Alwar News: हिमानी जैन ने दिखाया हौसला, दृष्टिहीन होकर भी 12वीं में 92.20% अंक हासिल किए
अलवर के खेड़ली कस्बे की हिमानी जैन, जो दृष्टिहीन है, ने 12वीं कक्षा में 92.20% अंक हासिल कर दिखा दिया कि अगर हौसला और मेहनत हो तो कोई भी मुश्किल रास्ता रोका नहीं जा सकता।
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विस्तार
राजस्थान के अलवर जिले के खेड़ली कस्बे की रहने वाली हिमानी जैन ने यह साबित कर दिया कि अगर इरादा मजबूत हो तो कोई भी मुश्किल रास्ता नहीं रोक सकता। हिमानी ने 12वीं कक्षा (कला वर्ग) में 92.20% अंक प्राप्त किए हैं, और खास बात यह है कि वह जन्म से दृष्टिहीन (नेत्रहीन) हैं।
परिवार और पड़ोस में खुशी का माहौल
हिमानी की इस सफलता से घर में जश्न का माहौल है। माता-पिता, दादी, चाचा-चाची ने मिठाइयाँ बांटी और पड़ोसियों ने भी बधाइयाँ दीं। हिमानी के पिता उमेश जैन एक आइसक्रीम पार्लर चलाते हैं और मां पूनम जैन गृहिणी हैं। दोनों बेटी की सफलता पर बेहद खुश हैं।
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सुनकर पढ़ाई करती थी
हिमानी ने बताया कि उसने कभी ट्यूशन नहीं लिया। स्कूल में अध्यापक जो कुछ पढ़ाते थे, वह ध्यान से सुनती और फिर घर आकर खुद से अभ्यास करती। 10वीं में भी उसने 85% अंक प्राप्त किए थे और फिर 12वीं की पढ़ाई के लिए एक प्राइवेट स्कूल में दाखिला लिया।
किसी से कम नहीं
आज जहाँ बच्चे 99% लाकर चर्चा में रहते हैं, वहीं हिमानी जैसे विद्यार्थी यह साबित कर रहे हैं कि दृढ़ संकल्प और मेहनत से कोई भी दिव्यांगता आपको रोक नहीं सकती। हिमानी अब आगे की पढ़ाई जारी रखेगी और वह अपनी इस सफलता का श्रेय माता-पिता, परिवार और अध्यापकों को देती है। हिमानी की कहानी हर उस छात्र के लिए प्रेरणा है जो किसी न किसी चुनौती से जूझ रहा है। उन्होंने यह दिखा दिया कि हौसला हो तो रास्ते खुद बनते हैं।