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घड़साना: सिंचाई पानी की मांग पर किसानों का प्रदर्शन, पंचायत चुनाव के बहिष्कार का एलान
Thu, 01 Oct 2026 03:05 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, घड़साना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, घड़साना
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Thu, 01 Oct 2026 03:05 PM IST
सार
घड़साना में सिंचाई पानी की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन 22वें दिन भी जारी रहा। जन आक्रोश सभा में किसानों ने मांगें पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने के साथ सरकारी कामकाज ठप करने, ग्राम पंचायतों में तालाबंदी और पंचायती राज चुनावों के बहिष्कार का एलान किया। किसानों ने ‘पानी नहीं तो वोट नहीं’ का नारा भी दिया।
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घड़साना में आंदोलन कर रहे किसान
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
उपखंड कार्यालय के बाहर सिंचाई के पानी की उपलब्धता और चार सूत्री मांगों को लेकर किसानों का आंदोलन 22वें दिन भी जारी रहा। इस अवसर पर जन आक्रोश सभा में किसानों ने आंदोलन को और तेज करते हुए सरकारी कामकाज ठप करने और पंचायती राज चुनावों का पूर्ण बहिष्कार करने की घोषणा की। घड़साना उपखंड कार्यालय के समक्ष हुई इस विशाल सभा में हजारों की संख्या में किसान एकत्रित हुए, जबकि पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी बैरिकेडिंग के पीछे मौजूद रहे।
पंचायत चुनाव बहिष्कार और तालाबंदी का एलान
जन आक्रोश सभा में किसान नेता नरेंद्र मान ने स्पष्ट किया कि जब तक पानी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता और उनकी सभी मांगों पर त्वरित कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक यह प्रदर्शन अनवरत चलता रहेगा। रणनीति के तहत किसानों ने क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में तालाबंदी करने और पंचायती राज चुनावों का पूरी तरह बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। आंदोलनकारी किसान 'पानी नहीं तो वोट नहीं' के नारे के साथ सरकार द्वारा जारी रेगुलेशन की प्रतियां जलाकर विरोध प्रकट करेंगे। इसी कड़ी में खानूवाली की ग्राम पंचायत 17 केएनडी में भी सिंचाई पानी के गंभीर संकट के विरोध में सरपंच पद के प्रत्याशियों और स्थानीय ग्रामीणों ने आगामी पंचायती राज चुनावों का सामूहिक बहिष्कार कर दिया है।
आंदोलन के अगले चरण का खाका
जन आंदोलन को व्यापक रूप देने के लिए किसान संगठनों ने क्रमबद्ध विरोध प्रदर्शनों की समय सारिणी तैयार की है। किसान नेता नरेंद्र मान के अनुसार 3 अक्तूबर को रावला तहसील परिसर में कामकाज पूर्णतः बंद करवाकर विशाल सभा आयोजित की जाएगी। इसके बाद 7 अक्तूबर को 365 हेड उपतहसील में प्रशासनिक कार्य ठप कर किसान सभा होगी। आंदोलन के तीसरे चरण में 10 अक्तूबर को खाजूवाला में विशाल किसान सभा के आयोजन की घोषणा की गई है। आंदोलन के दौरान अपनी मांगों की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए किसान विभिन्न माध्यमों से विरोध प्रकट कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी किसान अर्धनग्न होकर भी अपना विरोध दर्ज करवा रहे हैं।
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पानी की किल्लत से फसलें प्रभावित
खानूवाली क्षेत्र की 17 केएनडी ग्राम पंचायत में चुनाव बहिष्कार का निर्णय लेते हुए ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं उठाईं। किसानों का कहना है कि नहरों में पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण उनकी फसलें पूरी तरह प्रभावित हो रही हैं और उन्हें भारी नुकसान हो रहा है। ऐसी स्थिति में महज चुनाव कराने से काश्तकारों की समस्याओं का समाधान संभव नहीं है।
ग्रामीणों ने सिंचाई पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्थायी व्यवस्था बनाने की मांग की। इस दौरान ग्रामीणों ने 'पानी नहीं तो चुनाव नहीं', 'किसान एकता जिंदाबाद' और 'नहरों में पानी दो, किसानों की फसल बचाओ' जैसे नारे लगाए। किसानों ने स्पष्ट किया कि जब तक सिंचाई पानी की मांग पर ठोस निर्णय नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
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पंचायत चुनाव बहिष्कार और तालाबंदी का एलान
जन आक्रोश सभा में किसान नेता नरेंद्र मान ने स्पष्ट किया कि जब तक पानी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता और उनकी सभी मांगों पर त्वरित कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक यह प्रदर्शन अनवरत चलता रहेगा। रणनीति के तहत किसानों ने क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में तालाबंदी करने और पंचायती राज चुनावों का पूरी तरह बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। आंदोलनकारी किसान 'पानी नहीं तो वोट नहीं' के नारे के साथ सरकार द्वारा जारी रेगुलेशन की प्रतियां जलाकर विरोध प्रकट करेंगे। इसी कड़ी में खानूवाली की ग्राम पंचायत 17 केएनडी में भी सिंचाई पानी के गंभीर संकट के विरोध में सरपंच पद के प्रत्याशियों और स्थानीय ग्रामीणों ने आगामी पंचायती राज चुनावों का सामूहिक बहिष्कार कर दिया है।
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आंदोलन के अगले चरण का खाका
जन आंदोलन को व्यापक रूप देने के लिए किसान संगठनों ने क्रमबद्ध विरोध प्रदर्शनों की समय सारिणी तैयार की है। किसान नेता नरेंद्र मान के अनुसार 3 अक्तूबर को रावला तहसील परिसर में कामकाज पूर्णतः बंद करवाकर विशाल सभा आयोजित की जाएगी। इसके बाद 7 अक्तूबर को 365 हेड उपतहसील में प्रशासनिक कार्य ठप कर किसान सभा होगी। आंदोलन के तीसरे चरण में 10 अक्तूबर को खाजूवाला में विशाल किसान सभा के आयोजन की घोषणा की गई है। आंदोलन के दौरान अपनी मांगों की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए किसान विभिन्न माध्यमों से विरोध प्रकट कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी किसान अर्धनग्न होकर भी अपना विरोध दर्ज करवा रहे हैं।
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पानी की किल्लत से फसलें प्रभावित
खानूवाली क्षेत्र की 17 केएनडी ग्राम पंचायत में चुनाव बहिष्कार का निर्णय लेते हुए ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं उठाईं। किसानों का कहना है कि नहरों में पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण उनकी फसलें पूरी तरह प्रभावित हो रही हैं और उन्हें भारी नुकसान हो रहा है। ऐसी स्थिति में महज चुनाव कराने से काश्तकारों की समस्याओं का समाधान संभव नहीं है।
ग्रामीणों ने सिंचाई पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्थायी व्यवस्था बनाने की मांग की। इस दौरान ग्रामीणों ने 'पानी नहीं तो चुनाव नहीं', 'किसान एकता जिंदाबाद' और 'नहरों में पानी दो, किसानों की फसल बचाओ' जैसे नारे लगाए। किसानों ने स्पष्ट किया कि जब तक सिंचाई पानी की मांग पर ठोस निर्णय नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।