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साइकिल चलाकर चार्ज लेने जयपुर जाएंगे सेना कमांडर, कहा- युवाओं को मिलेगी प्रेरणा
Fri, 30 Aug 2019 10:35 AM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: Sneha Baluni
Updated Fri, 30 Aug 2019 10:35 AM IST
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कैडेट के साथ लेफ्टिनेंट जनरल आलोक क्लेर
- फोटो : Social Media
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भारतीय सेना के एक वरिष्ठ जनरल इस हफ्ते अपना नया कार्यभार संभालने के लिए किसी विमान या गाड़ियों के काफिल से नहीं बल्कि साइकिल से पहुंचेंगे। सेना में कमांडर होने के नाते उनके पास विमान या गाड़ी से जाने की सुविधा मौजूद है इसके बावजूद उन्होंने साइकिल को चुना है। इस कमांडर का नाम लेफ्टिनेंट जनरल आलोक क्लेर है। वह दिल्ली से जयपुर के बीच 270 किलोमीटर की यात्रा को साइकिल से तय करेंगे।
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उन्हें सेना ने शनिवार को दक्षिण पश्चिमी कमान का कार्यभार दिया है। वह वर्तमान में सैन्य प्रशिक्षण निदेशालय में तैनात हैं। 58 साल के जनरल ने कहा, 'साइकिलिंग करना एक उम्दा कसरत है और मैं इसे लेकर काफी जुनूनी हूं। मेरा मानना है कि फिटनेस एक निजी मिशन है और इसे कोई संगठन थोप नहीं सकता। यह मेरे कमांड के लोगों और अन्य को भी एक संदेश देता है।'
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क्लेर के बेटे आईमन और अरमान भी साइकिलिंग यात्रा पर अपने पिता के साथ रहेंगे। उन्हें उम्मीद है कि वह 14 घंटों में यात्रा को पूरा कर लेंगे। बीच में वह केवल कुछ समय के लिए टी ब्रेक के लिए रुकेंगे। एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने कहा, 'मुझे सेना के किसी कमांडर के बारे में नहीं पता जो साइकिल चलाकर अपनी कमांड का चार्ज लेने पहुंचा हो। बहुत से युवा अधिकारी इससे प्रेरण लेंगे।'
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क्लेर के दोस्तों का मजाक में कहना है कि यदि उन्हें दक्षिणी सेना का कमांडर बनाया जाता तो वह खुशी-खुशी दिल्ली से पुणे की यात्रा भी साइकिल से तय कर लेते। सेना में जनरल के फिटनेस और साइकिल प्रेम के बारे में सभी को पता है। पिछले साल अंबाला में उन्होंने अपने तहत विभिन्न फॉर्मेशन में सेवारत जवानों से मिलने के लिए 300 किलोमीटर साइकिल चलाई थी।
क्लेर ने कहा, 'समय और स्वास्थ्य सही रहे तो मैं दक्षिण पश्चिमी सेना के कमांडर के रूप में भी इसी नियम का पालन करुंगा।' वह युवा अधिकारी के तौर पर बास्केटबॉल चैंपियन रह चुके हैं। उनके पिता सेना अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। क्लेर को जून 1982 में 68 आर्मर्ड रेजिमेंट में कमीशन दिया गया था। उन्हें स्काईडाइविंग, पहाड़ पर चढ़ने और स्कूबा डाइविंग का भी शौक है।