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राजस्थान: अजमेर के गांव में 34 दिनों के अंदर 44 लोगों की मौत, कोरोना की आशंका
Wed, 19 May 2021 04:51 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Wed, 19 May 2021 04:51 PM IST
सार
गांव के सरपंच चोगानाथ ने पहले को सोमालपुर में कोविड से मौत होने की बात को खारिज कर दिया। लेकिन बाद में चोगानाथ ने कहा, दूसरी लहर से गांव का कोई कोना अछूता नहीं बचा है। सात-आठ लोगों के अलावा, जिनकी मौत अस्पताल में हुई, सभी में सर्दी, खांसी और बुखार जैसे लक्षण थे। यह कोविड हो भी सकता है और नहीं भी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पेक्सेल्स
विस्तार
राजस्थान के अजमेर जिले का सोमालपुर गांव राज्य के उन ग्रामीण इलाकों में से एक है जहां पिछले 30 दिनों से कोरोना के सामान्य से अधिक मामले सामने आ रहे हैं। 14 अप्रैल से गांव में 44 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से अधिकांश की मौत कोविड-19 के लक्षणों से मिलती-जुलती इंफ्लुएंजा जैसी बीमारी से हुई है। इनकी मौत का कारण अज्ञात या दिल का दौरा पड़ना बताया गया है। 16 अप्रैल के बाद से गांव में एक भी दिन ऐसा नहीं गया है जब कम से कम एक की मौत न हुई हो।
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टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार गांव के पूर्व सरपंच इकराम खान चीता का कहना है कि पिछले 30-40 दिन में 60 से ज्यादा कब्रें खोदी गई हैं। उन्होंने कहा, 'सभी कब्रिस्तानों के हवाई सर्वे से तस्वीर साफ हो जाएगी। समस्या को नरअंदाज करके लोगों की जान खतरे में डाली जा रही है।' उन्होंने दावा किया कि कम से कम 10-15 लोग अस्पताल में हैं, 25-30 स्व क्वारंटीन में हैं और कई में इंफ्लुएंजा जैसी बीमारी के लक्षण दिख रहे हैं, जिसके कोविड होने की आशंका है।
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आंकड़ों में सही स्थिति का पता नहीं चल पा रहा है, जो स्थानीय प्रशासन की लापरवाही की ओर इशारा करता है। आशा कार्यकर्ता गीता कथत के कार्यक्षेत्र में 800 घर आते हैं और वह इंफ्लुएंजा जैसे लक्षणों वाले केवल 19 लोगों की पहचान कर पाई हैं। उनके पास केवल 10 लोगों के होम क्वारंटीन होने का रिकॉर्ड है। इसे लेकर गीता का कहना है कि सर्वे उसी जानकारी के आधार पर किया जाता है जो हमें परिवार देता है। हमारे पास इसकी पड़ताल करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।
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सोमालपुर में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के इंचार्ज डॉ. हुकुम सिंह ने हर मौत की एक रिपोर्ट तैयार की है और स्थानीय प्रशासन के पास जमा की है. उन्होंने 44 मौतें की पुष्टि की है, जिनमें से सात की मौत कोविड संक्रमण के दौरान हुई। उन्होंने कहा, आज एक व्यक्ति की मौत हुई जिसे सोमवार से सीने में तेज दर्ज हो रहा ता। लेकिन कोविड पॉजिटिव निकलने के डर से उसने अपनी हालत और खराब होने दी। ऐसे कई लोग हैं जो इस डर से बीमारी छिपा रहे हैं कि कहीं कोरोना पॉजिटिव न हो जाएं।