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Rajasthan: पाकिस्तानी से शौहर के पास जोधपुर पहुंची दुल्हन, ऑनलाइन निकाह के 138 दिनों बाद ससुराल में रखा कदम
Fri, 26 May 2023 08:16 PM IST
उदित दीक्षित
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Fri, 26 May 2023 08:16 PM IST
सार
राजस्थान के जोधपुर जिले के युवक और पाकिस्तान की युवती का निकाह 138 दिन पहले हुआ था। अब युवती अपने पीहर से ससुराल आ गई है। इसके बाद से युवक और युवती के घरों में जश्न का माहौल है।
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पाकिस्तान से जोधपुर आई दुल्हन।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जोधपुर के दूल्हे मुजिम्मल खान और पाकिस्तान की दुल्हन उरुज फातिमा का निकाह कामयाब हो गया है। भारत और पाकिस्तान की सीमा दोनों के रिश्ते की डोर में रुकावट नहीं बन सकी। 138 दिन बाद दुल्हन जोधपुर स्थित अपने ससुराल पहुंची तो परिवार वालों ने उसका जोरदार स्वागत किया। इतना ही नहीं सरहद पार फातिमा के घर भी जश्न का माहौल है।
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शिद्दत से अगर किसी को चाहो तो सारी कायनात भी उन्हें मिलाने में लग जाती है। राजस्थान के जोधपुर में ये लाइनें चरितार्थ हो गईं। दरअसल, जिले में रहने वाले एक युवक ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पाकिस्तान में रहने वाली एक लड़की से निकाह कर लिया था। प्राइवेट कंपनी में ड्राइवर की नौकरी करने वाले मुजिम्मल खान और पाकिस्तान की उरूज फातिमा का निकाह तो कर लिया था, लेकिन समस्या अब भी थी। क्योंकि, दुल्हन पाकिस्तान में थी और दूल्हा भारत में। शादी के 138 दिन बाद दोनों के बीच की ये दूरी अब खत्म हो गई है। दुल्हन फातिमा अपने शौहर के पास जोधपुर आ गई है। जिससे दूल्हा-दुल्हन के परिवारों की खुशियां दुगनी हो गई हैं।
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दूल्हे के दादा बाले खान ने बताया कि वह अपने रिश्तेदार के यहां पाकिस्तान गए थे। जहां उनकी मुलाकात उरूज फातिमा से हुई थी। फातिमा रिश्ते में उनकी नातिन लगती है। रिश्तेदार के यहां रहने के दौरान फातिमा ने अपने नाना की जमकर सेवा की। बाले खान को फातिमा भाग गई और उन्होंने अपने पोते के लिए नातिन का रिश्ता पक्का कर लिया।
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परेशानी यह थी कि भारत-पाकिस्तान के बीच चलने वाली मुनाबाव खोखरापार ट्रेन बंद हो गई। गरीब परिवार के होने के कारण फ्लाइट की टिकट नहीं खरीद सकते थे। परिवार इस बात को लेकर काफी परेशान था कि बरात पाकिस्तान से जोधपुर कैसे ले जाई जाए? बरात फ्लाइट से ले जाते तो ज्यादा खर्च आता। ऐसे में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए निकाह कराने का फैसला किया गया। निकाह के बाद दुल्हन फातिमा ने भारत के वीजा लगाया। 138 दिन बाद वीजा मिलने पर फातिमा जोधपुर पहुंची।
दूल्हे के दादा ने केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को दिया श्रेय
दुल्हन फातिमा जोधपुर आने के बाद अपने ननिहाल भी गईं। दूल्हे के दादा वाले खान ने केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को इस मदद के लिए पूरा श्रेय दिया है। उन्होंने कहा वीजा मिलने में 7-8 महीने का वक्त लग जाता है। इस दौरान कई जांचों से भी गुजरना पड़ता है। लेकिन, केंद्रीय मंत्री शेखावत से गुहार लगाई तो उनकी मदद से वीजा जल्द मिल गया।