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Banswara News: एक ही छत के नीचे होगा सिकल सेल, थैलेसिमिया और हिमोफिलिया का इलाज, विशेषज्ञ टीम ने किया निरीक्षण
Thu, 04 Jun 2026 05:19 PM IST
बांसवाड़ा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ा
Published by: बांसवाड़ा ब्यूरो
Updated Thu, 04 Jun 2026 05:19 PM IST
सार
सिकल सेल, थैलेसिमिया और हिमोफिलिया जैसी गंभीर रक्त संबंधी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को जल्द ही बांसवाड़ा में बेहतर उपचार सुविधा मिल सकेगी। जिला अस्पताल में इन रोगों के लिए विशेष वार्ड विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है।
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महात्मा गांधी जिला अस्पताल में विशेष वार्ड के लिए निरीक्षण करते टीम सदस्य।
विस्तार
जनजाति बहुल बांसवाड़ा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। महात्मा गांधी जिला अस्पताल में सिकल सेल, थैलेसिमिया और हिमोफिलिया से पीड़ित मरीजों के लिए विशेष वार्ड विकसित किया जाएगा। इन तीनों रोगों से ग्रसित मरीजों को एक ही स्थान पर बेहतर उपचार और विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वार्ड के केंद्रीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर की विशेषज्ञ टीम ने गुरुवार को महात्मा गांधी जिला अस्पताल का दौरा कर प्रस्तावित व्यवस्थाओं का जायजा लिया। टीम ने अस्पताल प्रशासन के साथ विभिन्न वार्डों और उपलब्ध संसाधनों का निरीक्षण किया तथा विशेष वार्ड के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित कर प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान टीम ने शिशु वार्ड, पुरुष एवं महिला वार्ड, ब्लड बैंक सहित अस्पताल में उपलब्ध विभिन्न स्वास्थ्य सुविधाओं का अवलोकन किया। साथ ही आवश्यक संसाधनों और उपकरणों की सूची तैयार कर आगे की कार्रवाई के लिए अपने साथ ले गई।
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विशेष वार्ड की स्थापना से सिकल सेल, थैलेसिमिया और हिमोफिलिया रोगियों को एक ही स्थान पर विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं, बेहतर आईपीडी सुविधाएं तथा आधुनिक उपचार उपलब्ध हो सकेंगे। इससे मरीजों और उनके परिजनों को उपचार के लिए बड़े शहरों के बार-बार चक्कर लगाने की आवश्यकता भी कम होगी। स्वास्थ्य क्षेत्र की यह पहल जिले के हजारों मरीजों के लिए राहत साबित होगी और बांसवाड़ा को रक्त संबंधी आनुवंशिक रोगों के उपचार के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है।
निरीक्षण दल में आईसीएमआर नई दिल्ली से डॉ. हीना तबस्सुम, आईसीएमआर मुंबई से डॉ. रूचा, नोवो नॉर्डिस्क हीमोफिलिया एंड अदर हेमोग्लोबिनोपैथी फाउंडेशन की शिखा झा, हीमोफिलिया फेडरेशन ऑफ इंडिया की अध्यक्ष प्रेमरूप अल्वा, हीमोफिलिया राजस्थान से धरम सिंह तथा सिकल सेल सक्षम राजस्थान फाउंडेशन के ललित किशोर पारगी शामिल रहे। इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. खुशपाल सिंह राठौड़, कार्यवाहक पीएमओ डॉ. योगेश जोशी, उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राहुल डिंडोर, उप नियंत्रक डॉ. डीके गोयल, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. रंजन चरपोटा और डॉ. राहुल जैन ने भी अपने सुझाव प्रस्तुत किए।