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Rajasthan News: वायु सेना की बड़ी उपलब्धि, सी-17 विमान से स्वदेशी बीएमपी की हवाई डिलीवरी का परीक्षण सफल
Sun, 28 Apr 2024 11:15 AM IST
उदित दीक्षित
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Sun, 28 Apr 2024 11:15 AM IST
सार
विमान के जरिए कई पैराशूट बांधकर मैकेनाइज्ड प्लेटफार्म को हवा से नीचे फेंका गया। भारतीय वायु सेना ने इसे सुरक्षित रूप से ड्रॉप किया। सबसे बड़ी बात यह रही कि जिस जगह इसे ड्रॉप करना था यह वहीं उतरा।
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सी-17 विमान से स्वदेशी बीएमपी की हवाई डिलीवरी।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजस्थान राज्य के कई जिले इंटरनेशनल बॉर्डर पाकिस्तान से सटे हुए हैं । उनमें गंगानगर, हनुमानगढ़, जैसलमेर ,बाड़मेर,बीकानेर और जोधपुर जिले शामिल है। इनमें से एक जिले बीकानेर में सेना की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज है, यानी वह इलाका जहां पर थल और वायु सेवा अभ्यास करती है ।
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अक्सर कई बड़े देशों के सैनिक भी भारतीय सेना के साथ अभ्यास में शामिल रहते हैं। इन्हीं अभ्यास के दौरान इंडियन एयर फोर्स ने एक ऐसी सफलता हासिल की है जिसके लिए फोर्स को सोशल मीडिया पर लगातार बधाई मिल रही है।
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Combat Capability Enhancement: Strategic Aerial Delivery of BMP from C-17
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In an joint demonstration of seamless operational collaboration, a C-17 aircraft of IAF, in conjunction with the Indian Army and ADRDE, flawlessly airdropped an Indian Army BMP rigged over an indigenised… pic.twitter.com/IcwB3RcJ07— Indian Air Force (@IAF_MCC) April 25, 2024
बीकानेर महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में प्रैक्टिस सेशन
बीकानेर के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में इंडियन एयर फोर्स का एक प्रैक्टिस सेशन हुआ। इस सेशन के दौरान स्पेशल एयरक्राफ्ट के जरिए हवा में उड़ते हुए एक मैकेनाइज्ड प्लेटफॉर्म (बीएमपी) को युद्ध स्थल या अन्य जगहों पर सुरक्षित तरीके से उतारने का अभ्यास किया गया। वायु सेवा के विशेष विमान के जरिए सैकड़ों किलो वजनी कुछ वस्तुओं को हवा से सुरक्षित तौर पर नीचे जमीन पर उतरा गया। इंडियन एयर फोर्स के सी-17 विमान के जरिए यह गतिविधि अंजाम दी गई। सेना की भाषा में इसे एयरड्राप कहा जाता है।
जवानों को मिल रहीं बधाइयां
विमान के जरिए कई पैराशूट बांधकर मैकेनाइज्ड प्लेटफार्म को हवा से नीचे फेंका गया और सबसे बड़ी बात यह रही कि जिस जगह उसे ड्राप करना था उसी जगह पर यह सुरक्षित रूप से ड्रॉप भी हो गया। इस तमाम प्रक्रिया में भारत में विकसित वस्तुओं और मशीनरी को काम में लिया गया। इस प्रक्रिया के बाद भारतीय वायु सेवा को भारी मशीनरी सुरक्षित तौर पर जमीन पर उतारने में कामयाबी मिली है।