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Barmer: भाई की स्मृति में बहन ने बनाया हॉस्टल, गरीब बच्चों को मिलेगी बेहतर शिक्षा, सचिन पायलट करेंगे उद्घाटन

Fri, 05 May 2023 11:51 AM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेर Published by: अर्पित याज्ञनिक Updated Fri, 05 May 2023 11:51 AM IST
सार

पिता मंत्री हेमाराम चौधरी ने अपने दिवंगत बेटे की स्मृति में करोड़ों की जमीन दान की और बहन सुनीता ने अपने भाई वीरेंद्र चौधरी की याद में 25 करोड़ की लागत से भव्य हॉस्टल वीरेंद्र धाम बना दिया।

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Hostel built in Barmer at a cost of 25 crores in memory of Forest Minister Hemaram's son
हॉस्टल वीरेंद्र धाम - फोटो : Amar Ujala Digital

विस्तार

बहन ने अपने भाई की स्मृति में 25 करोड़ की लागत से अहमदाबाद के सरदार धाम की तर्ज पर 25 करोड़ की लागत से एक भव्य अत्याधुनिक हॉस्टल का निर्माण कर मिसाल पेश की है। तीन बीघा जमीन पर निर्मित इस हॉस्टल में गरीब और असहाय बच्चों के पढ़ने के लिए बेहतरीन व्यवस्थाएं की गई हैं। इसमें लिफ्ट से लेकर अटैच लैट-बाथ तक शामिल हैं। इसके उद्घाटन के लिए पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट को छह मई को बाड़मेर बुलाया है। साथ ही चुनावी माहौल में पायलट की बड़ी जनसभा भी रखी गई है।

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पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट करेंगे उद्घाटन
वन और पर्यावरण मंत्री हेमाराम चौधरी की बेटी सुनीता ने अपने भाई वीरेंद्र चौधरी की याद में यह हॉस्टल बनाया है। इसलिए इसका नाम भी वीरेंद्र धाम रखा है। खास बात यह है कि अहमदाबाद के सरदार धाम की तर्ज पर इसे बनाया गया है। कैबिनेट मंत्री के इकलौते बेटे की 2015 में मौत हो गई थी, इसके बाद उनकी बेटी सुनीता चौधरी ने भाई वीरेंद्र की याद में शिक्षा के जगत में गरीब बच्चों को पढ़ाने के लिए हॉस्टल बनाने की ठानी। इसके बाद अहमदाबाद का सरदार धाम विजिट कर वहां का आइडिया लेकर होस्टल का काम शुरू करवाया। छह मई को पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट को इसका उद्घाटन करने बुलाया गया है।
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कैंसर से हुई थी मंत्री के बेटे की मृत्यु
दरअसल कैबिनेट मंत्री हेमाराम चौधरी के बेटे वीरेंद्र चौधरी प्रोफेसर थे। 21 मार्च 2015 को कैंसर की बीमारी के कारण उनका देहांत हो गया था। इसके बाद मंत्री ने अपने बेटे की याद को चिरस्थायी बनाने के लिए करीब 30 करोड़ रुपए की जमीन वीरेंद्र मेमोरियल ट्रस्ट के नाम कर दी और बेटी सुनीता चौधरी ने भाई वीरेंद्र चौधरी की याद में गरीब बच्चों की पढाई के लिए वीरेंद्र धाम होस्टल बनाने के उद्देश्य से काम शुरू किया और आज उसी जमीन पर 25 करोड़ की लागत से वीरेंद्र धाम बनकर तैयार है।
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इन सुविधाओं से लेस है वीरेंद्र धाम हॉस्टल
पांच मंजिला वीरेन्द्र धाम में कुल 86 कमरे हैं। हर कमरे में अटैच लेट बाथ हैं। बाथरूम में गीजर भी है। कमरों में बेड, गद्दे, टेबल कुर्सी, कम्प्युटर टेबल इत्यादि सभी आधुनिक सुविधाएं है। छात्रावास की हर मंजिल पर बड़े-बड़े सेमिनार हॉल और लाइब्रेरी रूम हैं। आधुनिक किचन है, जिसमें रोटियां बनाने के लिए मशीन, होटल्स की तर्ज पर हॉट बुफे और डायनिंग हॉल में खाना खाने के लिए टेबल कुर्सी की व्यवस्था है। छात्रावास में सभी जाति वर्ग के जरूरतमंद और प्रतिभाशाली स्टूडेंट्स को वरीयता के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा।

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