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Dholpur: भारतीय सेना में तैनात हवलदार को नम आंखों से दी अंतिम विदाई, धौलपुर में अंतिम यात्रा में उमड़ा जन सैलाब
Tue, 11 Jul 2023 10:34 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धौलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धौलपुर
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Tue, 11 Jul 2023 10:34 PM IST
सार
हवलदार के पार्थिव शरीर को सेना के वाहन से बसेड़ी कस्बे के प्रमुख मार्गों से होते हुए उनके पैतृक आवास हवेली थोक ले जाया गया। यहां हवलदार की अंतिम यात्रा में लोग उमड़ पड़े।
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शहीद उपेंद्र सिंह को दी गई अंतिम विदाई।
- फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
भारतीय सेना में हवलदार के पद पर तैनात उपेंद्र सिंह परमार का बीमारी के चलते के ग्वालियर के मिलिट्री हॉस्पिटल में दस जुलाई को निधन हो गया। उपेंद्र सिंह भारतीय सेना में हवलदार के पद पर तैनात थे। हवलदार के पार्थिव शरीर को सेना के जवान धौलपुर जिले के बसेड़ी उपखंड के हवेली थोक लेकर पहुंचे। यहां हवलदार की अंतिम यात्रा में लोग उमड़ पड़े।
हवलदार के पार्थिव शरीर को सेना के वाहन से बसेड़ी कस्बे के प्रमुख मार्गों से होते हुए उनके पैतृक आवास हवेली थोक ले जाया गया। यहां हवलदार की अंतिम यात्रा में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा और लोगों के साथ विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा ने नम आंखों से श्रद्धांजलि दी। इस दौरान लोगों ने उपेंद्र सिंह अमर रहे के नारे लगाए गए। इसके साथ ही सैनिकों की टुकड़ी ने हवलदार को अंतिम सलामी दी।
जिले के बसेड़ी उपखंड के हवेली थोक के रहने वाले गिरेन्द्र सिंह परमार का सबसे बड़ा पुत्र उपेंद्र सिंह परमार करीब 22 साल पहले में भारतीय सेना में सैनिक के पद पर भर्ती हुए थे और प्रमोशन के बाद हवलदार बन गए थे। हवलदार उपेंद्र सिंह 60 दिन की छुट्टी लेकर अपने घर आए हुए थे। उपेंद्र सिंह के तीन बच्चे और पत्नी ग्वालियर में रहते हैं। उपेंद्र सिंह की तबीयत ख़राब होने पर उन्हें ग्वालियर के मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती कराया। यहां उपचार के दौरान दस जुलाई को उनकी मौत हो गई। मंगलवार को उपेंद्र सिंह के पार्थिव शरीर को सेना के जवान उनके पैतृक गांव लेकर पहुंचे तो उनके अंतिम दर्शन करने के लिए लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा।
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हवलदार के पार्थिव शरीर को सेना के वाहन से बसेड़ी कस्बे के प्रमुख मार्गों से होते हुए उनके पैतृक आवास हवेली थोक ले जाया गया। यहां हवलदार की अंतिम यात्रा में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा और लोगों के साथ विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा ने नम आंखों से श्रद्धांजलि दी। इस दौरान लोगों ने उपेंद्र सिंह अमर रहे के नारे लगाए गए। इसके साथ ही सैनिकों की टुकड़ी ने हवलदार को अंतिम सलामी दी।
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जिले के बसेड़ी उपखंड के हवेली थोक के रहने वाले गिरेन्द्र सिंह परमार का सबसे बड़ा पुत्र उपेंद्र सिंह परमार करीब 22 साल पहले में भारतीय सेना में सैनिक के पद पर भर्ती हुए थे और प्रमोशन के बाद हवलदार बन गए थे। हवलदार उपेंद्र सिंह 60 दिन की छुट्टी लेकर अपने घर आए हुए थे। उपेंद्र सिंह के तीन बच्चे और पत्नी ग्वालियर में रहते हैं। उपेंद्र सिंह की तबीयत ख़राब होने पर उन्हें ग्वालियर के मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती कराया। यहां उपचार के दौरान दस जुलाई को उनकी मौत हो गई। मंगलवार को उपेंद्र सिंह के पार्थिव शरीर को सेना के जवान उनके पैतृक गांव लेकर पहुंचे तो उनके अंतिम दर्शन करने के लिए लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा।
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