Rajasthan: गहलोत-पायलट कुर्सी के लिए झगड़ते रहे, किसान-गरीब की समस्या नहीं सुनी गई; भाजपा नेता ओम माथुर बोले
भाजपा सांसद ओम माथुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पांच साल तक कुछ नहीं किया और जब चुनाव नजदीक आया तो राजस्थान की याद आई। उन्होंने कहा कि गहलोत सरकार के कुर्सी पर बैठते ही लटियाल माता का श्राप लग गया।
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भाजपा की तीसरी परिवर्तन यात्रा मंगलवार को जोधपुर के फलौदी पहुंची। इस दौरान आमसभा को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद और भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष ओम माथुर ने कहा कि 35 साल बाद फलौदी में मुख्य वक्ता के रूप में आना हुआ है। इससे पहले 1998 में डॉ. हेडगेवार की एक विराट सभा में मुख्य वक्ता के रूप में मुझे बुलाया गया था। छत्तीसगढ़ में प्रवास के चलते मुझे यहां आने का मौका कम मिलता है। अब परिवर्तन यात्रा में मुझे बुलाया गया तो आप सभी से मिलने और बात करने का मौका मिला है। माथुर ने कहा कि मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में भी परिवर्तन यात्राएं निकाली जा रही हैं।
सभा में माथुर ने गहलोत सरकार और कांग्रेस पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि इस सरकार ने पांच साल तक कुछ नहीं किया और जब चुनाव नजदीक आया तो राजस्थान की याद आई। उन्होंने कहा कि गहलोत सरकार के कुर्सी पर बैठते ही लटियाल माता का श्राप लग गया। जैसे किसान खेत में हल चलाकर फसल बोता है और ये सोचता है कि फसल पैदा हुई तो मुझे खाने को मिलेगा। लेकिन, जब फसल पैदा हुई तो उसे कोई और खा गया।
इससे प्रदेश में ऐसे हालात पैदा हुए कि अशोक गहलोत चाहते हैं कि मैं कुर्सी से चिपका रहूं तो उनके प्रतिद्वंदी सचनि पायलट चाहते हैं कि कब मौका मिले और गहलोत को कुर्सी से उठा के फेंकू। इसी उठापटक में सरकार पांच साल तक लगी रही और प्रदेश के गरीब किसान की समस्याओं पर ध्यान ही नहीं दिया गया। एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विकास के लिए बजट देते रहे और इस कांग्रेस सरकार ने कोई काम नहीं होने दिया। इस सरकार ने सिर्फ प्रदेश का सत्यानाश किया और लूट मचाए रखी।
ओम माथुर ने कहा कि आजादी के 75 सालों में से 65 साल तक एक ही परिवार ने देश पर राज किया और देश को लूटने का काम किया। देश की स्थिति यह थी कि हमें कभी विदेशाों से अनाज मांगना पड़ता था तो कभी दवाइयां मांगने जाना पड़ता था। लेकिन, केंद्र में पीएम मोदी की सरकार बनने के बाद से भारत की दशा बदलने लगी। जब पीएम मोदी पहली बार यूएनओ में गए और वहां भाषण दिया तो खुद के लिए कुछ नहीं मांगा। दुनिया में जैसे वेलेंटाइन डे, फादर्स डे, मदर्स डे और अन्य डे मनाए जाते हैं वो आप चाहे जैसे मनाते रहें, लेकिन दुनिया को तंदुरूस्त मजबूत बनाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाए। उसके बाद यूएनओ ने भारत के कहने पर पूरे विश्व में 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया। यह विश्वगुरू बनने की पहली सीढ़ी थी।
ओम माथुर ने कहा कि पहले भारत के नेता विदेश यात्रा पर जाते थे तो एक डरा करते थे। लेकिन, आज आप विश्व में कहीं भी जाओ भारत के सनातन धर्म की बात होती है। पहले जब पीएम मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे अमेरिका ने वीजा देने से मना कर दिया करता था। वही अमेरिका अब भारत को बुलावा भेजता है। क्योंकि, अमेरिका को पता है कि जो नेता रूस-यूक्रेन का युद्ध रूकवा सकता है वह कुछ भी करवा सकता है। पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ने जी-20 का सफल सम्मेलन आयोजन करके देश की साख को बढ़ाने का काम किया है।