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राजस्थान: रूस में नौकरी का झांसा देकर 3.40 लाख की ठगी, दो साल के वर्क वीजा की जगह थमा दिया 16 दिन का ई-वीजा
Sat, 17 Oct 2026 02:44 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हनुमानगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हनुमानगढ़
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Sat, 17 Oct 2026 02:44 PM IST
सार
विदेश में नौकरी और मोटी सैलरी का सपना हनुमानगढ़ के विनोद कुमार के लिए परेशानी का सबब बन गया। रूस में नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे 3.40 लाख रुपये ऐंठने का आरोप है। दो साल के वर्क वीजा के बजाय 16 दिन का ई-वीजा मिलने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हनुमानगढ़ के टाउन थाना पुलिस ने अदालत के आदेश पर विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर 3.40 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की है। रूस में 80 हजार रुपये मासिक वेतन और दो साल के वर्क वीजा का झांसा देकर पीड़ित से यह राशि ऐंठी गई थी। पीड़ित विनोद कुमार (40) को दो साल के वर्क वीजा की जगह केवल 16 दिन का ई-वीजा थमा दिया गया, जिससे वहां पहुंचते ही वह ठगी का शिकार बन गए।
मॉस्को में नौकरी दिलाने का दिया था भरोसा
हनुमानगढ़ जंक्शन निवासी अमनदीप सिंह ने विनोद कुमार को मॉस्को में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। आरोपी ने हर महीने 80 हजार रुपये वेतन और दो साल का वर्क वीजा दिलाने की बात कही। इस झांसे में आकर विनोद की पत्नी सुमित्रा ने आरोपी अमनदीप सिंह को ऑनलाइन माध्यम से 3.40 लाख रुपये भेजे। इसके अतिरिक्त दिल्ली हवाई अड्डे पर राकेश नामक व्यक्ति को भी 15 हजार रुपये दिए गए।
रूस पहुंचने पर फ्लैट और जंगल के मकान में रखा
अप्रैल 2025 में जब विनोद रूस पहुंचे, तो उन्हें पहले नोवोसिबिर्स्क में दो दिन रुकना पड़ा। इसके बाद मॉस्को में सुमित नाम के व्यक्ति ने उन्हें एक फ्लैट और फिर जंगल में स्थित एक मकान में रखा।
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रूसी पुलिस ने पकड़ा तो सामने आई वीजा की सच्चाई
रूस में रहते हुए विनोद को न तो कोई रोजगार मिला और न ही नियमानुसार दस्तावेज दिए गए। कुछ दिनों बाद जब स्थानीय पुलिस ने विनोद को पकड़ा, तब वीजा की सच्चाई उजागर हुई। जांच में सामने आया कि आरोपी ने दो साल के वर्क वीजा के बजाय केवल 16 दिन का ई-वीजा दिया था।
भारत लौटकर अदालत में लगाई गुहार
इस घटनाक्रम के बाद पीड़ित 30 मई, 2025 को भारत वापस लौट आए। भारत लौटने के बाद पीड़ित ने अदालत का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद टाउन थाना पुलिस ने अमनदीप सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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मॉस्को में नौकरी दिलाने का दिया था भरोसा
हनुमानगढ़ जंक्शन निवासी अमनदीप सिंह ने विनोद कुमार को मॉस्को में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। आरोपी ने हर महीने 80 हजार रुपये वेतन और दो साल का वर्क वीजा दिलाने की बात कही। इस झांसे में आकर विनोद की पत्नी सुमित्रा ने आरोपी अमनदीप सिंह को ऑनलाइन माध्यम से 3.40 लाख रुपये भेजे। इसके अतिरिक्त दिल्ली हवाई अड्डे पर राकेश नामक व्यक्ति को भी 15 हजार रुपये दिए गए।
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रूस पहुंचने पर फ्लैट और जंगल के मकान में रखा
अप्रैल 2025 में जब विनोद रूस पहुंचे, तो उन्हें पहले नोवोसिबिर्स्क में दो दिन रुकना पड़ा। इसके बाद मॉस्को में सुमित नाम के व्यक्ति ने उन्हें एक फ्लैट और फिर जंगल में स्थित एक मकान में रखा।
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रूसी पुलिस ने पकड़ा तो सामने आई वीजा की सच्चाई
रूस में रहते हुए विनोद को न तो कोई रोजगार मिला और न ही नियमानुसार दस्तावेज दिए गए। कुछ दिनों बाद जब स्थानीय पुलिस ने विनोद को पकड़ा, तब वीजा की सच्चाई उजागर हुई। जांच में सामने आया कि आरोपी ने दो साल के वर्क वीजा के बजाय केवल 16 दिन का ई-वीजा दिया था।
भारत लौटकर अदालत में लगाई गुहार
इस घटनाक्रम के बाद पीड़ित 30 मई, 2025 को भारत वापस लौट आए। भारत लौटने के बाद पीड़ित ने अदालत का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद टाउन थाना पुलिस ने अमनदीप सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।