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भ्रष्टाचार के आरोप में जोधपुर में जेडीए का सहायक अभियंता गिरफ्तार
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 20 Mar 2017 07:33 PM IST
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Arrest
- फोटो : Demo pic
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भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने सोमवार को जोधपुर में कार्रवाई करते हुए जोधपुर विकास प्राधिकरण में पदस्थापित सहायक अभियंता भंवरलाल को गिरफ्तार कर लिया।
जोधपुर विकास प्राधिकरण में करीब ढाई सौ करोड़ रुपए के घोटाले के मामलों में एसीबी की टीम ने जोधपुर विकास प्राधिकरण के तत्कालीन सचिव और वर्तमान में जालौर जिले के अतिरिक्त जिला कलेक्टर पीएस नागा को 17 मार्च को गिरफ्तार किया था। आईजी वीके सिंह के मुताबिक वर्ष 2014 में जोधपुर विकास प्राधिकरण में वित्तीय गड़बड़ियों के मुकदमे दर्ज हुए थे। इनमें एक मुकदमे में तत्कालीन सचिव और वर्तमान में जालोर एडीएम के पदस्थापित पीएस नागा व अन्य अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के केस में नामजद किया था।
आईजी वीके सिंह के मुताबिक जेडीए के करीब दो दर्जन मामलों में वित्तीय गड़बड़ी के मामले सामने आए थे। इनमें ज्यादातर में शिकायतें यह थी कि कम कीमत के सामान को महंगी दरों पर खरीदा गया। उसका कमीशन अधिकारियों ने अपने हिस्से में ले लिया। वहीं जो सामान खरीदा ही नहीं गया या फिर जो काम हुए ही नहीं, उनका भी भुगतान उठा लिया गया। ऐसे में करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार वहां किया गया। जिसके मुकदमे एसीबी जोधपुर में दर्ज किए गए। एसीबी अधिकारियों ने पहले ही इस मामले में कई और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई थी।
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जोधपुर विकास प्राधिकरण में करीब ढाई सौ करोड़ रुपए के घोटाले के मामलों में एसीबी की टीम ने जोधपुर विकास प्राधिकरण के तत्कालीन सचिव और वर्तमान में जालौर जिले के अतिरिक्त जिला कलेक्टर पीएस नागा को 17 मार्च को गिरफ्तार किया था। आईजी वीके सिंह के मुताबिक वर्ष 2014 में जोधपुर विकास प्राधिकरण में वित्तीय गड़बड़ियों के मुकदमे दर्ज हुए थे। इनमें एक मुकदमे में तत्कालीन सचिव और वर्तमान में जालोर एडीएम के पदस्थापित पीएस नागा व अन्य अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के केस में नामजद किया था।
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आईजी वीके सिंह के मुताबिक जेडीए के करीब दो दर्जन मामलों में वित्तीय गड़बड़ी के मामले सामने आए थे। इनमें ज्यादातर में शिकायतें यह थी कि कम कीमत के सामान को महंगी दरों पर खरीदा गया। उसका कमीशन अधिकारियों ने अपने हिस्से में ले लिया। वहीं जो सामान खरीदा ही नहीं गया या फिर जो काम हुए ही नहीं, उनका भी भुगतान उठा लिया गया। ऐसे में करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार वहां किया गया। जिसके मुकदमे एसीबी जोधपुर में दर्ज किए गए। एसीबी अधिकारियों ने पहले ही इस मामले में कई और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई थी।
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