{"_id":"65d87d61603e0e46fe06851d","slug":"sukhjinder-singh-randhawa-says-in-bharatpur-people-like-mahendra-malviya-were-stigma-for-congress-2024-02-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rajasthan Politics: भरतपुर में सुखजिंदर सिंह रंधावा बोले- महेंद्र मालवीय जैसे लोग कांग्रेस के लिए कलंक थे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rajasthan Politics: भरतपुर में सुखजिंदर सिंह रंधावा बोले- महेंद्र मालवीय जैसे लोग कांग्रेस के लिए कलंक थे
Fri, 23 Feb 2024 04:42 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Fri, 23 Feb 2024 04:42 PM IST
सार
लोकसभा चुनाव को लेकर नेताओं ने लोकसभा क्षेत्र में दौरा करना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को कांग्रेसी नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा, टीकाराम जूली और गोविंद सिंह डोटासरा भरतपुर पहुंचे। जहां वे लोकसभा चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेंगे। उसके बाद वह धौलपुर के लिए रवाना हो जाएंगे।
विज्ञापन
भरतपुर में सुखजिंदर सिंह रंधावा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजस्थान कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि मैनेजमेंट के लिए मीटिंग की जा रही है। वर्कर बताएंगे कि कहां कमी रही। अब आगे कैसे क्या किया जाए। बीजेपी मैनेजमेंट और डिसिप्लिन दोनों में हमसे आगे है। पार्टी और परिवार तब ही सही तरीके से चल सकता है, जब डिसिप्लिन सख्ती से लागू किया जाए। अगर थोड़ी भी ढील आ जाएगी तो नुकसान हो सकता है।
विज्ञापन
रंधावा ने कहा, मुझे सीएम नहीं बनाया, फिर भी मैं कांग्रेस के साथ हूं। मुझे सीएम के ऊपर बनाकर भेज दिया। यही एक डिसिप्लिन पार्टी में रहना चाहिए। डिसिप्लिन और पार्टी दोनों एक साथ चल गए तो हमें कोई नहीं रोक सकता। मैंने सख्त लह्जे में संदेश दिया था।
विज्ञापन
सीएम भजनलाल शर्मा के रेड लाइट के बयान पर सुखजिंदर सिंह ने कहा कि सीएम जहां जाता है, वहां उसका रूट तय होता है। वहां लाल बत्ती नहीं आती, वहां पूरी पुलिस खड़ी होती है। एक ड्रामा कर लिया। हमारी सरकार ने लाल बत्ती बंद कर दी थी। गाड़ी के ऊपर भी लाल बत्ती नहीं लगेगी। एक बार लाल बत्ती पर रुकना और उसकी मिसाल देना। किसान आंदोलन पर सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि बिना MSP के किसान कभी सर्वाइव नहीं कर सकता। चाहे वह किसी भी देश का किसान हो। किसान को अन्नदाता कहने वाले कैसे लाठियां बरसा रहे हैं। किसानों को रबर की बुलेट मारी जा रही है। किसानों को रोकने के लिए सड़क पर कांटे बिछाए गए हैं। दीवार बना दी गई है। ऐसा तो बांग्लादेश बना था, तब भी नहीं हुआ। अंग्रेजों के समय भी किसानों का आंदोलन हुआ था। उस समय भी अंग्रेजों ने किसानों को रोका नहीं था।
विज्ञापन
महेंद्र जीत मालवीय के बीजेपी पर जाने को लेकर सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि मुझे इस बात का बहुत अफसोस है। मालवीय ने कहा कि मैं तो पहले ही बीजेपी में जाना चाहता था। मुझे मिनिस्टर बनना था। इसका मतलब दाल में कुछ काला है। मंत्री हमारे सबसे ज्यादा हारे, कहां डील थी, कहां उनको छूट दे रखी थी। उन्हें डिसिप्लिन में क्यों नहीं रखा। जो व्यक्ति ऐसी बातें करते हैं। वह पहले अपने गिरेबान में देखें। मालवीय जैसे लोग कांग्रेस के लिए कलंक थे।