Rajasthan: ईआरसीपी को चुनावी मुद्दा बनाएगी कांग्रेस, सीएम गहलोत बोले- प्रदेश के लिए कुछ नहीं कर रहे जलशक्ति मंत्री शेखावत
पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि हमारी मंशा है कि पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना का काम शीघ्र पूरा हो। यहां के सांसद ही जलशक्ति मंत्री हैं पर कुछ कर नहीं रहे हैं।
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ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (ईआरसीपी ) को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। ईस्टर्न कैनाल को नेशनल प्रोजेक्ट घोषित करने को लेकर सीएम गहलोत ने सोशल मीडिया पर मुहिम शुरू की है। सीएम ने #ERCP_नेशनलप्रोजेक्टबनाओ के हैशटैग के साथ ट्विटर और दूसरे सोशल मीडिया पर आज से मुख्यमंत्री ने यह अभियान छेड़ दिया है।
कांग्रेस नेता और मंत्री भी इससे जुड़कर आगे बढ़ा रहे हैं। कांग्रेस इस मुद्दे को अब दिल्ली तक गर्माने की तैयारी में है। सीएम गहलोत की शुरुआत इसी दिशा में मानी जा रही है। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के शनिवार को जयपुर में पीएम मोदी की तरफ से कोई वादा नहीं करने का दावा करने के बाद से इस मामले में राजनीति गरमा गई है।
सीएम गहलोत ने ट्वीट कर केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह पर फिर जुबानी हमला बोला। सीएम ने लिखा कि 'हमारी मंशा है कि पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) का काम शीघ्र पूरा हो। इससे पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों को पेयजल और सिंचाई का पानी मिल सके। प्रदेश सरकार ने ईआरसीपी पर अभी तक करीब 1000 करोड़ का खर्च किए हैं। इस बजट में 9600 करोड़ प्रस्तावित किए हैं।'
केंद्र दर्जा देगी तो जल्द होगा काम
गहलोत ने आगे लिखा है कि राज्य सरकार के सीमित संसाधनों से इस परियोजना को पूरा होने में 15 साल लग जाएंगे। परियोजना की लागत भी बढ़ती जाएगी। केंद्र सरकार इसे राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देती है तो वहां से ग्रांट मिलने पर काम भी तेजी से पूरा होगा। कम लागत में काम हो सकेगा।
प्रदेश के लिए कुछ नहीं कर रहे हैं शेखावत
सीएम गहलोत ने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया- 'यह समझ के परे है कि राजस्थान जैसे रेगिस्तानी और जल अभावग्रस्त राज्य को पानी की परियोजना को नेशनल प्रोजेक्ट का दर्जा नहीं मिलेगा तो किस राज्य को मिलेगा? यह स्थिति तो तब है जब यहां के सांसद ही जलशक्ति मंत्री हैं पर वो प्रदेश के लिए कुछ नहीं कर रहे हैं।'

शेखावत के बयान को बनाया मुद्दा
सीएम गहलोत और कांग्रेस ने गजेंद्र सिंह शेखावत के बयान को मुद्दा बना लिया है। शेखावत ने जलदाय मंत्री महेश जोशी से उलझते हुए पीएम मोदी के अजमेर, जयपुर की सभाओं में ईस्टर्न कैनाल को नेशनल प्रोजेक्ट घोषित करने पर एक शब्द भी बोलने का सबूत देने पर राजनीति छोड़ने का चैलेंज दिया था। इसके बाद पीएम के दो वीडियो सामने आए। जिन्हें कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए शेखावत से वादा निभाने को कहा। अब सीएम ने नेशनल प्रोजेक्ट घोषित करवाने की मुहिम छेड़ दी है।

पानी की किल्लत के बीच बना ईआरसीपी मुद्दा
ईस्टर्न राजस्थान कैनाल को कांग्रेस चुनावी मुद्दा बनाएगी। गहलोत ने इस साल के बजट में ईआरसीपी कॉर्पोरेशन बनाकर 9600 करोड़ रुपए इस पर खर्च करने की घोषणा की थी। गहलोत ने राजस्थान सरकार के खर्च से ईआरसीपी को शुरू करने की घोषणा करने के साथ बजट भाषण में भी इस बात का उल्लेख किया था कि इसे नेशनल प्रोजेक्ट घोषित करवाने के लिए प्रयास जारी रखें। 13 जिलों में यह प्रोजेक्ट अब पॉपुलर डिमांड बना हुआ है। पानी की किल्लत के बीच यह मुद्दा बन गया है।
भाजपा से साथ देने की मांग की थी
ईआरसीपी को नेशनल प्रोजेक्ट घोषित करवाने के लिए गहलोत ने विधानसभा में भाजपा नेताओं से साथ देने की मांग की थी। उन्होंने राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस के जवाब, बजट बहस और एप्रोप्रिएशन बिल पर बहस के जवाब में भी विपक्ष का सहयोग मांगा था। गहलोत ने नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया से कहा था कि सब साथ मिलकर प्रधानमंत्री के पास चलें और उन पर ईआरसीपी को नेशनल प्रोजेक्ट घोषित करने का दबाव बनाएं।