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एसआईआर विवाद: भजनलाल शर्मा का कांग्रेस पर हमला, बोले- संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर कर रही पार्टी
Sun, 27 Sep 2026 04:45 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Sun, 27 Sep 2026 04:45 PM IST
सार
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एसआईआर को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर निशाना साधते हुए संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने कांग्रेस से पांच सवाल पूछे और जनता के बीच जाकर काम करने की सलाह दी। 27 मई 2026 के सुप्रीम कोर्ट के आधिकारिक रिकॉर्ड में बिहार एसआईआर की वैधानिकता से जुड़े सवाल दर्ज हैं।
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सीएम भजनलाल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर सांविधानिक संस्थाओं को कमजोर करने तथा भ्रामक दावों के जरिये देश की लोकतांत्रिक प्रणाली को बदनाम करने का तीखा हमला बोला है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार-पांच दिनों से कांग्रेस गलत तथ्यों के सहारे सांविधानिक संस्थाओं पर लगातार निशाना साध रही है। जनता से पूरी तरह नकारी जा चुकी यह पार्टी सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों और निर्वाचन आयोग पर अकारण सवाल उठा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 27 मई को सर्वोच्च न्यायालय ने एसआईआर को पूरी तरह सही ठहराया था। इसके बावजूद कांग्रेस इस विषय पर अनर्गल सवाल खड़े कर रही है। कांग्रेस ने जिस मीडिया रिपोर्ट को अपने राजनीतिक आरोपों का आधार बनाया, उसे निर्वाचन आयोग पहले ही तथ्यहीन करार दे चुका है। उन्होंने कहा कि जब भी कोई चुनाव परिणाम कांग्रेस के मनमुताबिक नहीं आता, तो वह अपनी गलतियों को सुधारने के बजाय सांविधानिक संस्थाओं पर ठीकरा फोड़ने लगती है। कांग्रेस न तो अपनी हार पचा पा रही है और न ही दूसरों की जीत स्वीकार कर पा रही है।
राहुल गांधी के बयानों का किया उल्लेख
भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुराने बयानों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने विदेश में जाकर भारत की चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। राहुल गांधी ने राफेल मामले पर भी लगातार झूठ बोला था, जिसके कारण बाद में उन्हें सर्वोच्च न्यायालय में क्षमा मांगनी पड़ी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जब निर्णय पक्ष में नहीं आते, तो कांग्रेस सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों पर सवाल उठाती है। यहां तक कि यह पार्टी समय-समय पर भारतीय सेना के शौर्य पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करने से पीछे नहीं हटती।
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मुख्यमंत्री ने कांग्रेस से पूछे पांच सवाल
मुख्यमंत्री ने पत्रकार वार्ता में कांग्रेस से पांच सीधे सवाल पूछे। उन्होंने पूछा कि एसआईआर में कथित मतभेद का प्रमाण क्या है? कैबिनेट सचिव के पत्र को एसआईआर से जोड़ने का आधार क्या था? फॉर्म-6 में कथित बदलाव का दस्तावेज कहां है? मीडिया रिपोर्ट को राजनीतिक आरोप का आधार बनाने से पहले उसका सत्यापन हुआ था या नहीं? निर्वाचन आयोग के संयुक्त स्पष्टीकरण के बाद क्या उन आरोपों की समीक्षा की जाएगी?
जनता के बीच काम करने की दी सलाह
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेतृत्व को सलाह दी कि वह सांविधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का काम छोड़ दे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता के बीच जाकर उनके कल्याण के लिए कार्य करे। यदि कांग्रेस इसी तरह काम करती रही, तो वह रसातल में चली जाएगी।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि 27 मई को सर्वोच्च न्यायालय ने एसआईआर को पूरी तरह सही ठहराया था। इसके बावजूद कांग्रेस इस विषय पर अनर्गल सवाल खड़े कर रही है। कांग्रेस ने जिस मीडिया रिपोर्ट को अपने राजनीतिक आरोपों का आधार बनाया, उसे निर्वाचन आयोग पहले ही तथ्यहीन करार दे चुका है। उन्होंने कहा कि जब भी कोई चुनाव परिणाम कांग्रेस के मनमुताबिक नहीं आता, तो वह अपनी गलतियों को सुधारने के बजाय सांविधानिक संस्थाओं पर ठीकरा फोड़ने लगती है। कांग्रेस न तो अपनी हार पचा पा रही है और न ही दूसरों की जीत स्वीकार कर पा रही है।
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राहुल गांधी के बयानों का किया उल्लेख
भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुराने बयानों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने विदेश में जाकर भारत की चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। राहुल गांधी ने राफेल मामले पर भी लगातार झूठ बोला था, जिसके कारण बाद में उन्हें सर्वोच्च न्यायालय में क्षमा मांगनी पड़ी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जब निर्णय पक्ष में नहीं आते, तो कांग्रेस सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों पर सवाल उठाती है। यहां तक कि यह पार्टी समय-समय पर भारतीय सेना के शौर्य पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करने से पीछे नहीं हटती।
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मुख्यमंत्री ने कांग्रेस से पूछे पांच सवाल
मुख्यमंत्री ने पत्रकार वार्ता में कांग्रेस से पांच सीधे सवाल पूछे। उन्होंने पूछा कि एसआईआर में कथित मतभेद का प्रमाण क्या है? कैबिनेट सचिव के पत्र को एसआईआर से जोड़ने का आधार क्या था? फॉर्म-6 में कथित बदलाव का दस्तावेज कहां है? मीडिया रिपोर्ट को राजनीतिक आरोप का आधार बनाने से पहले उसका सत्यापन हुआ था या नहीं? निर्वाचन आयोग के संयुक्त स्पष्टीकरण के बाद क्या उन आरोपों की समीक्षा की जाएगी?
जनता के बीच काम करने की दी सलाह
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेतृत्व को सलाह दी कि वह सांविधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का काम छोड़ दे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता के बीच जाकर उनके कल्याण के लिए कार्य करे। यदि कांग्रेस इसी तरह काम करती रही, तो वह रसातल में चली जाएगी।