Rajasthan: सोनिया गांधी से पायलट की मुलाकात के बाद गहलोत का वार, बोले- दुआओं से बच गए वरना यहां कोई और खड़ा होता
सीएम गहलोत ने सियासी संकट का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस विधायकों को 10 करोड़ का ऑफर था पर विधायकों ने बिना लालच मेरा साथ दिया।
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सचिन पायलट की कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसको लेकर तंज कसा है। मुख्यमंत्री ने पायलट खेमे की बगावत का जिक्र करते हुए कहा कि आप सबकी दुआओं से बच गए। यही वजह है कि आज यहां खड़े हैं वरना कोई और खड़ा होता। मेरा ही लिखा था, यहां खड़ा होना।
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार सीएम गहलोत सविल सर्विसेज डे पर कल्चरल इवेंट में गुरुवार को शिरकत करने पहुंचे थे लेकिन कार्यक्रम में उन्होंने पायलट खेमे की बगावत पर खूब तंज कसा। उन्होंने कहा कि मेरे दिल में क्या है, वह जुबां पर ला रहा हूं। गहलोत ने बाड़ाबंदी को याद करते हुए कहा कि हम 34 दिन होटल में ठहरे थे। मैं सुबह होटल से आता था, काम करता था, पॉलिटिकल एक्टिविटी करते और क्राइसिस मैनेजमेंट करते। मैं रात को फिर होटल जाता। तब विधायक मेरा इंतजार कर रहे होते थे। सबको दिन भर यही चिंता लगी रहती थी कि सरकार रहेगी या नहीं रहेगी।
विधायकों को 10 करोड़ के ऑफर दिए गए
उन्होंने यह भी कहा कि मेरे साथ जो बैठे थे, उन्हें कुछ नहीं मिल रहा था। बाहर निकलते ही उन्हें 10 करोड़ के ऑफर मिल रहे थे। मुझे गर्व है कि सारे विधायकों ने लालच के बगैर मेरा साथ दिया। बड़ा क्राइसिस मैनेजमेंट था। दुआओं से बच गए। मैं लिखाकर लाया हूं इसलिए तीसरी बार मुख्यमंत्री बन गया। अन्य नेता कहते रहते हैं कि उनकी जाति के 35 विधायक हैं, कोई कहता है 45 विधायक हैं। मैं कहता हूं कि मेरी जाति का राजस्थान में एक ही विधायक है और मैं खुद ही हूं पर चल रही है दुकानदारी।
सीएम गहलोत ने भी की थी सोनिया गांधी से मुलाकात
बता दें कि गुरुवार की शाम ही सचिन पायलट ने सोनिया गांधी से मुलाकात की है। जिसके बाद उन्हें बड़ी जिम्मेदारी देने की चर्चा तेज हो गई है। वहीं पायलट ने सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद कहा कि पार्टी नेतृत्व उन्हें जो भी दायित्व देगा, वह उसका निर्वहन करेंगे लेकिन वह यही चाहते हैं कि राजस्थान में हर पांच साल सरकार बदलने की दशकों पुरानी परंपरा इस बार टूटे। वहीं पायलट के मुलाकात से एक दिन पहले ही अशोक गहलोत ने भी सोनिया गांधी से मुलाकात की थी।