आसाराम की मुश्किलें बढ़ी, हाईकोर्ट से लगे दो झटके
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नाबालिग से दुष्कर्म मामले में फंसे आसाराम को मंगलवार को जोधपुर हाईकोर्ट से दो झटके मिले, जिससे वे मुश्किलों में फंस सकते हैं। हाईकोर्ट ने आसाराम की दो याचिकाएं खारिज करते हुए पीडि़ता के स्कूली व अन्य दस्तावेज को निचली आदालत में दाखिल करने के लिए हरी झंडी दिखा दी है।
आसाराम के वकीलों की निचली अदालत में हमेशा से दलील रही कि घटना के समय पीडि़ता नाबालिग नहीं थी, लेकिन अब ये दस्तावेज बालिग बताने के तर्क पर भारी पड़ सकते हैं।
पीडि़ता के स्कूली दस्तावेज निचली अदालत में होंगे दाखिल
मामले के अहम दस्तावेज के रूप में निचली अदालत ने सुनवाई के दौरान पीडि़ता के सातवीं से लेकर ११वीं तक की अंक तालिकाएं व १०वीं का प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेज स्वीकार किए थे, जिसके विरोध में आसाराम ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अभियोजन पक्ष ने पीडि़ता के नाबालिग होने के सबूत के तौर पर स्कूली रिकॉर्ड व अन्य दस्तावेज निचली अदालत में पेश करने की अनुमति मांगी थी, जिसे स्वीकार किया गया।
अभियोजन का तर्क था कि इन महत्वपूर्ण दस्तावेजों से यह तय हो सकेगा कि पीडि़ता बालिग है या नाबालिग। आसाराम के वकीलों ने यह कहते हुए विरोध किया कि बीच सुनवाई इस तरह से ये दस्तावेज स्वीकार नहीं किए जा सकते। इसके बाद आसाराम ने दो याचिकाएं लगाते हुए हाईकोर्ट से मांग कि निचली अदालत उस निर्णय पर रोक लगाई जाए, जिसमें उन्होंने बीच सुनवाई ऐसे दस्तावेज स्वीकार किए हैं। लेकिन आसाराम को निराशा हाथ लगी।