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Bundi: मिनी सचिवालय की स्थापना और केडीए से 64 गांवों को वापस बूंदी में मिलाने की मांग, विधायक ने उठाई आवाज
Sat, 08 Mar 2025 07:53 AM IST
बूँदी ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बूंदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बूंदी
Published by: बूँदी ब्यूरो
Updated Sat, 08 Mar 2025 07:53 AM IST
सार
विधायक ने बूंदी नगर परिषद के विस्तार की भी मांग उठाई। उन्होंने कहा कि तालाब गांव (जहां मेडिकल कॉलेज स्थित है), दलेलपुरा, फूल सागर के पास रामपुरिया और ठीकरदा पंचायत की गणेश घाटी को नगर परिषद में शामिल किया जाए।
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विधानसभा
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
विस्तार
बूंदी विधायक हरिमोहन शर्मा ने राजस्थान विधानसभा में नगर विकास न्यास, मिनी सचिवालय की स्थापना और केडीए से 64 गांवों को वापस बूंदी में मिलाने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि बूंदी जिले के कई गांवों और नगर पालिका केशोरायपाटन को कोटा विकास प्राधिकरण (KDA) में शामिल करने से जिले का विकास ठप हो गया है।
विधानसभा में अपनी बात रखते हुए विधायक ने कहा कि कोटा एयरपोर्ट के लिए बूंदी जिले की 3000 बीघा जमीन दी गई, लेकिन बदले में बूंदी को कोई लाभ नहीं मिला। केडीए में शामिल किए गए गांवों और जमीन पर आज तक कोई विकास कार्य नहीं हुआ, जिससे वहां की पंचायतों को काम करने में दिक्कतें आ रही हैं।
विधायक ने बूंदी नगर परिषद के विस्तार की भी मांग उठाई। उन्होंने कहा कि तालाब गांव (जहां मेडिकल कॉलेज स्थित है), दलेलपुरा, फूल सागर के पास रामपुरिया और ठीकरदा पंचायत की गणेश घाटी को नगर परिषद में शामिल किया जाए। साथ ही, नगर विकास न्यास की स्थापना की जाए, ताकि बूंदी शहर का योजनाबद्ध तरीके से विकास हो सके।
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उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि वर्तमान रोडवेज बस स्टैंड को पुरानी कृषि उपज मंडी की जगह शिफ्ट किया जाए। साथ ही, जिला कलेक्टर कार्यालय, अन्य सरकारी दफ्तरों और न्यायालय परिसर को एक जगह लाकर मिनी सचिवालय की स्थापना की जाए। इसके अलावा, कोटा एयरपोर्ट का नाम बदलकर "कोटा-बूंदी एयरपोर्ट" करने की भी मांग रखी।
विधायक ने विधानसभा में जोर देकर कहा कि इन सभी मांगों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि बूंदी जिले का विकास तेज़ी से हो सके और स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
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विधानसभा में अपनी बात रखते हुए विधायक ने कहा कि कोटा एयरपोर्ट के लिए बूंदी जिले की 3000 बीघा जमीन दी गई, लेकिन बदले में बूंदी को कोई लाभ नहीं मिला। केडीए में शामिल किए गए गांवों और जमीन पर आज तक कोई विकास कार्य नहीं हुआ, जिससे वहां की पंचायतों को काम करने में दिक्कतें आ रही हैं।
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विधायक ने बूंदी नगर परिषद के विस्तार की भी मांग उठाई। उन्होंने कहा कि तालाब गांव (जहां मेडिकल कॉलेज स्थित है), दलेलपुरा, फूल सागर के पास रामपुरिया और ठीकरदा पंचायत की गणेश घाटी को नगर परिषद में शामिल किया जाए। साथ ही, नगर विकास न्यास की स्थापना की जाए, ताकि बूंदी शहर का योजनाबद्ध तरीके से विकास हो सके।
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उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि वर्तमान रोडवेज बस स्टैंड को पुरानी कृषि उपज मंडी की जगह शिफ्ट किया जाए। साथ ही, जिला कलेक्टर कार्यालय, अन्य सरकारी दफ्तरों और न्यायालय परिसर को एक जगह लाकर मिनी सचिवालय की स्थापना की जाए। इसके अलावा, कोटा एयरपोर्ट का नाम बदलकर "कोटा-बूंदी एयरपोर्ट" करने की भी मांग रखी।
विधायक ने विधानसभा में जोर देकर कहा कि इन सभी मांगों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि बूंदी जिले का विकास तेज़ी से हो सके और स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।