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किशनगढ़: आसमान में अटकी सांसें, 3.5 घंटे हवा में चक्कर काटता रहा प्रशिक्षु विमान, एयरपोर्ट पर इमरजेंसी अलर्ट
Thu, 24 Sep 2026 03:19 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, किशनगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, किशनगढ़
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Thu, 24 Sep 2026 03:19 PM IST
सार
किशनगढ़ एयरपोर्ट पर गुरुवार को पायलट प्रशिक्षण के दौरान एक प्रशिक्षु विमान में तकनीकी खराबी आने से हड़कंप मच गया। पहिये में खराबी या टायर फटने की आशंका के बीच विमान करीब साढ़े तीन घंटे हवा में चक्कर काटता रहा।
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किशनगढ़ हवाई अड्डा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
विमानन अकादमी अवन्या एविएशन के एक प्रशिक्षु विमान में गुरुवार को अचानक तकनीकी खराबी आ जाने के कारण अफरा-तफरी मच गई। पायलट प्रशिक्षण की उड़ान के दौरान विमान के पहिये में खराबी आने या टायर फटने की आशंका के कारण विमान लगभग साढ़े तीन घंटे तक हवा में ही चक्कर काटता रहा। घटना की जानकारी मिलते ही किशनगढ़ हवाई अड्डे पर आपात स्थिति घोषित कर दी गई और प्रशासन ने व्यापक बचाव अभियान की तैयारी शुरू कर दी।
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हवाई अड्डे पर अलर्ट
विमान में खराबी की खबर सामने आते ही हवाई अड्डा प्रशासन ने तुरंत सुरक्षा और राहत दलों को सतर्क कर दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और राज्य आपदा मोचन बल की टीमों को मौके पर तैनात किया गया है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के अनुसार फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन इकाइयों को रनवे के पास तैनात रखा गया है। नागरिक विमानन महानिदेशालय से मान्यता प्राप्त अवन्या एविएशन के इस विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराने के लिए सभी बचाव एजेंसियां आपस में निरंतर समन्वय बनाकर काम कर रही हैं।
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ईंधन कम कर सुरक्षित लैंडिंग की रणनीति
हवाई यातायात नियंत्रण कक्ष और हवाई अड्डा प्रशासन विमान की हर हरकत पर लगातार नजर रख रहे हैं। विमान को संभावित दुर्घटना से बचाने के लिए एक विशेष प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है। अधिकारियों ने योजना बनाई है कि विमान का ईंधन का स्तर निर्धारित सीमा तक कम होने के बाद ही उसे नीचे उतारा जाएगा। इस तकनीक से लैंडिंग के समय किसी भी प्रकार की अनहोनी या आग लगने के खतरे को न्यूनतम किया जा सकेगा। पायलटों को एटीसी की ओर से लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं ताकि वे सुरक्षित रूप से लैंडिंग की प्रक्रिया पूरी कर सकें।
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स्थिति पर नियंत्रण और जांच का इंतजार
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान या अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। विमानन अकादमी का मुख्य आधार स्थल भी किशनगढ़ हवाई अड्डा ही है, जहां से नियमित रूप से उड़ानों का संचालन होता है।
विमान के सुरक्षित धरातल पर आने के बाद ही खराबी के वास्तविक कारणों की तकनीकी जांच की जा सकेगी। सुरक्षा एजेंसियां और आपातकालीन सेवाएं पूरे मामले पर पैनी नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी विषम परिस्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।