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बीकानेर नगर निगम चुनाव परिणाम: 10 साल का इंतजार खत्म, कांग्रेस का कब्जा; 42 सीटें जीतकर हासिल किया पूर्ण बहुमत
Mon, 14 Sep 2026 05:18 PM IST
बीकानेर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर
Published by: बीकानेर ब्यूरो
Updated Mon, 14 Sep 2026 05:18 PM IST
सार
बीकानेर नगर निगम चुनाव में कांग्रेस ने 10 साल बाद शानदार वापसी की है। कांग्रेस ने 79 में से 42 वार्ड जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल किया है। भाजपा 25 सीटों पर सिमट गई, जबकि 11 निर्दलीय और एक रालोपा प्रत्याशी विजयी रहा। कांग्रेस के अनिल कल्ला ने भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक पारीक को हराया, वहीं पूर्व महापौर सुशीला कंवर राजपुरोहित को भी हार का सामना करना पड़ा।
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बीकानेर नगर निगम चुनाव परिणाम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एक दशक के लंबे इंतजार के बाद नगर निगम बीकानेर में कांग्रेस ने शानदार वापसी करते हुए पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है। 79 वार्डों में हुए चुनाव में कांग्रेस ने 42 सीटों पर जीत दर्ज कर निगम की सत्ता पर कब्जा जमाया, जबकि भाजपा 25 सीटों पर सिमट गई। वहीं, 11 वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे और रालोपा ने भी अपना खाता खोलने में सफलता हासिल की। परिणाम घोषित होते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कांग्रेस कार्यालय सहित शहर के विभिन्न हिस्सों में कार्यकर्ताओं ने मिठाइयां बांटी, आतिशबाजी की और जीत का जश्न मनाया। माहौल ऐसा नजर आया, मानो शहर में एक साथ होली और दीपावली का उत्सव मनाया जा रहा हो।
वार्ड 73 में कांग्रेस के अनिल कल्ला की बड़ी जीत
शहर की सबसे चर्चित सीटों में शामिल वार्ड संख्या 73 में कांग्रेस के अनिल कल्ला ने भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक पारीक को 800 से अधिक मतों से पराजित कर बड़ी जीत दर्ज की। अनिल कल्ला पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला के भतीजे हैं। वहीं, भाजपा के लिए सबसे बड़ा झटका पूर्व महापौर सुशीला कंवर राजपुरोहित की हार रही, जिन्हें कांग्रेस की किरण भाटी ने करीब 400 मतों से शिकस्त दी।
कांग्रेस ने जनता के आशीर्वाद को बताया जीत की वजह
जीत के बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल ने इसे जनता का आशीर्वाद बताते हुए सभी मतदाताओं और कार्यकर्ताओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि भाजपा को चुनाव में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा तक को मैदान में उतारना पड़ा, लेकिन जनता ने अपना फैसला कांग्रेस के पक्ष में सुनाया। मेघवाल ने दावा किया कि भाजपा सरकार के कामकाज से जनता संतुष्ट नहीं थी और इसी कारण कांग्रेस को स्पष्ट जनादेश मिला है।
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बी.डी. कल्ला बोले- महापौर कांग्रेस का ही बनेगा
पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने भी इस जीत को कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम जनता की जीत बताया। उन्होंने कहा कि सड़क, पेयजल, सीवरेज और नगर विकास जैसे मुद्दों पर जनता ने कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महापौर पद को लेकर अंतिम निर्णय पार्टी आलाकमान करेगा, लेकिन महापौर कांग्रेस का ही बनेगा।
10 साल बाद सत्ता में वापसी से कांग्रेस में उत्साह
नगर निगम चुनाव में कांग्रेस की इस जीत को बीकानेर की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। दस साल बाद सत्ता में वापसी से कांग्रेस खेमे में उत्साह चरम पर है, जबकि भाजपा को आत्ममंथन की जरूरत महसूस की जा रही है।
80 वार्डों में 373 प्रत्याशी
बीकानेर नगर निगम के 80 वार्डों में कुल 373 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। सबसे ज्यादा प्रत्याशी वार्ड संख्या 2 में हैं। यहां 15 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला है। वहीं पांच वार्ड ऐसे हैं, जहां सिर्फ दो-दो प्रत्याशी आमने-सामने हैं। ऐसे में इन वार्डों में मुकाबला सीधे दो उम्मीदवारों के बीच रहा। पार्टीवार स्थिति देखें तो कांग्रेस ने 78 प्रत्याशियों को मैदान में उतारा, जबकि भाजपा ने 79 प्रत्याशियों पर दांव लगाया। वहीं 216 निर्दलीय प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा। वार्ड संख्या 69 से भाजपा की लीला गहलोत निर्विरोध निर्वाचित हो चुकी हैं।
ये भी पढ़ें: राजस्थान निकाय चुनाव परिणाम: किसके पक्ष में है शहरों का मूड? 309 निकायों में भाजपा-कांग्रेस की ताकत का फैसला
किस वार्ड में कितना मतदान?
