फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Barmer News ›   Meet Ruchika Malu Barmer Girl Gives Up CA Dreams to Take Jain Diksha from Acharya Mahashraman

कौन हैं बाड़मेर की रुचिका मालू?: जिन्होंने सीए बनने का सपना छोड़ा, अब आचार्य महाश्रमण से लेंगी दीक्षा; वीडियो

Sun, 20 Sep 2026 11:06 AM IST
बाड़मेर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेर Published by: बाड़मेर ब्यूरो Updated Sun, 20 Sep 2026 11:06 AM IST
सार

बाड़मेर की रुचिका मालू चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने के सपने के साथ पढ़ाई करने के बाद अब सांसारिक जीवन छोड़कर संयम की राह अपनाने जा रही हैं। लाडनूं में वह आचार्यश्री महाश्रमणजी से दीक्षा ग्रहण करेंगी।

विज्ञापन
Meet Ruchika Malu Barmer Girl Gives Up CA Dreams to Take Jain Diksha from Acharya Mahashraman
बाड़मेर की बेटी रुचिका मालू अध्यात्म की राह पर - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

सीए बनने के सपने के साथ एमए तक पढ़ाई कर चुकी बाड़मेर की बेटी रुचिका मालू अब सांसारिक जीवन की दौड़ से अलग संयम की राह पर कदम बढ़ाने जा रही हैं। आज लाडनूं में वह आचार्यश्री महाश्रमणजी के कर कमलों से दीक्षा ग्रहण करेंगी। बचपन से ही धर्म के प्रति विशेष लगाव रखने वाली मुमुक्षु रुचिका अब संयम में सीए यानी चारित्र अंगीकार के संकल्प के साथ संयम के कठिन जीवन को धारण कर अपनी नई पहचान बनाने जा रही हैं।
विज्ञापन




बचपन से मिले धार्मिक संस्कार
मुमुक्षु रुचिका मालू बताती हैं कि परिवार से ही उन्हें धार्मिक संस्कार मिले हैं और बचपन से लेकर अब तक धर्म की राह दिखाते हुए बताया गया कि जीवन में कुछ कार्य करो, लेकिन धर्म का होना जरूरी है। बचपन में जब कभी सामायिक (आत्मचिंतन व ध्यान) नहीं करती थीं तो मम्मी से डांट खानी पड़ती थी। वह कभी-कभी कमरे में बंद करके रख देती थीं, जब तक सामायिक पूरी नहीं हो जाती थी। दादाजी और पापा हर रोज मंदिर ले जाते थे। इस प्रकार बचपन से ही घर-परिवार से धर्म को लेकर संस्कार मिले हैं। रुचिका ने बताया कि दादाजी और पापा चाहते थे कि हमारे घर से कोई दीक्षित बने, लेकिन मम्मी और दादी इस बात पर राजी नहीं थे। हालांकि बाद में मम्मी इस बात पर मान गईं, परंतु दादी नहीं चाहती थीं कि हम लोग घर में सुख-सुविधाओं में रहें और उनकी पोती संयम जैसे कठिन पथ पर जाए।
विज्ञापन


दादी से दीक्षा की अनुमति मांगने में लगता था डर
रुचिका का कहना है कि दीक्षा की आज्ञा के लिए दादी को मनाने का प्रयास करते तो उनकी तबीयत खराब हो जाती। ऐसे में मन में डर लगा रहता था कि कहीं उन्हें कुछ न हो जाए। जिसके चलते उनके सामने इस बात का जिक्र करना ही छोड़ दिया। रुचिका ने बताया कि जुलाई वर्ष 2021 में दादी का देहावसान हो गया। उनकी मृत्यु के कुछ दिन बाद ही अचानक सपना आया, जिसमें उन्होंने दीक्षा की अनुमति दी। इसके साथ ही पूरे परिवार की अनुमति से दीक्षा लेने का फैसला किया। उन्होंने बताया कि परिवार में दादा मेवाराम मालू, पापा रुपेश जी व्यापारी और माता लीला देवी गृहिणी हैं। घर में चार बहनें हैं और वह सबसे बड़ी हैं। ताऊजी के परिवार में दो भाई-बहन भी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  खंडित जनादेश के बाद केकड़ी में बड़ा सियासी ड्रामा: आरएलपी बनी किंगमेकर, क्या 2021 की तरह होगी क्रॉस वोटिंग?


सीए बनने के सपने के साथ की पढ़ाई
रुचिका ने बताया कि उन्होंने कॉलेज तक पढ़ाई की और चार्टर्ड अकाउंटेंट यानी सीए बनने के सपने के साथ अपनी पढ़ाई पूरी की। मालू ने कहा कि शुरू से ही लक्ष्य तय था कि मुझे यह सांसारिक मोह-माया और दिखावटी जीवन नहीं जीना है और दीक्षा लेनी है। इसके बाद समझ आया कि सीए का एक अर्थ चारित्र अंगीकार का भी होता है, जो अब मैं करने जा रही हूं।

गर्ल्स कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव भी जीता
मुमुक्षु मालू ने बताया कि वह गर्ल्स कॉलेज में छात्रसंघ का चुनाव जीतकर वर्ष 2015 में उपाध्यक्ष बन चुकी हैं। चुनाव में उनकी प्रतिद्वंद्वी उनकी फ्रेंड थीं, जो चुनाव हार गई थीं। इस बात का उन्हें बहुत दुख हुआ, क्योंकि वह कभी किसी को भी दुख नहीं देना चाहती हैं।उन्होंने बताया कि पांच साल तक लाडनूं के परमार्थिक शिक्षण संस्थान में रहकर आध्यात्मिक व धार्मिक ज्ञान अर्जित किया। गुरु की निश्रा में रहकर कई तप, तपस्या और विहार करने का अवसर मिला है। सभी को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि जीवन में संस्कारों का होना बेहद जरूरी है। इसलिए अपने संस्कारों को कभी न भूलें और धर्म से जुड़े रहें।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed