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Rajasthan: विश्व की सबसे ऊंची भारत माता की प्रतिमा का शिलान्यास, शेखावत बोले- 21वीं शताब्दी भारत की होगी
Sun, 27 Nov 2022 08:58 PM IST
उदित दीक्षित
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, पाली
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, पाली
Published by: उदित दीक्षित
Updated Sun, 27 Nov 2022 08:58 PM IST
सार
कंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि आप इतिहास उठाकर देख लीजिए, जब भारत की धर्मसत्ता ने राजसत्ता का मार्गदर्शन किया है। भारत का उत्थान हुआ है। जब-जब भी धर्मसत्ता और राजसत्ता के बीच में दीवारें खड़ी हुई है। भारत पतन की ओर गया है।
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केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पाली पहुंचे थे।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि विविधताओं से भरे इस देश को एक रखने का मुख्य कारक भारत माता का विचार है। यह विचार ही देश को कश्मीर से कन्याकुमारी तक एक सूत्र में बांधे हुए है। भारतीय संस्कृति इसलिए भी सनातन रही क्योंकि इसे सदैव संतों का मार्गदर्शन मिलता रहा है।
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केंद्रीय मंत्री शेखावत रविवार को पाली जिले के तखतगढ़ पीठ में आश्रम के उद्घाटन और भारत माता की विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा के शिलान्यास समारोह में बोले रहे थे। इस दौरान शेखावत ने कहा, विश्व में अनेक सभ्यताएं आई और काल के थपेड़े खाकर समाप्त हो गई, लेकिन सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति आज भी अक्षुण्य है, क्योंकि इसे सनातन बनाए रखने में लाखों संतों ने अपना जीवन समर्पित किया है।
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उन्होंने कहा भारत विविधताओं से भरा देश है, लेकिन यहां कुछ कारक ऐसे भी हैं, जो इसे एकता के सूत्र में बांधते हैं। इनमें से प्रमुख है- भारत माता का विचार, यह विचार ही देश को एकता के सूत्र में बांधकर रखता है। इस विचार ने देश को कश्मीर से कन्याकुमारी तक एक डोर में बांधकर रखा है। आज देश जिस मुकाम पर है, ऐसा नहीं है कि वह आठ साल में ही हुआ।
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ऐसा पहले भी हो सकता था, यदि देश को नरेंद्र मोदी जैसा नेतृत्व पहले ही मिल गया होता। आज भारत, भारतीयता और भारतीयों के सम्मान की विश्व में पुन: स्थापना हुई है। भारत की संस्कृति, योग, गाय और मोटा अनाज खाने की परंपरा को पूरा विश्व मान रहा है। केंद्र सरकार ने साल 2018 में देश में मोटे अनाज का वर्ष मनाया था। अब संयुक्त राष्ट्र ने भी इसे घोषित किया है।
केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि भारत के उदय को अब कोई नहीं रोक सकता। जिस तरह 19वीं शताब्दी यूरोप की थी, बीसवीं अमेरिका की थी। अब 21वीं शताब्दी भारत की होगी। इसे कोई नकार नहीं सकता। उन्होंने कहा कि हम जीवन में कोई भी काम करें, कहीं भी रहें। हमारे मन में यह संकल्प रहना चाहिए कि मैं जिस भी भूमिका में काम करूं देश को आगे बढ़ाने के लिए करूंगा।
शेखावत ने कहा कि आप इतिहास उठाकर देख लीजिए, जब भारत की धर्मसत्ता ने राजसत्ता का मार्गदर्शन किया है। भारत का उत्थान हुआ है। जब-जब भी धर्मसत्ता और राजसत्ता के बीच में दीवारें खड़ी हुई है। भारत पतन की ओर गया है। उन्होंने कहा कि इस आश्रम के संत अभयदास जी ने जो मिशन हाथ में लिया है, यह निश्चित रूप से मारवाड़ में राष्ट्र भक्ति का संचार करेगा।
इस मौके पर शेखावत ने योग व वेलनेस सेंटर और स्किल डवलपमेंट सेंटर का शिलान्यास भी किया गया। कार्यक्रम में योगगुरु बाबा रामदेव, ऋषिकेष के परमार्थ आश्रम के स्वामी चिदानंद महाराज, आचार्य निर्भयदास जी महाराज, संत लोकेशपुरी, स्वामी अविचलदास महाराज, स्वामी रवींद्र पुरी, महेंद्र सिंह, केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी, सांसद पीपी चौधरी सहित कई विधायक और साधु-संत भी मौजूद थे।