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Rajasthan: डीजीपी उमेश मिश्रा बोले- देशभर के अपराध में राजस्थान का 10वां नम्बर, यूपी पहले और एमपी चौथे नंबर पर
Mon, 14 Aug 2023 05:42 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजस्थान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजस्थान
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Mon, 14 Aug 2023 05:42 PM IST
सार
डीजीपी ने कहा इसे राजस्थान पुलिस की प्रो पुलिसिंग कहें या संवेदनशीलता कहें, पुलिस तत्काल कार्रवाई कर अपराधियों को पकड़ने का काम करती है।
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प्रेसवार्ता करते डीजीपी उमेश मिश्रा।
- फोटो : Amar Ujala Digital
विस्तार
राजस्थान पुलिस डीजीपी उमेश मिश्रा ने जयपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में प्रेसवार्ता बुलाई। डीजीपी ने अपराध के आंकड़ों का ब्यौरा रखते हुए कहा कि प्रदेश में अभी 45 प्रतिशत रेप के मामले में झूठे पाए जा रहे हैं और उसमें एफआर लगानी पड़ रही है।
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पुलिस महानिदेशक उमेश मिश्रा बोले- कुल दर्ज एफआईआर और वास्तविक अपराध की संख्या में अंतर होता है। एनसीआरबी ने भी इस बात को अपनी रिपोर्ट में लिखा है। यदि एफआर के मामलों को हटा दिया जाए, तो अपराधों के मामले में राजस्थान देश में 10वें नंबर पर है, जबकि टॉप नंबर पर उत्तर प्रदेश का स्थान है और मध्य प्रदेश चौथे स्थान पर आता है।
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उन्होंने कहा कि अपराध होते हैं। मैं उसके कारणों के विश्लेषण या दार्शनिक दृष्टिकोण में नहीं जाऊंगा। अपराध होने के बाद कितना जल्द FIR दर्ज हुई। पुलिस ने एक्शन लिया, अपराधी गिरफ्तार हुए और उन्हें सजा दिलवाई गई, यह महत्वपूर्ण है। जो पुलिस कर सकती है और वह कर रही है। डीजीपी ने कहा इसे राजस्थान पुलिस की प्रो पुलिसिंग कहें या संवेदनशीलता कहें, पुलिस तत्काल कार्रवाई कर अपराधियों को पकड़ने का काम करती है।
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12 अपराधियों की संपत्ति की ध्वस्त
डीजीपी उमेश मिश्रा ने तमाम एडीजीपी और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में पुलिस मुख्यालय पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि सीएम अशोक गहलोत के निर्देश अनुसार प्रदेश की कानून व्यवस्था को बनाए रखने में विभिन्न कदम उठाए गए हैं। उनमें हार्डकोर अपराधियों, माफियाओं, अपराधिक गैंग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। हमने 12 अपराधियों की संपत्तियों को ध्वस्त किया है। यह पाया गया है की संपत्तियों की लिस्टिंग करने और उसे पर कार्रवाई करने से अपराधियों पर अच्छा नियंत्रण होता है।
साल 2023 में 1036 अपराधियों, 67 भगोड़े और 9778 स्थाई वारंटियों को गिरफ्तार किया गया है। पिछले वर्षों की तुलना में अपराध में मामूली अंतर आया है। राजपाशा के तहत 73 इस्तगासे पेश कर नौ लोगों को निरुद्ध कराया गया है। संगठित अपराधियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है। 2023 में प्रदेश में कुल 1073 इनामी अपराधियों को गिरफ्तार किया है। हाल ही सरकार ने कुछ नए कानून बनाए हैं। जब वो अस्तित्व में आएंगे, तो निश्चित रूप से पुलिस को कार्रवाई करने में और अधिक मदद मिलेगी।
मादक पदार्थों और तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई
डीजीपी बोले कि गश्त में अधिकारियों को सक्रियता से भाग लेने के निर्देश मुख्यालय ने दिए गए हैं। इस प्रक्रिया से निश्चित तौर पर निचले स्तर तक अधिकारियों में सतर्कता बढ़ रही है। पुलिस की सतर्कता के चलते प्रदेश में मादक पदार्थों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने 20.450 किलोग्राम हीरोइन, 24 किलोग्राम अफीम, 9400 किलोग्राम स्मैक, 568 किलोग्राम गांजा, 1400 किलोग्राम डोडा चूरा और 100 ग्राम चरस बरामद कर 56 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।
इस्तगासे से दर्ज होने वाले महिला अपराधों, रेप के मामलों में कमी आई
डीजीपी ने बताया कि पहले महिलाओं से जुड़े अपराध में दुष्कर्म के मामले कोर्ट के माध्यम से इस्तगासे से बड़ी संख्या में दर्ज होते थे, उसमें कमी आई है। अब यह प्रतिशत 14.13 ही रह गया है। प्रदेश में मनचलों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई शुरू की गई है और उसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। ऑपरेशन गरिमा की यह कार्रवाई आगामी समय में भी जारी रहेगी।