फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   alwar pratapgarh pregnant women delivery ambulance referral system health services jaipur

अलवर: रेफर के बाद रास्ते में बढ़ी प्रसव पीड़ा, एंबुलेंस में दो महिलाओं की करानी पड़ी डिलीवरी

Sun, 13 Sep 2026 08:37 PM IST
प्रतीक पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर Published by: प्रतीक पांडेय Updated Sun, 13 Sep 2026 08:37 PM IST
सार

अलवर के प्रतापगढ़ क्षेत्र में जयपुर रेफर की गईं दो गर्भवती महिलाओं की रास्ते में प्रसव पीड़ा बढ़ने पर एंबुलेंस में ही डिलीवरी करानी पड़ी। दोनों महिलाओं ने बच्चों को जन्म दिया। घटनाओं के बाद ग्रामीणों ने सीएचसी की स्वास्थ्य सुविधाओं और रेफरल व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
 

विज्ञापन
alwar pratapgarh pregnant women delivery ambulance referral system health services jaipur
एंबुलेंस में किया गया प्रसव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रतापगढ़ क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं और रेफरल व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करने वाले दो मामले सामने आए हैं। सीएचसी प्रतापगढ़ से जयपुर रेफर की गईं दो गर्भवती महिलाओं की रास्ते में प्रसव पीड़ा बढ़ गई। अस्पताल पहुंचने से पहले ही एंबुलेंस को सड़क किनारे रोककर प्रसव कराना पड़ा। दोनों मामलों में एंबुलेंस कर्मियों ने डिलीवरी कराई।
विज्ञापन


जयपुर से पहले तेज हुई प्रसव पीड़ा
पहला मामला पड़ाकछापली गांव का है। 33 वर्षीय गर्भवती महिला को प्रसव के लिए थानागाजी सीएचसी में भर्ती कराया गया था। हालत को देखते हुए उसे जयपुर के गणगौरी अस्पताल रेफर किया गया। जयपुर पहुंचने से करीब 20 किलोमीटर पहले सड़वा मोड़ के पास महिला की प्रसव पीड़ा तेज हो गई। इसके बाद एंबुलेंस सड़क किनारे रोककर ईएमटी अमित कुमार सैनी ने प्रसव कराया, जबकि पायलट मनोज कुमार शर्मा ने मदद की। महिला ने बेटी को जन्म दिया। यह उसकी सातवीं संतान है। इससे पहले उसकी छह बेटियां हैं।
विज्ञापन


30 किलोमीटर पहले एंबुलेंस में हुआ प्रसव
दूसरा मामला गुवाड़ा गुगली की महिला का है। 30 वर्षीय महिला को प्रसव के लिए सीएचसी प्रतापगढ़ लाया गया था। यहां से उसे बड़े अस्पताल के लिए रेफर किया गया। जयपुर ले जाते समय अस्पताल से करीब 30 किलोमीटर पहले भानपुर मोड़ के पास अचानक प्रसव पीड़ा बढ़ गई। स्थिति को देखते हुए एंबुलेंस में ही डिलीवरी करानी पड़ी। महिला ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। यह उसकी सातवीं डिलीवरी थी। उसके पहले पांच बेटियां और एक बेटा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


रेफरल व्यवस्था पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल
दोनों घटनाओं के बाद स्थानीय लोगों ने सीएचसी प्रतापगढ़ की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि मरीजों को समुचित उपचार देने के बजाय कई मामलों में बड़े अस्पतालों के लिए रेफर कर दिया जाता है। गर्भवती महिलाओं को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे रास्ते में आपात स्थिति का खतरा बढ़ जाता है।

डॉक्टर बोलीं- प्रसूति वार्ड में संसाधनों की कमी
सीएचसी प्रतापगढ़ की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मोहिनी बलाई के अनुसार अस्पताल के प्रसूति वार्ड में पर्याप्त संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में कई मामलों में सामान्य प्रसव कराना भी मुश्किल हो जाता है। गंभीर गर्भवती महिलाओं को बेहतर सुविधाओं वाले बड़े अस्पताल में रेफर करना पड़ता है।


स्थानीय लोगों ने लगाया लापरवाही का आरोप
हालांकि, स्थानीय लोगों ने डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हों तो प्रसूताओं को लंबी दूरी तक रेफर करने की जरूरत कम हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed