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Chittorgarh: चित्तौड़गढ़ पोक्सो कोर्ट का फैसला, नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को 20 साल की सजा
Sat, 19 Oct 2024 05:41 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्तौड़गढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्तौड़गढ़
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Sat, 19 Oct 2024 05:41 PM IST
सार
चित्तौड़गढ़ की विशेष पोक्सो कोर्ट क्रमांक-1 ने 13 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अभियुक्त राजू राणा को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कारावास और एक लाख 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने विभिन्न धाराओं के तहत अभियुक्त को अलग-अलग सजाओं के साथ पोक्सो एक्ट की धारा 5 एल/6 के तहत कठोर सजा दी।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
विशेष न्यायालय पोक्सो कोर्ट चित्तौड़गढ़ क्रमांक-1 ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में 13 साल की नाबालिग से दुष्कर्म के मामले अभियुक्त को दोषी मानते हुए अलग-अलग धाराओं में 20 वर्ष कारावास और एक लाख 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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विशिष्ट लोक अभियोजक शोभालाल जाट ने बताया कि गत 17 अक्टूबर 2021 को कोतवाली थाने में नाबालिग के पिता ने रिपोर्ट दी थी। अपनी रिपोर्ट में बताया कि प्रार्थी की नाबालिग बेटी शौच के लिए गई और वापस नहीं आई। पुलिस ने इस पर मामला दर्ज कर बिजयपुर थाना क्षेत्र के भीमपुरिया निवासी राजू राणा पुत्र भंवर राणा जाति भील को गिरफ्तार कर चालान पेश किया।
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इस मामले में अभियोजन पक्ष की और से 18 गवाह और 28 दस्तावेज प्रदर्श किये गए। आज इस पर पॉक्सो न्यायालय क्रमांक- 1 की पीठासीन अधिकारी लता गौड़ ने आदेश सुनाया। अभियुक्त राजू राणा को अलग-अलग धाराओं में सजा और जुर्माने के आदेश दिए हैं। इस मामले में उन्होंने धारा 363 के तहत 3 साल सजा, 5 हजार जुर्माना, 366 के तहत 7 साल सजा 10 हजार जुर्माना, 344 के तहत 2 साल सजा 5 हजार जुर्माना, 376 (3) के तहत 20 साल सजा, 50 हजार जुर्माना और पॉक्सो एक्ट की धारा 5 एल/6 के तहत 20 वर्ष का कारावास और 50 हजार के जुर्माने से दंडित किया है। इस मामले में न्यायालय ने पीड़िता को ढाई लाख रुपये प्रतिकर राशि दिलाने के भी आदेश दिए है।
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