अजमेर में पहली बार जीतीं चुनाव: अब मेयर की दावेदार; जानिए कौन हैं अनामिका शर्मा
अजमेर नगर निगम के मेयर चुनाव में भाजपा ने वार्ड संख्या 3 से पहली बार पार्षद बनीं अनामिका शर्मा को अपना उम्मीदवार बनाया है। अनामिका ने बुधवार को नामांकन दाखिल किया। वह भाजपा नेता सीताराम शर्मा की पुत्रवधू और अजमेर जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष मनीष शर्मा की पत्नी हैं
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अजमेर नगर निगम की मेयर की कुर्सी के लिए सियासी हलचल तेज हो गई है। भाजपा ने वार्ड संख्या 3 से पहली बार पार्षद चुनी गईं अनामिका शर्मा को मेयर पद का उम्मीदवार बनाया है। अनामिका शर्मा ने बुधवार को मेयर पद के लिए अपना नामांकन भी दाखिल कर दिया। नामांकन के दौरान उनके साथ शहर भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश सोनी, पूर्व डिप्टी मेयर नीरज जैन समेत पार्टी के अन्य नेता मौजूद रहे। अब पहली बार पार्षद बनीं अनामिका शर्मा सीधे मेयर की कुर्सी की दौड़ में हैं।
अजमेर नगर निगम के 80 वार्डों के चुनाव परिणाम में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। कांग्रेस 37 पार्षदों के साथ सबसे बड़ा दल है, जबकि भाजपा के 32 पार्षद हैं। इसके अलावा 11 निर्दलीय पार्षद भी जीतकर आए हैं। निगम में बहुमत के लिए 41 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। ऐसे में मेयर चुनाव का पूरा गणित 11 निर्दलीय पार्षदों के रुख पर टिका हुआ है।
पहली बार चुनाव लड़ा और जीतकर सीधे मेयर पद की दावेदारी
अनामिका शर्मा ने पहली बार चुनाव लड़ा और वार्ड संख्या 3 से पार्षद चुनी गईं। चुनाव जीतने के बाद भाजपा ने उन्हें सीधे मेयर पद का उम्मीदवार बनाकर बड़ी जिम्मेदारी दी है। अनामिका शर्मा को अजमेर की राजनीति में नया चेहरा माना जा रहा है।
नामांकन में दी गई जानकारी के मुताबिक, अनामिका शर्मा की शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास है। उनकी कुल संपत्ति करीब 37.61 लाख रुपये बताई गई है। वह लघु उद्यम से जुड़ी हैं। यानी चुनावी राजनीति में उनकी यह पहली पारी है और शुरुआत ही नगर निगम के सबसे बड़े पद की दावेदारी से हुई है।
राजनीतिक परिवार से भी है जुड़ाव
अनामिका शर्मा का भाजपा और राजनीतिक परिवार से भी संबंध है। वह भाजपा नेता सीताराम शर्मा की पुत्रवधू हैं। उनके पति मनीष शर्मा अजमेर जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष हैं। यही राजनीतिक पारिवारिक पृष्ठभूमि भी अनामिका की पहचान का एक हिस्सा है।
पार्टी के भीतर अनामिका शर्मा को विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के करीबी नेताओं से जुड़े चेहरे के तौर पर भी जोड़ा जाता रहा है। ऐसे में पहली बार पार्षद बनने के बावजूद मेयर पद के लिए उनके नाम पर दांव लगाए जाने को अजमेर की स्थानीय राजनीति में अहम घटनाक्रम माना जा रहा है।
कांग्रेस के पास 37 पार्षद, भाजपा के 32
अनामिका शर्मा के नामांकन के साथ ही अजमेर नगर निगम के मेयर चुनाव का मुकाबला अब औपचारिक तौर पर आगे बढ़ गया है। चुनाव परिणाम में कांग्रेस ने 37 वार्ड जीतकर सबसे बड़े दल के रूप में अपनी स्थिति बनाई है। भाजपा के खाते में 32 सीटें आई हैं, जबकि 11 निर्दलीय पार्षद भी चुनाव जीतने में कामयाब रहे हैं। 80 सदस्यीय निगम में बहुमत के लिए 41 पार्षदों का समर्थन चाहिए। कांग्रेस बहुमत से चार सीट दूर है, जबकि भाजपा को बहुमत तक पहुंचने के लिए नौ अतिरिक्त पार्षदों के समर्थन की जरूरत होगी। यही वजह है कि दोनों प्रमुख दलों की नजर अब निर्दलीय पार्षदों पर है।
करीब 36 साल बाद कांग्रेस के सामने बोर्ड बनाने का मौका
अजमेर नगर निगम के चुनाव परिणाम कांग्रेस के लिए भी खास हैं। करीब 36 साल बाद पार्टी ऐसी स्थिति में पहुंची है, जहां उसके पास निगम में बोर्ड बनाने का मौका है। हालांकि इसके लिए उसे बहुमत का आंकड़ा जुटाना होगा।
मेयर चुनाव से पहले कांग्रेस अपने निर्वाचित पार्षदों को शहर से बाहर ले जा चुकी है। वहीं भाजपा के पार्षद जयपुर में बताए जा रहे हैं। दोनों दल अपने पार्षदों को एकजुट रखने के साथ-साथ मेयर चुनाव के लिए जरूरी राजनीतिक समीकरण बनाने में जुटे हैं।
11 निर्दलीय तय करेंगे मेयर चुनाव का गणित
अजमेर में मेयर की कुर्सी तक पहुंचने के लिए अब निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अहम हो गई है। कांग्रेस के पास 37 और भाजपा के पास 32 पार्षद हैं। ऐसे में बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने के लिए दोनों दलों को निर्दलीयों के समर्थन की जरूरत होगी। 11 निर्दलीय पार्षदों का रुख किस ओर होता है, इससे मेयर चुनाव का पूरा समीकरण बदल सकता है। यही वजह है कि दोनों दलों की नजर इन पार्षदों पर है और समर्थन जुटाने के लिए संपर्क और बातचीत का दौर तेज होने की संभावना है।
21 सितंबर को होगा मेयर की कुर्सी का फैसला
मेयर पद के लिए नामांकन की प्रक्रिया बुधवार से शुरू हो गई है। 17 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी। इसके बाद 18 सितंबर को दोपहर 3 बजे तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। नाम वापसी के बाद इसी दिन चुनाव चिह्नों का आवंटन किया जाएगा। मेयर पद के लिए 21 सितंबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक मतदान होगा। मतदान खत्म होने के तुरंत बाद मतगणना की जाएगी और परिणाम घोषित कर दिया जाएगा।
पहली पारी में ही बड़ी जिम्मेदारी
अजमेर की मेयर की कुर्सी के लिए अब अनामिका शर्मा का नाम भाजपा के उम्मीदवार के तौर पर सामने है। पहली बार पार्षद का चुनाव जीतने के बाद सीधे मेयर पद की दावेदारी ने उन्हें अजमेर की स्थानीय राजनीति के केंद्र में ला दिया है। दूसरी ओर कांग्रेस 37 पार्षदों के साथ सबसे बड़ा दल होने के बावजूद बहुमत से चार सीट दूर है। अब असली तस्वीर 21 सितंबर को मतदान के बाद साफ होगी। उससे पहले सबसे ज्यादा नजर 11 निर्दलीय पार्षदों के रुख और दोनों प्रमुख दलों के बीच बनने वाले राजनीतिक समीकरण पर रहेगी।