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पड़ोसियों से चौकस रहने की जरूरत-उप राष्ट्रपति
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
Updated Fri, 10 Oct 2014 06:38 PM IST
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चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग की भारत यात्रा से लौटने के बाद भारत-चीन संबंधों पर लगातार हो रही चर्चाओं के बीच उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कहा है कि पड़ौसियों को लेकर फिलहाल हम बहुत खुश हों, ऐसी स्थिति भी नहीं हैं। हमें हर कदम चौकस होकर उठाने होंगे। अच्छा हमेशा यही होगा कि पडौसी देशों से हमारे रिश्ते अमन चैन के हों।
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राजस्थान यात्रा के दौरान उप राष्ट्रपति अवलोकन के लिए शुक्रवार को वनस्थली विद्यापीठ पहुंचे और उन्होंने छात्राओं और शिक्षकों से बातचीत के दौरान ये विचार व्यक्त किए। यहां अंसारी से भारत और चीन के साथ चलने और आगे बढऩे को लेकर जिनपिंग द्वारा भारत में बोली गई बातों की सत्यता को लेकर सवाल किया गया था। अंसारी ने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी पड़ौसी हमारे स्वयं के लिए चुनना मुमकिन नही हैं। भौगोलिक पड़ौसी हमें प्राकृतिक रूप से ही मिलते हैं।
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एशिया की शताब्दी दिखावा या हकीकत
अंसारी से सवाल किया गया कि 21 वीं शताब्दी को एशिया की शताब्दी कहा जा रहा हैं। इससे आप सहमत हैं या यह महज दिखावा है? अंसारी ने कहा कि ऐसा आर्थिक दृष्टि से या राजनीतिक दृष्टि से हो सकता हैं। उन्होंने कहा कि अभी जो स्थिति हैं और जो स्थिति होनी चाहिए इसके बीच फासला है। उन्होंने कहा कि यह इस बात पर निर्भर करेगा कि एशिया के देश एवं लोग इस फासले को मिटाने के लिए कितनी तेजी से एवं कितनी गुणवत्ता से कार्य करते हैं। आतंकियों द्वारा मानवाधिकार के दुरूपयोग से लोकतंत्र को मिल रही चुनौतियों को लेकर पूछे गए सवाल पर अंसारी ने कहा कि किसी भी हालत में मानवाधिकारों का दुरूपयोग ठीक नहीं हैं।
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