Rajasthan: चिंतिन शिविर से एक दिन पहले सांसद मीणा पहुंचे उदयपुर, पुलिस ने होटल घेरा, जयपुर भेजने का प्रयास
उदयपुर पहुंचे सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने कहा, 14 मई को आठ राज्यों के आदिवासियों का धरियावद में एक सम्मेलन है। उसमें शामिल होने के लिए आया हूं। मुख्यमंत्री जी लोकतंत्र में आपकी ये तानाशाही नहीं चलेगी।
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कांग्रेस के चिंतिन शिविर से एक दिन पहले सांसद किरोड़ी लाल मीणा के उदयुपर पहुंचे से पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। मीणा शहर के एक होटल में रुके हुए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस होटल में पहुंची और उन्हें वहां से वापस भेजने के प्रयास किए जा रहे हैं।
इस पूरे मामले पर मीणा ने कहा, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश पर पुलिस ने चारों तरफ से घेर लिया है। यह लोकतंत्र में सही नहीं है, मुझे जबरदस्ती यहां से बाहर जाने के लिए कहा जा रहा है। बताया जा रहा है कि पुलिस सांसद मीणा को जयपुर भेजने का प्रयास कर रही है, लेकिन वह जाने के लिए तैयार नहीं है। इसी बात पर अफसरों और उनके बीच होटल में बहस हो रही है।
दरअसल, कल 13 मई से कांग्रेस का चिंतन शिविर शुरू होने वाला है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बीते गुरुवार को ही उदयपुर पहुंच गए थे। शिविर से एक दिन पहले सांसद किरोड़ी लाल मीणा भी उदयपुर पहुंच गए। वे यहां एक होटल में रुके हुए है। इसकी जानकारी जैसे ही पुलिस को मिली होटल के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई। पुलिस के आला अधिकारी भी होटल में पहुंच गए हैं और उन्हें जयपुर भेजने के प्रयास कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री @ashokgehlot51 जी,
आपकी @PoliceRajasthan ने करौली, अलवर, जोधपुर व भीलवाड़ा में तुष्टीकरण नीति से कार्रवाई नहीं की पर मैं उदयपुर में बैठक में बैठने व धरियावद में कार्यक्रम में भाग लेने आया तो पुलिस मुझे जबरन परेशान कर रही है। #लोकतंत्र में ऐसा तानाशाही रवैया ठीक है? pic.twitter.com/VYUpautPIx— Dr.Kirodi Lal Meena (@DrKirodilalBJP) May 12, 2022
सांसद मीणा ने मामले को लेकर किए तीन ट्वीट
- पहले ट्वीट में उन्होंने लिखा, 14 मई को आठ राज्यों के आदिवासियों का धरियावद में एक सम्मेलन है। उसमें मुझे भी आमंत्रण किया है। मैं उस में शामिल होने के लिए आया हूं, मुख्यमंत्री जी लोकतंत्र में आपकी ये तानाशाही नहीं चलेगी।
- दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा, उदयपुर में मेरे मित्र की तीये की बैठक में बैठने के लिए आया था, लेकिन राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश पर यहां की पुलिस ने चारों तरफ से घेर लिया है जो कि लोकतंत्र में उचित नहीं है। मुझे जबरदस्ती यहां से बाहर जाने के लिए कहा जा रहा है।
- तीसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी आपकी राजस्थान पुलिस ने करौली, अलवर, जोधपुर व भीलवाड़ा में तुष्टीकरण नीति से कार्रवाई नहीं की, पर मैं उदयपुर में बैठक में बैठने और धरियावद में कार्यक्रम में भाग लेने आया तो पुलिस मुझे जबरन परेशान कर रही है। लोकतंत्र में ऐसा तानाशाही रवैया ठीक है?
सरकार को विरोध का डर
राज्य सभा सांसद डॉ. किरोड़ी लाल मीणा आंदोलन नेता के रूप में प्रसिद्ध हैं। वह कई बार मुख्यमंत्री निवास के बाहर भी धरने पर बैठक चुके हैं। ऐसे में कांग्रेस को डर है कि कल होने वाले चिंतन शिविर को वह कोई हंगामा ना कर दें। अगर, ऐसा हुआ तो वह गहलोत सरकार की कांग्रेस आलाकमान के सामने किरकिरी हो सकती है। इस कारण पुलिस प्रशासन उन्हें जयपुर भेजने के प्रयास कर रहा है।