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दौसा: 2 करोड़ का शराब का ठेका, 999 करोड़ की लगी बोली, कंप्यूटर भी भूल गया गिनती
Mon, 12 Apr 2021 05:08 PM IST
प्रियंका तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा
Published by: प्रियंका तिवारी
Updated Mon, 12 Apr 2021 05:08 PM IST
सार
प्रथम बोलीदाता करण सिंह गुर्जर ने 999 करोड़ 99 लाख 95 हजार 216 रुपये की बोली लगाई। वहीं, दूसरे नंबर पर बोलीदाता नवल किशोर मीणा ने भी करीब 999 करोड़ 99 लाख 90 हजार 216 रुपये की बोली लगाई। देखते ही देखते यह आंकड़ा एक हजार करोड़ से आगे निकल गया। इसके बाद कंप्यूटर ने अमाउंट लेना ही बंद कर दिया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
राजस्थान में शराब की दुकानों की ई-ऑक्शन के माध्यम से लगने वाली बोलियों की चर्चा दूर-दूर तक होने लगी है। दरअसल, कुछ दिनों पहले हनुमानगढ़ जिले में एक शराब की दुकान की ई-ऑक्शन के माध्यम से 500 करोड़ रुपये से अधिक की बोली लगाई गई थी। शराब की दुकान की इतनी अधिक बोली लगाई जाने के बाद ऐसा ही एक नया मामला राज्य के दौसा जिले से सामने आया है, जहां शराब का ठेका लेने के लिए एक शख्स ने 999 करोड़ रुपये से अधिक की बोली लगाई। इसके बाद प्रतिद्वंद्वी ने भी उससे बढ़कर बोली लगा दी। हालांकि, चर्चा इस बात की भी हो रही है कि यहां बोली लगाने का सिललिसा तब तक चलता रहा जब तक कि कंप्यूटर में राशि लिखने की लिमिट खत्म नहीं हो गई।
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अब यह अनोखी बोली पूरे राजस्थान में चर्चा का विषय बनी हुई है। जानकारी के मुताबिक दौसा जिले के साहपुर पाखर गांव के शराब के ठेके के लिए ऑनलाइन बोली लगाई जा रही थी। इस बोली में नवल किशोर मीणा और करण सिंह गुर्जर ने हिस्सा लिया था। दोनों ने ही बोली लगाना शुरू किया और बोली की राशि 999 करोड़ रुपये से अधिक तक पहुंच गई।
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कंप्यूटर में नहीं दर्ज की जा सकी 999 करोड़ के आगे की संख्या
दौसा जिला के आबकारी अधिकारी अनिल कुमार जैन के मुताबिक प्रथम बोलीदाता करण सिंह गुर्जर ने 999 करोड़ 99 लाख 95 हजार 216 रुपये की बोली लगाई। वहीं, दूसरे नंबर पर बोलीदाता नवल किशोर मीणा ने भी करीब 999 करोड़ 99 लाख 90 हजार 216 रुपये की बोली लगाई। देखते ही देखते यह आंकड़ा एक हजार करोड़ से आगे निकल गया। इसके बाद कंप्यूटर ने अमाउंट लेना ही बंद कर दिया।
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ब्लैक लिस्ट हो सकते हैं बोली दाता
आबकारी अधिकारी ने बताया कि यदि बोलीदाताओं के द्वारा शराब का ठेका लिया जाता है तो ठीक है वरना दोनों ही बोली दाताओं को तीन साल के लिए ब्लैक लिस्ट कर दिए जाएंगे, जिसके बाद दोनों ही बोलीदाता आबकारी विभाग की दुकान व बीयर बार की बोलियों में भाग नहीं ले सकेंगे। इसके साथ ही अमानत राशि के तौर पर उनसे दो लाख रुपये व 60 हजार आवेदन शुल्क भी जब्त किया जाएगा।
रसूख की लड़ाई
बताया जा रहा है दोनों प्रतिद्वंद्वियों ने रसूख की लड़ाई के लिए यह बोली लगाई और इस दौरान उन्होंने इसे 999 करोड़ से अधिक तक पहुंचा दी। फिलहाल, दौसा जिले में कुल 138 शराब की दुकानें हैं, जिनमें से 129 दुकानें की चालू हो चुकी है। जबकि कुछ दुकानों को जल्द चालू करने की तैयारी की जा रही है।