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बैंक से चेक चुराकर ब्लेड से नाम खुरचकर जालसाजी करने वाला गिरोह पकड़ा
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sun, 19 Mar 2017 06:20 PM IST
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jaipur police
- फोटो : Vishnu Sharma
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बैंकों से चैक चुराकर उसमें ब्लेड से नाम खुरचकर लाखों रुपए का भुगतान प्राप्त करने वाले अंतराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश कर जयपुर कमिश्नरेट की प्रताप नगर थाना पुलिस ने दो शातिर जालसाजों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस उपायुक्त (पूर्व) कुंवर राष्ट्रदीप ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी जितेन्द्र कुमार यादव उर्फ देवेश उर्फ सूर्यप्रताप उर्फ लालाराम शर्मा उर्फ दीपककुमार राय पुत्र दीनानाथ यादव उम्र 21 साल है। वह बासडी, जिला बलिया, उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। जबकि दूसरा आरोपी बाशा उर्फ बादशाह उर्फ बुड़वा मंसूरी पुत्र ईदरीस उम्र 40 साल निवासी बासड़ी, जिला बलिया उत्तर प्रदेश हाल निवासी यूडीबी बिल्डिंग, गुरू शिखर अपार्टमेंट, शिवदासपुरा है।
आरोपियों के खिलाफ दिनेश मीना ने मुकदमा दर्ज करवाया था कि उन्होंने 5 लाख रुपये का चैक भुगतान प्राप्त करने के लिए बैंक में जमा कराया था। जो कि एसबीबीजे बैंक कुम्भा मार्ग, प्रतापनगर ब्रांच से चोरी हो गया। जिससे बदमाशों ने दूसरे नाम से भुगतान प्राप्त कर लिया।
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इसके लिए थानाप्रभारी इस्लाम खान के नेतृत्व में एएसआई प्रेम सिंह, कानिस्टेबल हरदयाल, ताराचन्द व बबलूराम की टीम गठित की गई। कानिस्टेबल हरदयाल को मुखबिर से गिरोह के बारे में सूचना मिली और पुलिस ने आरोपियों को दबोच लिया। गिरोह के कब्जे से एक ही व्यक्ति के अलग-अलग नामों के बनवाए गए पहचान पत्र, जिनमें एक ही व्यक्ति के 4 आधार कार्ड, 3 मतदाता पहचान पत्र, 2 पेन कार्ड, 11 सीलमोहर, 2 स्टाम्प पैड, 2 बैंक पास बुक, 4 एटीएम कार्ड बरामद किया गया है। यह सामान फेरबदल व कूटरचना करने के प्रयोग में लिया जाता था।
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पुलिस उपायुक्त (पूर्व) कुंवर राष्ट्रदीप ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी जितेन्द्र कुमार यादव उर्फ देवेश उर्फ सूर्यप्रताप उर्फ लालाराम शर्मा उर्फ दीपककुमार राय पुत्र दीनानाथ यादव उम्र 21 साल है। वह बासडी, जिला बलिया, उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। जबकि दूसरा आरोपी बाशा उर्फ बादशाह उर्फ बुड़वा मंसूरी पुत्र ईदरीस उम्र 40 साल निवासी बासड़ी, जिला बलिया उत्तर प्रदेश हाल निवासी यूडीबी बिल्डिंग, गुरू शिखर अपार्टमेंट, शिवदासपुरा है।
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आरोपियों के खिलाफ दिनेश मीना ने मुकदमा दर्ज करवाया था कि उन्होंने 5 लाख रुपये का चैक भुगतान प्राप्त करने के लिए बैंक में जमा कराया था। जो कि एसबीबीजे बैंक कुम्भा मार्ग, प्रतापनगर ब्रांच से चोरी हो गया। जिससे बदमाशों ने दूसरे नाम से भुगतान प्राप्त कर लिया।
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इसके लिए थानाप्रभारी इस्लाम खान के नेतृत्व में एएसआई प्रेम सिंह, कानिस्टेबल हरदयाल, ताराचन्द व बबलूराम की टीम गठित की गई। कानिस्टेबल हरदयाल को मुखबिर से गिरोह के बारे में सूचना मिली और पुलिस ने आरोपियों को दबोच लिया। गिरोह के कब्जे से एक ही व्यक्ति के अलग-अलग नामों के बनवाए गए पहचान पत्र, जिनमें एक ही व्यक्ति के 4 आधार कार्ड, 3 मतदाता पहचान पत्र, 2 पेन कार्ड, 11 सीलमोहर, 2 स्टाम्प पैड, 2 बैंक पास बुक, 4 एटीएम कार्ड बरामद किया गया है। यह सामान फेरबदल व कूटरचना करने के प्रयोग में लिया जाता था।
चेक पर लिखे नाम को ब्लेड से खुरच कर हटाते है
jaipur police
- फोटो : Amar Ujala
यह गिरोह दिन में विभिन्न बैंकों में जाकर पहले रैकी करते थे एवं जिन बैंकों में अधिक भीड़ होती थी, उसमें एक व्यक्ति बैंक के बाहर की गतिविधियों पर नजर रखता था एवं एक व्यक्ति बैंक के अन्दर की गतिविधियों पर नजर रखता था। एक व्यक्ति चैक चुराने की फिराक में काउन्टर/चैक डालने के डिब्बे के आस-पास खडा रहकर मौका देखकर वारदात को अन्जाम देता था। मुल्जिमों के कब्जे से अब तक प्रारम्भिक पूछताछ में विभिन्न राज्यों में करीब 150 से 200 चैक चोरी किया जाना सामने आया है।
थानाप्रभारी इस्लाम खान ने बताया कि बैंकों से चोरी किये गये चैकों का जालसाजीपूर्वक भुगतान प्राप्त करने हेतु चैक पर लिखे हुये नाम को (ब्लेड) से खुरच कर हटा देते थे।
उस स्थान पर चोरी किये गये चैक का भुगतान जिस फर्जी खाते में प्राप्त करना होता था, उसके नाम की सील मोहर लगादेते थे ताकि नाम खुरचने से चैक पर आये खुरदरेपन का पता नहीं चल सके।
थानाप्रभारी इस्लाम खान ने बताया कि बैंकों से चोरी किये गये चैकों का जालसाजीपूर्वक भुगतान प्राप्त करने हेतु चैक पर लिखे हुये नाम को (ब्लेड) से खुरच कर हटा देते थे।
उस स्थान पर चोरी किये गये चैक का भुगतान जिस फर्जी खाते में प्राप्त करना होता था, उसके नाम की सील मोहर लगादेते थे ताकि नाम खुरचने से चैक पर आये खुरदरेपन का पता नहीं चल सके।