{"_id":"65a8c060717125ba6105c8e3","slug":"ram-temple-folk-artists-made-a-grand-mandana-in-pushkar-unique-example-of-folk-art-made-with-natural-colors-2024-01-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ram Mandir: पुष्कर के ग्वालियर घाट पर लोक कलाकारों ने बनाया भव्य मांडणा, लोक कला का अप्रतिम नमूना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ram Mandir: पुष्कर के ग्वालियर घाट पर लोक कलाकारों ने बनाया भव्य मांडणा, लोक कला का अप्रतिम नमूना
Thu, 18 Jan 2024 11:38 AM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Thu, 18 Jan 2024 11:38 AM IST
सार
Ajmer: अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा को लेकर देश भर में चल रहे कार्यक्रमों के तहत अजमेर के पुष्कर सरोवर के ग्वालियर घाट पर लोक कला संस्थान, अजमेर के मांडणा कलाकारों ने 300 फीट लंबा और 18 फीट चौड़ा मांडणा बनाया है।
विज्ञापन
राजस्थान
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा को लेकर चल रहे सात दिवसीय कार्यक्रमों के तहत पुष्कर के ग्वालियर घाट पर अजमेर के लोक कला संस्थान के कलाकारों ने भव्य मांडणा बनाया है। धनुष की आकृति में बने इस मांडणे को लेकर लोक कलाकार संजय सेठी ने बताया कि 300 फीट लंबा और 18 फीट चौड़ा यह मांडणा अपने आप में एक रिकॉर्ड है।
विज्ञापन
संजय ने जानकारी देते हुए बताया कि लोक कला संस्थान अजमेर के आठ राजस्थानी मांडणा कलाकारों ने पुष्कर सरोवर के ग्वालियर घाट पर इस श्री राम धनुष कोदंड को लोक कला मांडणा से सजाया है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि इसे बनाने के लिए प्राकृतिक गेरू, पांडू एवं पेवडी रंगों का उपयोग किया गया है। संस्थान के प्रजेष्ठ नागोरा व मनोज प्रजापति ने इस धनुष का रेखाचित्र तैयार किया, उसके उपरांत घाट पर संजय कुमार सेठी, प्रजेष्ठ नागोरा, मनोज प्रजापति, अक्षरा माहेश्वरी, निकिता, गरिमा इंदौरा, दुर्गा गुर्जर, कृतिका शर्मा, प्रकाश नागोरा, अंकुर कुमावत एवं दीक्षा शर्मा द्वारा 6 घंटे के अथक प्रयासों से इसे चित्रांकित किया गया है।
विज्ञापन
श्री राम धनुष मांडणा तैयार होने बाद शाम के समय इसकी आरती एवं दीपदान का कार्यक्रम आयोजित किया गया एवं सभी कलाकारों को स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए। इस कार्यक्रम को शीघ्र ही विश्व रिकॉर्ड में दर्ज कराने के प्रयास किए जाएंगे।