मतदान प्रतिशत के लिहाज से भी बीकानेर नगर निगम के वार्डों में काफी अंतर देखने को मिला। वार्ड संख्या 24 में सबसे ज्यादा 85 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया। यहां मतदाताओं ने मतदान के प्रति खासा उत्साह दिखाया। इसके उलट वार्ड संख्या 12 में सबसे कम करीब 46 प्रतिशत मतदान हुआ। यानी दोनों वार्डों के मतदान प्रतिशत में करीब 39 प्रतिशत अंक का अंतर रहा।
पुरुषों से ज्यादा महिलाओं का मतदान
नगर निगम क्षेत्र में पुरुष मतदाताओं की संख्या 2 लाख 45 हजार 542 रही, जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 2 लाख 36 हजार 675 थी। कुल 3 लाख 29 हजार 238 मतदाताओं ने मतदान किया। कुल मतदान प्रतिशत 68.91 प्रतिशत रहा।
बीकानेर नगर निगम चुनाव में मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों के बीच माना जा रहा है, लेकिन बड़ी संख्या में निर्दलीय उम्मीदवारों के मैदान में होने से कई वार्डों में मुकाबला दिलचस्प हो गया है। 216 निर्दलीय प्रत्याशियों की मौजूदगी से कुछ वार्डों में राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों के सामने चुनौती बढ़ी है।
अब मतगणना के बाद साफ होगा कि 80 वार्डों में किस पार्टी को कितनी सफलता मिलती है और निर्दलीय प्रत्याशी कितने वार्डों में समीकरण बदलने में कामयाब होते हैं। वार्ड संख्या 2 में 15 प्रत्याशियों के बीच मुकाबले से लेकर दो प्रत्याशियों वाले वार्डों तक, अलग-अलग वार्डों के नतीजे बीकानेर नगर निगम की नई तस्वीर तय करेंगे।
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वार्ड 73 में कांग्रेस के अनिल कल्ला की बड़ी जीत
शहर की सबसे चर्चित सीटों में शामिल वार्ड संख्या 73 में कांग्रेस के अनिल कल्ला ने भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक पारीक को 800 से अधिक मतों से पराजित कर बड़ी जीत दर्ज की। अनिल कल्ला पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला के भतीजे हैं। वहीं, भाजपा के लिए सबसे बड़ा झटका पूर्व महापौर सुशीला कंवर राजपुरोहित की हार रही, जिन्हें कांग्रेस की किरण भाटी ने करीब 400 मतों से शिकस्त दी।
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कांग्रेस ने जनता के आशीर्वाद को बताया जीत की वजह
जीत के बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल ने इसे जनता का आशीर्वाद बताते हुए सभी मतदाताओं और कार्यकर्ताओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि भाजपा को चुनाव में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा तक को मैदान में उतारना पड़ा, लेकिन जनता ने अपना फैसला कांग्रेस के पक्ष में सुनाया। मेघवाल ने दावा किया कि भाजपा सरकार के कामकाज से जनता संतुष्ट नहीं थी और इसी कारण कांग्रेस को स्पष्ट जनादेश मिला है।
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बी.डी. कल्ला बोले- महापौर कांग्रेस का ही बनेगा
पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने भी इस जीत को कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम जनता की जीत बताया। उन्होंने कहा कि सड़क, पेयजल, सीवरेज और नगर विकास जैसे मुद्दों पर जनता ने कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महापौर पद को लेकर अंतिम निर्णय पार्टी आलाकमान करेगा, लेकिन महापौर कांग्रेस का ही बनेगा।
