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दौसा: राष्ट्रीय लोक अदालत में 4713 प्रकरणों का निस्तारण, 10.15 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का सेटलमेंट

Sat, 10 Oct 2026 08:09 PM IST
दौसा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा Published by: दौसा ब्यूरो Updated Sat, 10 Oct 2026 08:09 PM IST
सार

दौसा जिले में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में हजारों मामलों का समाधान हुआ। शनिवार को हुई वर्ष 2026 की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी समझाइश और राजीनामे के जरिए 4713 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। इस दौरान करीब 10.15 करोड़ रुपये की राशि का सेटलमेंट हुआ। जिले में कुल 10 बेंचों के माध्यम से अलग-अलग श्रेणियों के मामलों का निस्तारण किया गया।
 

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4,713 cases resolved at the National Lok Adalat; settlement amount exceeds ₹10.15 crore.
दौसा लोक अदालत में पेश किए प्रकरण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दौसा में शनिवार को आयोजित वर्ष 2026 की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत में बड़ी सफलता मिली। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित इस लोक अदालत में आपसी समझाइश और राजीनामे के जरिए कुल 4713 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। इस दौरान करीब 10 करोड़ 15 लाख 29 हजार 549 रुपये की राशि का सेटलमेंट हुआ। इसके अलावा बड़ी संख्या में प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का भी समाधान किया गया।

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जिले में 10 बेंचों का गठन
जिला एवं सेशन न्यायाधीश केशव कौशिक के निर्देशन में लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए जिले में कुल 10 लोक अदालत बेंचों का गठन किया गया। इनमें दौसा मुख्यालय पर तीन तथा बांदीकुई, लालसोट, महवा एवं सिकराय तालुका में सात बेंच गठित की गईं। इन बेंचों के माध्यम से अलग-अलग श्रेणियों के मामलों की सुनवाई करते हुए पक्षकारों को आपसी सहमति से विवाद सुलझाने के लिए प्रेरित किया गया।
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दौसा मुख्यालय पर प्रथम बेंच में विशिष्ट न्यायाधीश नम्रता पारीक, अधिवक्ता जितेन्द्र कुमार शर्मा एवं स्थाई लोक अदालत के सदस्य सुरेश कुमार गोयल शामिल रहे। द्वितीय बेंच में वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश माधवी गोस्वामी तथा अधिवक्ता मुकुट बिहारी शर्मा रहे। तृतीय बेंच में सचिव संतोष अग्रवाल, तहसीलदार गजानंद मीणा एवं अधिवक्ता हरचंदा मीना ने पक्षकारों के मध्य समझाइश कर प्रकरणों का निस्तारण किया। इस दौरान जिला अभिभाषक संघ के अध्यक्ष कुंज बिहारी शर्मा सहित बार के सदस्यों का भी पूर्ण सहयोग रहा।
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फौजदारी से लेकर पारिवारिक विवादों तक का समाधान
लोक अदालत में राजीनामा योग्य फौजदारी प्रकरणों, एनआई एक्ट की धारा 138 के मामलों, बैंक ऋण वसूली, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, पारिवारिक विवाद, श्रम एवं नियोजन संबंधी विवाद और भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों का निस्तारण किया गया।

इसके अलावा बिजली-पानी के बिलों से संबंधित प्रकरणों, राजस्व मामलों तथा किराया, सुखाधिकार, निषेधाज्ञा, क्षतिपूर्ति एवं विनिर्दिष्ट पालना से जुड़े विभिन्न प्रकार के सिविल मामलों को भी आपसी सहमति के आधार पर सुलझाया गया। लोक अदालत में अलग-अलग श्रेणियों के मामलों के निस्तारण से संबंधित पक्षकारों को राहत मिली।


आपसी सहमति से विवाद सुलझाने पर जोर
बेंच के अध्यक्ष एवं सदस्यों ने पक्षकारों को आपसी संवाद और सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए प्रेरित किया। बड़ी संख्या में पक्षकारों ने उपस्थित होकर प्रकरणों के निस्तारण में सहयोग किया। लोक अदालत के माध्यम से मामलों का समाधान होने से पक्षकारों को आपसी सहमति से विवाद समाप्त करने का अवसर मिला।

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