{"_id":"62ff5a233c9c7616e921aeb0","slug":"cake-will-not-be-cut-on-shri-krishna-janmashtami-in-the-sanwaliya-seth-mandir","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rajasthan: सांवलिया सेठ के मंदिर में जन्माष्टमी पर नहीं कटेगा केक, कलकत्ता के फूलों से सजा श्याम का दरबार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rajasthan: सांवलिया सेठ के मंदिर में जन्माष्टमी पर नहीं कटेगा केक, कलकत्ता के फूलों से सजा श्याम का दरबार
Sat, 20 Aug 2022 12:43 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Sat, 20 Aug 2022 12:43 AM IST
सार
सांवलिया सेठ के मंदिर में हर साल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी धूमधाम के साथ मनाई जाती है। पुलिस और प्रशासन की तरफ से भी पूरी तैयारियां कर ली गई हैं।
विज्ञापन
उदयपुर के सांवलिया सेठ मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की धूम
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उदयपुर के सांवलिया सेठ के दरबार में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी धूमधाम के साथ मनाई जाएगी। इसके लिए पुलिस और प्रशासन की तरफ से पूरी तैयारियां कर ली गई हैं। इस बार प्रशासन ने मंदिर परिसर में केक काटने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। बताया गया है कि पिछले कुछ सालों से मंदिर के अंदर श्रद्धालुओं की तरफ से केक काटकर जन्मदिन मनाने से प्राचीन परंपरा को खत्म करने का प्रयास किया गया है। इसकी जगह परंपरागत आयोजन रखने की मांग उठ रही थी।
महाआरती का होगा आयोजन
जन्माष्टमी पर्व के अवसर पर मध्य रात्रि में भगवान भगवान कृष्ण की जन्म की महाआरती का आयोजन होगा। उसके बाद मिष्ठान का भोग लगाकर प्रसाद का वितरण किया जाएगा। कोराना काल के दो साल बाद सिंहद्वार और डॉम के पास भगवान श्रीकृष्ण की स्वचालित झांकियां सजाई गई हैं। विशाल भजन संध्या का आयोजन होगा। इस दौरान गोकुल शर्मा एंड पार्टी द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी।
कलकत्ता के फूलों से सजा बाबा श्याम का दरबार
निवाई के इंद्रा कोलोनी स्थित श्याम मदिंर को कलकत्ता के फूलों से सजाया गया है। साथ ही बाबा श्याम का पंचामृत से अभिषेक करने के बाद छप्पन भोग की झांकी सजाई गई है। श्रीश्याम धर्मार्थ सेवा संस्थान के अध्यक्ष एवं पालिका अध्यक्ष दिलीप इसरानी और श्याम मित्र मंडल के अध्यक्ष रवि अग्रवाल ने बताया की जन्माष्टमी के अवसर पर बाबा श्यामा मंदिर को वृंदावन के प्रेम मंदिर की तरह सजाया गया है। जन्मोत्सव पर भव्य आतिशबाजी की जाएगी। साथ ही भक्तों की सुविधा को देखते हुए झिलाय रोड से मंदिर तक बेरिकेट्स लगाए गए है|
विज्ञापन
भादसोड़ा गांव में स्थिति है सांवलिया सेठ का मंदिर
सांवलिया सेठ का मंदिर चित्तौड़गढ़ सॆ उदयपुर की ओर राष्ट्रीय राजमार्ग पर 28 किमी दूरी पर भादसोड़ा गांव में स्थित है। उनके दर्शन करने के लिए दूर-दूर से यहां लोग पहुंचते है। मान्यतानुसार, भगवान श्री सावलिया सेठ का संबंध मीरा बाई से है। किवदंतियों के अनुसार सांवलिया सेठ को मीराबाई के गिरधर गोपाल माना जाता है।
विज्ञापन
महाआरती का होगा आयोजन
जन्माष्टमी पर्व के अवसर पर मध्य रात्रि में भगवान भगवान कृष्ण की जन्म की महाआरती का आयोजन होगा। उसके बाद मिष्ठान का भोग लगाकर प्रसाद का वितरण किया जाएगा। कोराना काल के दो साल बाद सिंहद्वार और डॉम के पास भगवान श्रीकृष्ण की स्वचालित झांकियां सजाई गई हैं। विशाल भजन संध्या का आयोजन होगा। इस दौरान गोकुल शर्मा एंड पार्टी द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी।
विज्ञापन
कलकत्ता के फूलों से सजा बाबा श्याम का दरबार
निवाई के इंद्रा कोलोनी स्थित श्याम मदिंर को कलकत्ता के फूलों से सजाया गया है। साथ ही बाबा श्याम का पंचामृत से अभिषेक करने के बाद छप्पन भोग की झांकी सजाई गई है। श्रीश्याम धर्मार्थ सेवा संस्थान के अध्यक्ष एवं पालिका अध्यक्ष दिलीप इसरानी और श्याम मित्र मंडल के अध्यक्ष रवि अग्रवाल ने बताया की जन्माष्टमी के अवसर पर बाबा श्यामा मंदिर को वृंदावन के प्रेम मंदिर की तरह सजाया गया है। जन्मोत्सव पर भव्य आतिशबाजी की जाएगी। साथ ही भक्तों की सुविधा को देखते हुए झिलाय रोड से मंदिर तक बेरिकेट्स लगाए गए है|
विज्ञापन
भादसोड़ा गांव में स्थिति है सांवलिया सेठ का मंदिर
सांवलिया सेठ का मंदिर चित्तौड़गढ़ सॆ उदयपुर की ओर राष्ट्रीय राजमार्ग पर 28 किमी दूरी पर भादसोड़ा गांव में स्थित है। उनके दर्शन करने के लिए दूर-दूर से यहां लोग पहुंचते है। मान्यतानुसार, भगवान श्री सावलिया सेठ का संबंध मीरा बाई से है। किवदंतियों के अनुसार सांवलिया सेठ को मीराबाई के गिरधर गोपाल माना जाता है।