10 साल बाद सत्ता में वापसी से कांग्रेस में उत्साह
नगर निगम चुनाव में कांग्रेस की इस जीत को बीकानेर की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। दस साल बाद सत्ता में वापसी से कांग्रेस खेमे में उत्साह चरम पर है, जबकि भाजपा को आत्ममंथन की जरूरत महसूस की जा रही है।
80 वार्डों में 373 प्रत्याशी
बीकानेर नगर निगम के 80 वार्डों में कुल 373 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। सबसे ज्यादा प्रत्याशी वार्ड संख्या 2 में हैं। यहां 15 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला है। वहीं पांच वार्ड ऐसे हैं, जहां सिर्फ दो-दो प्रत्याशी आमने-सामने हैं। ऐसे में इन वार्डों में मुकाबला सीधे दो उम्मीदवारों के बीच रहा। पार्टीवार स्थिति देखें तो कांग्रेस ने 78 प्रत्याशियों को मैदान में उतारा, जबकि भाजपा ने 79 प्रत्याशियों पर दांव लगाया। वहीं 216 निर्दलीय प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा। वार्ड संख्या 69 से भाजपा की लीला गहलोत निर्विरोध निर्वाचित हो चुकी हैं।
ये भी पढ़ें: राजस्थान निकाय चुनाव परिणाम: किसके पक्ष में है शहरों का मूड? 309 निकायों में भाजपा-कांग्रेस की ताकत का फैसला
किस वार्ड में कितना मतदान?
मतदान प्रतिशत के लिहाज से भी बीकानेर नगर निगम के वार्डों में काफी अंतर देखने को मिला। वार्ड संख्या 24 में सबसे ज्यादा 85 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया। यहां मतदाताओं ने मतदान के प्रति खासा उत्साह दिखाया। इसके उलट वार्ड संख्या 12 में सबसे कम करीब 46 प्रतिशत मतदान हुआ। यानी दोनों वार्डों के मतदान प्रतिशत में करीब 39 प्रतिशत अंक का अंतर रहा।
| मतदान की स्थिति | वार्ड | मतदान प्रतिशत |
|---|
| सबसे अधिक मतदान | वार्ड 24 | 85% से अधिक |
| सबसे कम मतदान | वार्ड 12 | करीब 46% |
| नगर निगम का कुल मतदान | सभी 80 वार्ड | 68.91% |
पुरुषों से ज्यादा महिलाओं का मतदान
नगर निगम क्षेत्र में पुरुष मतदाताओं की संख्या 2 लाख 45 हजार 542 रही, जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 2 लाख 36 हजार 675 थी। कुल 3 लाख 29 हजार 238 मतदाताओं ने मतदान किया। कुल मतदान प्रतिशत 68.91 प्रतिशत रहा।
| विवरण | संख्या |
|---|
| कुल मतदाता | 4,82,229 |
| पुरुष मतदाता | 2,45,542 |
| महिला मतदाता | 2,36,675 |
| कुल मतदान | 3,29,238 |
| कुल मतदान प्रतिशत | 68.91% |
| कुल वार्ड | 80 |
| कुल प्रत्याशी | 373 |
बीकानेर नगर निगम चुनाव में मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों के बीच माना जा रहा है, लेकिन बड़ी संख्या में निर्दलीय उम्मीदवारों के मैदान में होने से कई वार्डों में मुकाबला दिलचस्प हो गया है। 216 निर्दलीय प्रत्याशियों की मौजूदगी से कुछ वार्डों में राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों के सामने चुनौती बढ़ी है।
अब मतगणना के बाद साफ होगा कि 80 वार्डों में किस पार्टी को कितनी सफलता मिलती है और निर्दलीय प्रत्याशी कितने वार्डों में समीकरण बदलने में कामयाब होते हैं। वार्ड संख्या 2 में 15 प्रत्याशियों के बीच मुकाबले से लेकर दो प्रत्याशियों वाले वार्डों तक, अलग-अलग वार्डों के नतीजे बीकानेर नगर निगम की नई तस्वीर तय करेंगे।