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एम्स जोधपुर में रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल खत्म: ईडी हटाए गए; दिल्ली तलब, नए निदेशक तक इन्हें मिला प्रभार

Sun, 27 Sep 2026 06:14 PM IST
प्रतीक पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर Published by: प्रतीक पांडेय Updated Sun, 27 Sep 2026 06:14 PM IST
सार

एम्स जोधपुर में रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल प्रशासनिक बदलाव और मांगों पर सहमति के बाद समाप्त हो गई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. गोवर्धन दत्त पुरी को पद से हटाकर दिल्ली तलब किया है। नए निदेशक की नियुक्ति तक एम्स जम्मू के निदेशक डॉ. संजीव सिन्हा को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

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aiims jodhpur resident doctors strike ends executive director removed sanjeev sinha additional charge
एम्स जोधपुर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जोधपुर में रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल रविवार को प्रशासनिक फेरबदल के आदेश के बाद समाप्त हो गई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एम्स जोधपुर के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. गोवर्धन दत्त पुरी को पद से हटाकर तुरंत दिल्ली तलब किया है।
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नए निदेशक की नियुक्ति होने तक एम्स जम्मू के निदेशक डॉ. संजीव सिन्हा को जोधपुर एम्स का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। प्रशासनिक बदलाव और मांगों पर सहमति बनने के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों ने अपना आंदोलन पूरी तरह समाप्त कर दिया है।
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डॉक्टर की मृत्यु से बढ़ा तनाव
संस्थान के एनेस्थीसिया विभाग में कार्यरत 29 वर्षीय रेजिडेंट डॉक्टर राजनरेश यादव मंगलवार को विश्राम कक्ष के शौचालय में अचेत पाए गए थे। बाद में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुरुआती स्तर पर इंजेक्शन के ओवरडोज की आशंका जताई गई है, हालांकि मौत की वास्तविक वजह विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। मृतक डॉक्टर ने इसी संस्थान से डॉक्टरी की पढ़ाई की थी और यहीं से स्नातकोत्तर का अध्ययन भी कर रहे थे। उनके बड़े भाई दिल्ली एम्स में डॉक्टर हैं। इस घटना के बाद चिकित्सकों में भारी रोष फैल गया और उन्होंने काम बंद कर धरना शुरू कर दिया।
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केंद्रीय मंत्री की मध्यस्थता और वार्ता
प्रदर्शनकारी चिकित्सक काम के अत्यधिक दबाव और 36-36 घंटे तक ड्यूटी कराए जाने की शिकायत कर रहे थे। उन्होंने मृतक डॉक्टर के परिवार को आर्थिक मदद देने तथा प्रशासन की ओर से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग रखी थी। हड़ताल के तीसरे दिन डॉक्टर ओपीडी तो पहुंचे, लेकिन मरीजों का इलाज करने के बजाय अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए। इसके बाद केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत एम्स पहुंचे और उन्होंने अधिकारियों तथा डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता की।


चार प्रोफेसरों की बनेगी समिति
एम्स की रोजमर्रा की गतिविधियों को संभालने के लिए पांच दिन में चार प्रोफेसरों की समिति का गठन किया जाएगा। इसके अलावा रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन बनाने की मांग स्वीकार कर ली गई है। इससे पहले एम्स प्रशासन ने मौत के कारणों की जांच हेतु डॉ. सूरजित घटक की अध्यक्षता में एक समिति बनाई थी। लिखित आश्वासन और बदलाव के बाद आंदोलन खत्म हो गया।
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