बूंदी: नरेश मीणा-कंवरलाल मीणा की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन, सर्व समाज ने कलेक्ट्रेट के बाहर दिया धरना
बूंदी में नरेश मीणा और कंवरलाल मीणा की रिहाई की मांग को लेकर सर्व समाज ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और कोटा रोड पर धरना दिया। 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर रिहाई की मांग की।
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नरेश मीणा और कंवरलाल मीणा की रिहाई की मांग को लेकर बुधवार को बूंदी में सर्व समाज की ओर से बड़ा प्रदर्शन किया गया। बड़ी संख्या में लोग हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने दोनों की रिहाई की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की और सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया।
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने पहले से सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी। कलेक्ट्रेट परिसर के मुख्य द्वार पर भारी पुलिस जाप्ता तैनात रहा। प्रदर्शनकारियों की संख्या अधिक होने के कारण पुलिस ने उन्हें कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट के बाहर ही धरने पर बैठ गए।
कोटा रोड पर धरना, यातायात प्रभावित
प्रदर्शनकारियों ने कोटा रोड पर धरना देकर सड़क पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी। इससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ और जाम जैसे हालात बन गए। प्रदर्शन के दौरान समर्थक ‘नरेश मीणा को रिहा करो’ और ‘कंवरलाल मीणा को रिहा करो’ जैसे नारों वाली तख्तियां लेकर पहुंचे।
सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान पहलाद खटाना और गिरिराज गौतम सहित अन्य वक्ताओं ने लोगों को संबोधित किया। उन्होंने सरकार से नरेश मीणा और कंवरलाल मीणा को तत्काल रिहा करने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि दोनों के मामलों को लेकर समाज में नाराजगी है और सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। पहलाद खटाना और गिरिराज गौतम ने आरोप लगाया कि चुनाव आने के साथ ही नरेश मीणा को सरकार ने जेल में डाल दिया है, जबकि पूरा प्रकरण न्यायालय में चल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की कार्रवाई से समाज के लोगों में आक्रोश है और आने वाले समय में इसका राजनीतिक असर भी देखने को मिल सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नरेश मीणा को जल्द रिहा नहीं किया गया तो पंचायत राज चुनाव में सरकार के खिलाफ विरोध का फैसला लिया जा सकता है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन को राजस्थानभर में व्यापक स्तर पर ले जाया जाएगा।
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11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने भीड़ को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश नहीं दिया। इसके बाद प्रशासन की ओर से 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को कलेक्ट्रेट के अंदर जाने की अनुमति दी गई। प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर से मुलाकात कर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से नरेश मीणा और कंवरलाल मीणा की रिहाई की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन के सामने अपनी मांग रखते हुए कहा कि सरकार इस मामले में जल्द निर्णय लेकर दोनों को रिहा करे।
भारी पुलिस जाप्ता रहा तैनात
प्रदर्शन को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर और कोटा रोड पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति पर नजर रखी। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कोई बड़ा विवाद नहीं हुआ, हालांकि सड़क पर धरने के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित रही।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा। प्रदर्शन के चलते बुधवार को बूंदी में नरेश मीणा और कंवरलाल मीणा की रिहाई का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा के केंद्र में रहा।