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राजस्थान: लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के 5-5 लाख के 2 इनामी शूटर जोधपुर में गिरफ्तार, प्रमुख कारोबारी था निशाना
Sun, 20 Sep 2026 08:23 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Sun, 20 Sep 2026 08:23 PM IST
सार
जोधपुर में राजस्थान पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने लॉरेंस बिश्नोई और अनमोल आरजू गिरोह से जुड़े दो इनामी शूटरों को गिरफ्तार किया है। दोनों पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम था और पुलिस के अनुसार वे एक कारोबारी को निशाना बनाने की तैयारी में थे।
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अपराध
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजस्थान पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और अनमोल आरजू गिरोह के दो इनामी शार्प शूटरों को शहर में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने से पहले गिरफ्तार कर लिया।
नाकेबंदी में हथियारों के साथ दबोचे
पकड़े गए दोनों बदमाशों पर पुलिस मुख्यालय की ओर से पांच-पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दोनों शूटरों को नाकेबंदी के दौरान हथियारों के साथ पकड़ा। प्राथमिक पूछताछ में पुलिस के सामने यह बात आई है कि दोनों बदमाश जोधपुर के एक प्रमुख कारोबारी को निशाना बनाने की साजिश रच रहे थे। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से अवैध हथियार और कारतूस भी बरामद किए गए।
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे। इनके खिलाफ राजस्थान के अलावा अन्य राज्यों में भी कई वारदातों से जुड़े मामले होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर उनके नेटवर्क और पूर्व की आपराधिक गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
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लॉरेंस और अनमोल आरजू के संपर्क में थे
पुलिस के मुताबिक दोनों शूटर विदेश में बैठे गैंगस्टर अनमोल आरजू और लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के सीधे संपर्क में थे। आरोप है कि दोनों गिरोह के निर्देश पर रंगदारी वसूलने और लक्षित हमलों जैसी आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देते थे।
जांच में सामने आया है कि आरोपियों को जोधपुर में एक व्यापारी से रकम ऐंठने और उस पर हमला करने का काम सौंपा गया था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कारोबारी की रेकी कब से की जा रही थी और इस साजिश में इनके साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे।
मोबाइल और सिम की फॉरेंसिक जांच
पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी बरामद किए हैं। इन उपकरणों की फॉरेंसिक जांच करवाई जा रही है। जांच के जरिए पुलिस आरोपियों के संपर्क में रहे लोगों और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है।
दोनों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस उन्हें स्थानीय अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की मांग करेगी। रिमांड के दौरान पुलिस हथियारों के स्रोत, संभावित वारदात और गिरोह के नेटवर्क से जुड़े पहलुओं पर पूछताछ करेगी।
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नाकेबंदी में हथियारों के साथ दबोचे
पकड़े गए दोनों बदमाशों पर पुलिस मुख्यालय की ओर से पांच-पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दोनों शूटरों को नाकेबंदी के दौरान हथियारों के साथ पकड़ा। प्राथमिक पूछताछ में पुलिस के सामने यह बात आई है कि दोनों बदमाश जोधपुर के एक प्रमुख कारोबारी को निशाना बनाने की साजिश रच रहे थे। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से अवैध हथियार और कारतूस भी बरामद किए गए।
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पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे। इनके खिलाफ राजस्थान के अलावा अन्य राज्यों में भी कई वारदातों से जुड़े मामले होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर उनके नेटवर्क और पूर्व की आपराधिक गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
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लॉरेंस और अनमोल आरजू के संपर्क में थे
पुलिस के मुताबिक दोनों शूटर विदेश में बैठे गैंगस्टर अनमोल आरजू और लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के सीधे संपर्क में थे। आरोप है कि दोनों गिरोह के निर्देश पर रंगदारी वसूलने और लक्षित हमलों जैसी आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देते थे।
जांच में सामने आया है कि आरोपियों को जोधपुर में एक व्यापारी से रकम ऐंठने और उस पर हमला करने का काम सौंपा गया था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कारोबारी की रेकी कब से की जा रही थी और इस साजिश में इनके साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे।
मोबाइल और सिम की फॉरेंसिक जांच
पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी बरामद किए हैं। इन उपकरणों की फॉरेंसिक जांच करवाई जा रही है। जांच के जरिए पुलिस आरोपियों के संपर्क में रहे लोगों और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है।
दोनों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस उन्हें स्थानीय अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की मांग करेगी। रिमांड के दौरान पुलिस हथियारों के स्रोत, संभावित वारदात और गिरोह के नेटवर्क से जुड़े पहलुओं पर पूछताछ करेगी।