दौसा: कोर्ट के आदेश पर अतिक्रमण हटाने गई टीम, पुराना रिकॉर्ड नहीं मिलने से अधूरी रह गई कार्रवाई; विवाद बरकरार
दौसा जिले की कुंडल तहसील मुख्यालय पर गुरुवार को वर्षों पुराने विवादित रास्ते से अतिक्रमण हटाने पहुंची न्यायालय की टीम को आवश्यक पुराना राजस्व रिकॉर्ड नहीं मिलने के कारण कार्रवाई अधूरी छोड़नी पड़ी। ग्राम न्यायालय दौसा के निष्पादन प्रकरण संख्या 08/2025, हरिशंकर शर्मा बनाम भीखनारायण शर्मा में जारी आदेश की पालना के लिए जिला एवं सेशन न्यायालय की टीम मौके पर पहुंची थी।
विस्तार
राजस्थान के दौसा जिले की कुंडल तहसील मुख्यालय पर गुरुवार को वर्षों पुराने रास्ते से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई अधूरी रह गई। ग्राम न्यायालय दौसा के आदेश की पालना के लिए जिला एवं सेशन न्यायालय की टीम मौके पर पहुंची थी, लेकिन आवश्यक पुराना राजस्व रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने के कारण कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। ऐसे में विवादित रास्ते को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराने की प्रक्रिया अधूरी रह गई और टीम को वापस लौटना पड़ा। यह कार्रवाई ग्राम न्यायालय दौसा के निष्पादन प्रकरण संख्या 08/2025, हरिशंकर शर्मा बनाम भीखनारायण शर्मा में जारी आदेश की पालना के लिए की जा रही थी।
न्यायालय की टीम ने मौके पर पहुंचकर किया निरीक्षण
कार्रवाई के दौरान सैल अमीन विनोद कुमार शर्मा के नेतृत्व में न्यायालय की टीम मौके पर पहुंची। इस दौरान कुंडल तहसीलदार जितेंद्र, संबंधित पटवारी और कोलवा थाना पुलिस का जाब्ता भी मौजूद रहा। टीम ने न्यायालय के आदेश के अनुसार विवादित रास्ते का मौका निरीक्षण किया और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की।
पुराना राजस्व रिकॉर्ड नहीं मिलने से अटकी कार्रवाई
मौके पर मौजूद सैल अमीन विनोद कुमार शर्मा के अनुसार, न्यायालय के आदेश में विवादित रास्ते से अतिक्रमण हटाने के लिए आवश्यक पुराने राजस्व रिकॉर्ड के साथ राजस्व टीम की मौके पर मौजूदगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे। कार्रवाई के दौरान न्यायालय की टीम ने संबंधित पुराना राजस्व रिकॉर्ड उपलब्ध कराने की जरूरत बताई, लेकिन पूरा रिकॉर्ड नहीं मिलने के कारण आगे की प्रक्रिया में परेशानी आई। वहीं, मौके पर मौजूद राजस्व अधिकारियों की ओर से न्यायालय के आदेश की पालना को लेकर अलग-अलग स्थिति सामने आने से भी कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। न्यायालय की टीम का कहना था कि आदेश के अनुसार आवश्यक रिकॉर्ड और राजस्व अमले की मौजूदगी जरूरी थी।
रास्ता पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त नहीं हो सका
आवश्यक राजस्व रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने के कारण विवादित रास्ते से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी। इस वजह से वर्षों पुराने रास्ते को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराने की प्रक्रिया अधूरी रह गई और न्यायालय की टीम को वापस लौटना पड़ा।
अब अगली कार्रवाई का इंतजार
इस मामले के बाद अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि न्यायालय के आदेश की पूरी पालना के लिए अगली कार्रवाई कब होगी। साथ ही, यह भी देखना होगा कि वर्षों पुराने विवादित रास्ते को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कर आम लोगों के आवागमन के लिए कब खोला जाएगा।