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RPSC लेक्चरर (आयुष विभाग) भर्ती-2025: मल्टीपल आवेदन वाले 19 अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की सख्त जांच का आदेश
Thu, 25 Sep 2025 02:30 PM IST
अजमेर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
Published by: अजमेर ब्यूरो
Updated Thu, 25 Sep 2025 02:30 PM IST
सार
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने लेक्चरर (आयुष विभाग) भर्ती-2025 में एक से अधिक विषयों में आवेदन करने वाले 19 अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच का आदेश दिया है। इन अभ्यर्थियों को 29 सितंबर 2025 को प्रातः 9 बजे आयोग कार्यालय में दस्तावेज सत्यापन के लिए उपस्थित होना अनिवार्य है।
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मल्टीपल आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के दस्तावेज की होगी जांच
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने लेक्चरर आयुर्वेद, योग व प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्धा एवं होम्योपैथी (आयुष विभाग) भर्ती-2025 से जुड़ा एक अहम निर्णय लिया है। आयोग ने उन 19 अभ्यर्थियों की सूची जारी की है जिन्होंने अनिवार्य योग्यता सुनिश्चित किए बिना एक से अधिक विषयों में आवेदन किया है। इन अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच के लिए विशेष प्रक्रिया तय की गई है। आयोग सचिव रामनिवास मेहता ने जानकारी दी कि इन सभी अभ्यर्थियों को अपने मूल दस्तावेजों सहित उनकी प्रतिलिपियां लेकर 29 सितंबर 2025 को प्रातः 9 बजे आयोग कार्यालय में दस्तावेज सत्यापन हेतु उपस्थित होना अनिवार्य है। दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इन अभ्यर्थियों की पात्रता पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
सचिव ने स्पष्ट किया कि यदि कोई अभ्यर्थी निर्धारित तारीख को दस्तावेज सत्यापन हेतु उपस्थित नहीं होता है या फिर उसके पास विज्ञापन के अनुसार वांछित योग्यता नहीं पाई जाती है, तो उसके सभी ऑनलाइन आवेदन स्वतः निरस्त कर दिए जाएंगे। इतना ही नहीं, आयोग ने चेतावनी दी कि ऐसे अभ्यर्थियों को भविष्य में आयोजित होने वाली आयोग की सभी परीक्षाओं से डिबार कर दिया जाएगा।
यह भी पढ़ें- बच्चे मन के सच्चे: शिक्षा मंत्री के सामने विद्यार्थियों ने खोली MDM की पोल, अध्यापक करते रहे चुप रहने के इशारे
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इसके अलावा आयोग ने यह भी कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले अभ्यर्थियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 217 के तहत कानूनी कार्यवाही भी की जाएगी। यह प्रावधान सरकारी प्रक्रिया में झूठे दस्तावेज या गलत जानकारी प्रस्तुत करने वाले उम्मीदवारों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करता है। ज्ञात हो कि आयोग समय-समय पर भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाता रहा है। लेक्चरर (आयुष विभाग) भर्ती-2025 में यह कार्रवाई उसी दिशा में एक और सख्त कदम मानी जा रही है। आयोग का मानना है कि केवल योग्य और नियमों का पालन करने वाले अभ्यर्थियों को ही अवसर मिलना चाहिए। इस आदेश के बाद उन अभ्यर्थियों में खलबली मच गई है जिन्होंने एक से अधिक विषयों में आवेदन किया है। अब सभी की निगाहें 29 सितंबर को होने वाले दस्तावेज सत्यापन पर टिकी हैं, जिसके बाद यह तय होगा कि इनमें से कितने अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में आगे बढ़ पाएंगे।
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सचिव ने स्पष्ट किया कि यदि कोई अभ्यर्थी निर्धारित तारीख को दस्तावेज सत्यापन हेतु उपस्थित नहीं होता है या फिर उसके पास विज्ञापन के अनुसार वांछित योग्यता नहीं पाई जाती है, तो उसके सभी ऑनलाइन आवेदन स्वतः निरस्त कर दिए जाएंगे। इतना ही नहीं, आयोग ने चेतावनी दी कि ऐसे अभ्यर्थियों को भविष्य में आयोजित होने वाली आयोग की सभी परीक्षाओं से डिबार कर दिया जाएगा।
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इसके अलावा आयोग ने यह भी कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले अभ्यर्थियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 217 के तहत कानूनी कार्यवाही भी की जाएगी। यह प्रावधान सरकारी प्रक्रिया में झूठे दस्तावेज या गलत जानकारी प्रस्तुत करने वाले उम्मीदवारों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करता है। ज्ञात हो कि आयोग समय-समय पर भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाता रहा है। लेक्चरर (आयुष विभाग) भर्ती-2025 में यह कार्रवाई उसी दिशा में एक और सख्त कदम मानी जा रही है। आयोग का मानना है कि केवल योग्य और नियमों का पालन करने वाले अभ्यर्थियों को ही अवसर मिलना चाहिए। इस आदेश के बाद उन अभ्यर्थियों में खलबली मच गई है जिन्होंने एक से अधिक विषयों में आवेदन किया है। अब सभी की निगाहें 29 सितंबर को होने वाले दस्तावेज सत्यापन पर टिकी हैं, जिसके बाद यह तय होगा कि इनमें से कितने अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में आगे बढ़ पाएंगे।