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छग सीएम से मिले गहलोत: खनन करने की अनुमति मांगी, कहा- कोयला नहीं मिला तो राजस्थान में होगा बिजली संकट
Fri, 25 Mar 2022 11:09 PM IST
उदित दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Fri, 25 Mar 2022 11:09 PM IST
सार
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि हालात यह हो गए हैं कि कोल सप्लाई नहीं हुई तो साढ़े चार हजार मेगावाट बिजली के पावर प्लांट बंद हो जाएंगे। इससे पूरे प्रदेश में बड़ा क्राइसिस आएगा।
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कोयला संकट पर सीएम गहलोत ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से की चर्चा।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कोयले की कमी से जूझ रहे राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आज शुक्रवार को छत्तीसगढ़ पहुंचे। यहां उन्होंने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सीएम बघेल से परसा कोल ब्लॉक में खनन को लेकर अटकी स्वीकृति को जारी करने का आग्रह किया। गहलोत ने कहा कि अगर हमें कोयला नहीं मिला तो राजस्थान में थर्मल यूनिट बंद हो जाएंगी। इससे राज्य में बिजली का संकट पैदा हो जाएगा।
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इससे पहले सीएम गहलोत ने कहा कि राजस्थान में रेगिस्तानी इलाके हैं, वहां बिजली थर्मल बेस्ड होती है और थर्मल प्लांट बिना कोयले के चल नहीं सकते। ऐसे में हमें छत्तीसगढ़ पर डिपेंड रहना पड़ता है, हालात यह हो गए हैं कि कोल सप्लाई नहीं हुई तो साढ़े चार हजार मेगावाट बिजली के पावर प्लांट बंद हो जाएंगे। इससे पूरे प्रदेश में बड़ा क्राइसिस आएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बघेल से मेरी बात भी हुई थी, प्रदेश के अधिकारी भी छग के अधिकारियों के संपर्क में थे। मेरे साथ में एडिशनल चीफ सेक्रेटरी, प्रिंसिपल सेक्रेटरी टू सीएम, सीएमडी और बिजली मंत्री भी आए हैं। बात करके इस समस्या का समाधान निकालेंगे।
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परसा कोल ब्लॉक का खनन पूरा
बता दें कि राजस्थान में कोयले की आपूर्ति छत्तीसगढ़ से होती है। केंद्र ने राजस्थान को 2015 में चार हजार 340 मेगावाट बिजली उत्पादन इकाईयों के लिए छग के परसा ईस्ट-कांटा बासन में 15 मिलीयन टन प्रतिवर्ष और परसा में कोल ब्लॉक आवंटित किए थे। इस महीने परसा कोल ब्लॉक से पहले चरण का खनन पूरा हो चुका है। इस कारण अब राज्य को कोयला नहीं मिल सकता है।