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हनुमानगढ़: सभापति चुनाव से पहले निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल गिरफ्तार, 23 साल पुराने मामले में कार्रवाई
Sun, 20 Sep 2026 07:10 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हनुमानगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हनुमानगढ़
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Sun, 20 Sep 2026 07:10 PM IST
सार
हनुमानगढ़ नगरपरिषद सभापति चुनाव से ठीक पहले निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल को 2003 के कथित फर्जी पट्टा मामले में सीआईडी-सीबी ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया।
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विधायक गणेशराज बंसल
- फोटो : Social Media
विस्तार
सीआईडी-सीबी और पुलिस की स्पेशल क्राइम ब्रांच की टीम ने बीकानेर जाते समय हनुमानगढ़ के निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल को हिरासत में लेने के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस टीम ने 23 वर्ष पुराने पट्टा मामले में यह कार्रवाई की है। इस मामले में विधायक और उनकी पत्नी सहित अन्य लोगों के खिलाफ हनुमानगढ़ जंक्शन थाने में दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज हैं। नगरपरिषद के सभापति चुनाव से ठीक पहले हुई इस कार्रवाई से पूरे हनुमानगढ़ में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
चुनाव से ठीक पहले हुई गिरफ्तारी
सीआईडी-सीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सतपाल सिंह ने विधायक और उनकी पत्नी को नोटिस देकर मामले में अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया था। इसके बाद बीकानेर जाते समय टीम ने उन्हें हिरासत में लिया। रिपोर्टों के अनुसार पूछताछ के बाद विधायक को गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब हनुमानगढ़ नगरपरिषद में सभापति पद के चुनाव की तैयारियां चल रही हैं।
60 वार्डों के नतीजों ने बढ़ाई हलचल
नगरपरिषद के 60 वार्डों के चुनाव परिणाम में भाजपा ने 15 और कांग्रेस ने 10 सीटें जीती हैं। विधायक समर्थित निर्दलीय पार्षदों की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में 32 से 34 का उल्लेख है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार बंसल खेमे ने मंजू रणवां को सभापति पद का उम्मीदवार बनाया है और चुनाव 21 सितंबर को प्रस्तावित है।
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2003 के पट्टा मामले से जुड़ी कार्रवाई
रिपोर्टों के मुताबिक मामला वर्ष 2003 में जारी किए गए कथित फर्जी पट्टों और जमीन से जुड़े विवाद से संबंधित है। इस मामले में गणेशराज बंसल, उनकी पत्नी संतोष बंसल और अन्य लोगों के खिलाफ दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। अमर उजाला की 18 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार दोनों मामलों में जमीन खरीद में कथित गड़बड़ी और धोखाधड़ी के आरोपों को लेकर केस दर्ज किए गए थे।
गिरफ्तारी के बाद समर्थकों का प्रदर्शन
विधायक को हिरासत में लिए जाने की खबर फैलते ही उनके समर्थकों, निर्दलीय पार्षदों और व्यापारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। समर्थकों ने अग्रसेन भवन में सभा के बाद पैदल मार्च निकाला और जंक्शन पुलिस थाने का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक कार्रवाई के जरिए दबाव बनाने का आरोप लगाया। हालांकि ये आरोप प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए हैं।
अधिकारियों के आश्वासन पर खत्म हुआ घेराव
तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए पुलिस ने बैरिकेडिंग कर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया। इसके बाद उपजिलाधिकारी रवि कुमार और पुलिस उपअधीक्षक मीनाक्षी सहारण ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। अधिकारियों ने सभापति और उपसभापति चुनाव निष्पक्ष तरीके से कराने तथा किसी पार्षद को परेशान नहीं करने का आश्वासन दिया। इसके बाद समर्थकों ने थाने का घेराव समाप्त कर दिया।
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चुनाव से ठीक पहले हुई गिरफ्तारी
सीआईडी-सीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सतपाल सिंह ने विधायक और उनकी पत्नी को नोटिस देकर मामले में अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया था। इसके बाद बीकानेर जाते समय टीम ने उन्हें हिरासत में लिया। रिपोर्टों के अनुसार पूछताछ के बाद विधायक को गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब हनुमानगढ़ नगरपरिषद में सभापति पद के चुनाव की तैयारियां चल रही हैं।
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60 वार्डों के नतीजों ने बढ़ाई हलचल
नगरपरिषद के 60 वार्डों के चुनाव परिणाम में भाजपा ने 15 और कांग्रेस ने 10 सीटें जीती हैं। विधायक समर्थित निर्दलीय पार्षदों की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में 32 से 34 का उल्लेख है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार बंसल खेमे ने मंजू रणवां को सभापति पद का उम्मीदवार बनाया है और चुनाव 21 सितंबर को प्रस्तावित है।
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2003 के पट्टा मामले से जुड़ी कार्रवाई
रिपोर्टों के मुताबिक मामला वर्ष 2003 में जारी किए गए कथित फर्जी पट्टों और जमीन से जुड़े विवाद से संबंधित है। इस मामले में गणेशराज बंसल, उनकी पत्नी संतोष बंसल और अन्य लोगों के खिलाफ दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। अमर उजाला की 18 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार दोनों मामलों में जमीन खरीद में कथित गड़बड़ी और धोखाधड़ी के आरोपों को लेकर केस दर्ज किए गए थे।
गिरफ्तारी के बाद समर्थकों का प्रदर्शन
विधायक को हिरासत में लिए जाने की खबर फैलते ही उनके समर्थकों, निर्दलीय पार्षदों और व्यापारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। समर्थकों ने अग्रसेन भवन में सभा के बाद पैदल मार्च निकाला और जंक्शन पुलिस थाने का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक कार्रवाई के जरिए दबाव बनाने का आरोप लगाया। हालांकि ये आरोप प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए हैं।
अधिकारियों के आश्वासन पर खत्म हुआ घेराव
तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए पुलिस ने बैरिकेडिंग कर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया। इसके बाद उपजिलाधिकारी रवि कुमार और पुलिस उपअधीक्षक मीनाक्षी सहारण ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। अधिकारियों ने सभापति और उपसभापति चुनाव निष्पक्ष तरीके से कराने तथा किसी पार्षद को परेशान नहीं करने का आश्वासन दिया। इसके बाद समर्थकों ने थाने का घेराव समाप्त कर दिया।