदी का कविता संग्रह ‘शब्द कभी बांझ नहीं होते‘, दो व्यंग्य संग्रह ‘मीनमेख‘ और ‘धन्य है आम आदमी‘ तथा ‘सूचना का अधिकार‘ आदि पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। देश-विदेश की पत्र-पत्रिकाओं में इनकी रचनाएं प्रकाशित होती रही हैं।
फारुक आफरीदी ने कहा कि देश में अमन और शांति के लिए सूफीवाद ही एक मात्र माध्यम है, जो हमें जाति, धर्म, समाज, वर्ग से ऊपर उठकर सामाजिक सद्भाव की महान परम्परा को अक्षुण्ण बनाए रखने की प्रेरणा देता है। उर्स में देश के कोने-कोने से आए 10 हजार से अधिक जायरीन सम्मिलित हुए। इस मौके पर शांति एवं सद्भाव, शिक्षा, समाज सेवा एवं पर्यावरण संरक्षण, खेल, विज्ञान, चिकित्सा एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में योगदान करने वाले दस महानुभावों को सम्मानित किया गया।
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ख्वाजा गरीब नवाज अजमेर के सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती और दौसा की सांसद जसकौर मीना के सान्निध्य में हजरत सूफी डॉ. अब्दुल लतीफ शाह ने अवॉर्ड प्रदान किया। इस अवसर पर प्रतिष्ठित समाजसेवी राव आनंदसिंह और सूफी डॉ. अब्दुल हमीद ने आफरीदी को शॉल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट किया। उल्लेखनीय है कि आफरीदी का कविता संग्रह ‘शब्द कभी बांझ नहीं होते‘, दो व्यंग्य संग्रह ‘मीनमेख‘ और ‘धन्य है आम आदमी‘ तथा ‘सूचना का अधिकार‘ आदि पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। देश-विदेश की पत्र-पत्रिकाओं में इनकी रचनाएं प्रकाशित होती रही हैं।
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फारुक आफरीदी ने कहा कि देश में अमन और शांति के लिए सूफीवाद ही एक मात्र माध्यम है, जो हमें जाति, धर्म, समाज, वर्ग से ऊपर उठकर सामाजिक सद्भाव की महान परम्परा को अक्षुण्ण बनाए रखने की प्रेरणा देता है। उर्स में देश के कोने-कोने से आए 10 हजार से अधिक जायरीन सम्मिलित हुए। इस मौके पर शांति एवं सद्भाव, शिक्षा, समाज सेवा एवं पर्यावरण संरक्षण, खेल, विज्ञान, चिकित्सा एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में योगदान करने वाले दस महानुभावों को सम्मानित किया गया।
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