भूख हड़ताल पर बैठे पूर्व विधायक ने तोड़ा दम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजस्थान में पूणत: शराब बंदी व मजबूत लोकायुक्त के लिए 33 दिन से अनशन कर रहे पूर्व विधायक गुरूशरण छाबड़ा का मंगलवार तड़के निधन हो गया।
गांधी जयंती से शुरू किए गए अनशन के दौरान तबीयत बिगड़ने के बाद दस दिन पूर्व उन्हें जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। छाबड़ा के परिवार ने उनके देह दान की घोषणा की है।
उनके निधन पर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट व पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने शोक व्यक्त किया है। पायलट, गहलोत सहित विपक्ष ने सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया है।
'व्यर्थ नहीं जाएगा त्याग'
छाबड़ा के बेटे गौरव ने कहा कि उनके पिता का त्याग व्यर्थ नहीं जाएगा, आंदोलन जारी रहेगा। चिकित्सा मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि करीब 70 वर्षीय छाबड़ा का निधन लंग्स में डीप थ्रोम्बोसिस के कारण हुआ।
निधन के बाद प्रदेश सरकार के कई मंत्री, नेता सहित बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंच गए और उन्हें श्रद्धांजलि दी।
वर्ष 1977 में छाबड़ा जनता पार्टी के टिकट पर सूरतगढ़ से विधायक चुने गए थे। उन्होंने गोकुल भाई भट्ट के साथ मिलकर प्रदेश में संपूर्ण शराबबंदी को लेकर लम्बा आंदोलन भी चलाया था।