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Alwar News: नर्सिंग कॉलेज में भारी लापरवाही उजागर, प्रैक्टिकल के अंकों में गड़बड़ी से पूरा बैच ही हो गया फेल

Sat, 31 May 2025 09:39 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Sat, 31 May 2025 09:39 PM IST
सार

Alwar News: संवर्धन नर्सिंग कॉलेज के प्रशासन ने इस मामले को मानवीय भूल बताकर अपनी जिम्मेदारी कम करने की कोशिश की है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि स्टूडेंट्स के खराब हुए साल की भरपाई कैसे होगी।

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Alwar: Huge negligence exposed in nursing college, entire batch failed due to discrepancy in practical marks
कॉलेज प्रशासन की गलती से विद्यार्थियों का एक साल खराब होने की कगार पर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अलवर में बहरोड़ रोड पर सुरंग के निकट स्थित संवर्धन नर्सिंग कॉलेज में प्रशासन की एक बड़ी लापरवाही ने 39 छात्र-छात्राओं का भविष्य दांव पर लगा दिया। कॉलेज के सेकंड ईयर, थर्ड सेमेस्टर के सभी स्टूडेंट्स को प्रैक्टिकल परीक्षा में फेल घोषित कर दिया गया। इसका कारण कॉलेज प्रशासन द्वारा अंकों की गलत गणना बताई जा रही है। प्रैक्टिकल के लिए 50 में से अंक भेजने थे, लेकिन इन्हें 25 में से समझकर भेज दिया गया। इस गंभीर भूल ने पूरे बैच को फेल कर दिया, जिससे छात्रों और उनके परिवारों में गहरा आक्रोश और चिंता है। कॉलेज प्रशासन इसे मानवीय भूल करार दे रहा है, लेकिन यह सवाल अनुत्तरित है कि स्टूडेंट्स का खराब हुआ एक साल कैसे वापस आएगा।

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प्रैक्टिकल अंकों में हुई गंभीर चूक
संवर्धन नर्सिंग कॉलेज के सेकंड ईयर, थर्ड सेमेस्टर के 39 स्टूडेंट्स उस समय स्तब्ध रह गए, जब उनकी मार्कशीट में प्रैक्टिकल परीक्षा में फेल होने की जानकारी मिली। जांच करने पर पता चला कि कॉलेज प्रशासन ने प्रैक्टिकल के अंकों को 50 के बजाय 25 में से गणना कर भेजा था। प्रिंसिपल दिवाकर शर्मा ने इस गलती को स्वीकार करते हुए इसे कॉलेज स्टाफ की मानवीय भूल बताया। उन्होंने कहा कि सभी स्टूडेंट्स के अंक 25 से कम होने के कारण उन्हें फेल घोषित कर दिया गया, जबकि अंकों की गणना 50 के आधार पर होनी चाहिए थी। इस लापरवाही ने पूरे बैच को गंभीर संकट में डाल दिया।
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स्टूडेंट्स और परिवारों में आक्रोश
इस घटना ने कॉलेज के स्टूडेंट्स और उनके परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। हालांकि स्टूडेंट्स ने मीडिया के सामने खुलकर बोलने से परहेज किया, लेकिन फोन पर कई छात्रों ने अपनी पीड़ा साझा की। उन्होंने बताया कि अन्य सभी विषयों में उनके अंक अच्छे हैं, लेकिन प्रैक्टिकल में फेल होने की वजह से उनका एक साल बर्बाद होने का खतरा है। खास बात यह है कि प्रैक्टिकल की पूरी प्रक्रिया कॉलेज में ही हुई थी और अंक भी यहीं से भेजे गए थे। इस गलती ने न केवल कॉलेज प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए, बल्कि स्टूडेंट्स के भविष्य को भी अनिश्चितता में डाल दिया। परिवारवाले भी इस स्थिति से चिंतित और परेशान हैं।
 
कॉलेज प्रशासन की चुप्पी
कॉलेज प्रशासन ने इस मामले को मानवीय भूल बताकर अपनी जिम्मेदारी कम करने की कोशिश की है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि स्टूडेंट्स के खराब हुए साल की भरपाई कैसे होगी। स्टूडेंट्स ने इस लापरवाही के लिए कॉलेज प्रशासन के साथ-साथ संबंधित विभाग के अधिकारियों की भी शिकायत की है। उनकी मांग है कि इस गलती को तुरंत सुधारा जाए और उन्हें पास किया जाए। हालांकि न तो कोई स्टूडेंट इस मुद्दे पर खुलकर सामने आ रहा है, और न ही कॉलेज प्रशासन इस मामले में कोई ठोस जवाब दे रहा है। इस चुप्पी ने स्टूडेंट्स के बीच और अधिक असंतोष पैदा कर दिया।

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