Dholpur: बजरी माफिया और पुलिस के बीच मुठभेड़, दो ट्रैक्टर ट्रॉली पकड़ीं, एक बजरी माफिया राउंडअप
धौलपुर में शनिवार को ईद उल फितर के कार्यक्रम का जायजा लेकर लौट रहे पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार का मचकुंड रोड पर बजरी माफिया से आमना-सामना हो गया। पुलिस के जवानों ने एक बजरी माफिया को हिरासत में लेकर दो ट्रैक्टर ट्रॉली बरामद किए हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार ने बताया शनिवार को ईद उल फितर कार्यक्रम का शहर के इलाकों में निरीक्षण कर लौट रहा था। इसी दौरान मचकुंड रोड पर कुछ बजरी माफिया ट्रैक्टर ट्रॉली समेत तेज रफ्तार में दौड़ रहे थे। पुलिस ने जब रोकने का प्रयास किया तो भागने लगे। उन्होंने बताया डीएसटी टीम एवं कोतवाली थाना पुलिस को मौके पर बुलाया गया। सीओ सिटी सुरेश सांखला को साथ लेकर बजरी माफिया का पीछा किया। इस दौरान बजरी माफिया ने पुलिस की गाड़ियों को टक्कर मारने की भी कोशिश की। करीब 15 किलोमीटर का पीछा कर मोरौली गांव के पास बजरी माफिया ट्रैक्टर ट्रॉली को लेकर खेतों में होकर फरार होने लगे। पुलिस के जवानों ने साहस का परिचय देते हुए ट्रॉली के टायरों में गोली मार दी। उन्होंने बताया कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक बजरी माफिया को हिरासत में लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रतिबंधित चंबल बजरी से भरे दो ट्रैक्टर ट्रॉली को भी बरामद किया है। पुलिस की कार्रवाई से तीन बजरी माफिया मौके से फरार हो गए। जिनकी पुलिस तलाश कर रही है। हिरासत में लिए गए बजरी माफिया से पुलिस ने पूछा शुरू कर दी है। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बजरी परिवहन रोकना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती
बजरी परिवहन पर अंकुश लगाना जिला पुलिस के लिए बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। बजरी परिवहन धौलपुर जिले में संगठित अपराध का रूप ले चुका है। बेखोफ बजरी माफिया आमजन के साथ पुलिस पर भी हमला करने से नहीं चूकते हैं। जिले के नेशनल हाईवे समेत अधिकांश सड़क मार्गों पर फर्राटे से दौड़ते बजरी माफिया दुर्घटनाएं कर आमजन की जान पर भारी पड़ रहे हैं। पुलिस विभाग द्वारा समय-समय पर कार्यवाही भी की जाती है। लेकिन कुछ दिन बजरी परिवहन रुकने के साथ बजरी माफिया फिर से उसी रफ्तार पर शुरू हो जाते हैं।
कार्रवाई में परिवहन एवं वन विभाग का नहीं मिल रहा सहयोग
सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रतिबंधित चंबल बजरी की रोकथाम के लिए पांच विभागों की टीम गठित की गई है, जिसमें पुलिस, खनिज विभाग, वन विभाग, परिवहन विभाग एवं प्रशासनिक अधिकारी शामिल हैं। लेकिन कार्रवाई सिर्फ पुलिस को करनी पड़ रही है। जिले में अधिकांश कार्रवाईयों में पुलिस की भूमिका सक्रिय रही है। अन्य विभाग ऑफिस एवं दफ्तरों में बैठकर ही खानापूर्ति करते रहते हैं।