{"_id":"67da9613c73c51ea6603b192","slug":"churu-taranagar-people-will-not-have-to-worry-about-tb-testing-machines-available-in-government-hospital-2025-03-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Churu: अब तारानगर की जनता को TB जांच के लिए नहीं होना पड़ेगा परेशान, सरकारी अस्पताल में अत्याधुनिक मशीन उपलब्ध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Churu: अब तारानगर की जनता को TB जांच के लिए नहीं होना पड़ेगा परेशान, सरकारी अस्पताल में अत्याधुनिक मशीन उपलब्ध
Wed, 19 Mar 2025 03:32 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, चूरू
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, चूरू
Published by: अरविंद कुमार
Updated Wed, 19 Mar 2025 03:32 PM IST
सार
Taranagar News: अब चूरू जिले में स्थित तारानगर की जनता को टीबी की जांच के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। तारानगर स्थित सरकारी अस्पताल में अत्याधुनिक मशीन उपलब्ध करवाई गई है।
विज्ञापन
सरकारी अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अब तारानगर की जनता को टीबी की जांच के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। तारानगर के सरकारी अस्पताल में ही अब अत्याधुनिक मशीन से टीबी की जांच हो सकेगी।
विज्ञापन
बता दें कि 25 लाख की कीमत की ये अत्याधुनिक मशीन सरकार ने 2023 में ही उपलब्ध करवा दी थी। लेकिन अस्पताल प्रशासन की अनदेखी कहें या लापरवाही, 25 लाख रुपये कीमत की मशीन एक यूपीएस के अभाव में अस्पताल के एक कोने में धूल फांक रही थी। बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण बात थी कि दुनिया की सर्वश्रेष्ठ मशीन एक यूपीएस के आभाव में अनुपयोगी पड़ी थी और तारानगर की जनता को जांच के लिए दूसरे शहरों में भटकना पड़ रहा था। जहां उनके पैसों के साथ-साथ समय भी बर्बाद होता था।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: शहर में नहीं हैं व्यवस्थाएं दुरुस्त, कहीं कार्मिक अनुपस्थित तो कहीं मशीनें खराब
विज्ञापन
तारानगर की जनता के लिए खुशी की बात है कि भामाशाह प्रेरक राजीव उपाध्याय की प्रेरणा से मुंबई प्रवासी रतनगढ़ के भामाशाह श्रीमती इंद्रासराफ पत्नी नरनारायण सराफ के आर्थिक सहयोग से यूपीएस की सुविधा उपलब्ध करवाई गई, जिससे लंबे समय से अनुपयोगी पड़ी 25 लाख की मशीन उपयोग में ली जाएगी और तारानगर की जनता को टीबी जांच की सुविधा मिल सकेगी।
यह भी पढ़ें: सदन में अपनी ही सरकार पर क्यों भड़के BJP विधायक बालमुकुंद, कांग्रेस MLA करने लगे 'शेम शेम'; जानें
भामाशाह प्रेरक राजीव उपाध्याय ने बताया कि भामाशाहों के सहयोग से सरकारी अस्पतालों में आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाने व शिक्षा के क्षेत्र में उच्चगुणवत्ता पूर्ण बनाने हेतु अत्याधुनिक तकनीक से शिक्षण उपलब्ध करवाने हेतु इंटरेक्टिव बोर्ड परियोजना चलाई जा रही है, जिसके तहत चयनित सरकारी स्कूलों कॉलेजों में ये बोर्ड लगवाए जा रहे हैं। अब तक रतनगढ़, बीदासर, तारानगर चूरू, सुजानगढ़ और राजगढ़ में 3.80 करोड़ लागत के बोर्ड लगवाए जा चुके हैं।
वहीं, भामाशाह इंद्रा सराफ ने कहा कि चूरू मेरा अपना है। यहां के लोगों के सहयोग के लिए हमेशा तैयार रहती हूं। राजीव उपाध्याय ने मुझे जानकारी दी कि एक बहुत महंगी मशीन एक यूपीएस के अभाव में उपयोग में नहीं आ रही और तुरंत यूपीएस के लिए राशि भिजवा दी गई। आमजन के सहयोग के लिए कभी धन की कमी नहीं आने दी जाएगी।