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अजमेर में छात्र हत्याकांड पर बवाल: आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर परिवार ने दी आत्मदाह की चेतावनी
Mon, 19 Oct 2026 08:33 PM IST
तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
Published by: तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
Updated Mon, 19 Oct 2026 08:33 PM IST
सार
अजमेर में दसवीं के छात्र रोहित की हत्या के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर परिजनों और धानका समाज के लोगों ने एसपी कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। परिजनों ने निष्पक्ष जांच और जल्द गिरफ्तारी की मांग करते हुए न्याय नहीं मिलने पर आत्मदाह की चेतावनी दी।
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मैकेनिक की हत्या में एक आरोपी दोस्त हिरासत में
विस्तार
अजमेर में दसवीं कक्षा के छात्र रोहित की हत्या के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज परिजनों और धानका समाज के लोगों ने सोमवार को जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया। पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच और न्याय की गुहार लगाते हुए सभी आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की। परिजनों ने चेतावनी दी कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो पूरा परिवार खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह कर लेगा।
प्रदर्शन और आत्मदाह की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान मृतक रोहित की मां नैना देवी अपने बेटे की तस्वीर सीने से लगाकर बिलखती रहीं। उन्होंने बताया कि अस्पताल में इलाज के दौरान सत्रह वर्षीय रोहित दर्द से तड़प रहा था और उसने उन्हें अपने साथ हुई मारपीट की पूरी आपबीती सुनाई थी। नैना देवी का आरोप है कि बेटे की मौत के बाद भी सभी नामजद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। रोहित के पिता राकेश कुमार हृदय और मधुमेह रोग से पीड़ित हैं तथा उन्हें तीन बार दिल का दौरा पड़ चुका है। परिजनों ने बताया कि इकलौते बेटे की असमय मौत से पूरा परिवार गहरे सदमे में है।
दोस्त का जन्मदिन मनाने गए थे रोहित
परिजनों के अनुसार रामगंज थाना क्षेत्र में दोस्त का जन्मदिन मनाने गए रोहित पर 7 अक्तूबर की रात भगवानगंज चौराहे पर हमला हुआ था। पुरानी रंजिश के कारण 10 से 15 युवकों ने उसे घेरकर बेरहमी से पीटा था। इस हमले में रोहित के सिर, चेहरे और नाक पर गंभीर चोटें आई थीं। गंभीर रूप से घायल रोहित को जेएलएन अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां आठ दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद 15 अक्तूबर को उसकी मौत हो गई।
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कार्रवाई पर सवाल और मांगें
पूर्व पार्षद सुनील धानका ने रामगंज थाना पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि शुरुआती दौर में पुलिस ने शांति भंग की धारा 151 के तहत महज तीन-चार संदिग्धों को पकड़ा और बाद में छोड़ दिया। परिजनों ने प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता की हत्या से संबंधित धारा 103(1) और अनुसूचित जाति व जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की प्रासंगिक धाराएं जोड़ने की मांग रखी। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज व कॉल विवरण के आधार पर सभी हमलावरों की पहचान कर उन्हें तुरंत गिरफ्तार करने, मामले की एसआईटी से निष्पक्ष जांच कराने तथा पीड़ित परिवार व गवाहों को सुरक्षा प्रदान करने की मांग उठाई।
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प्रदर्शन और आत्मदाह की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान मृतक रोहित की मां नैना देवी अपने बेटे की तस्वीर सीने से लगाकर बिलखती रहीं। उन्होंने बताया कि अस्पताल में इलाज के दौरान सत्रह वर्षीय रोहित दर्द से तड़प रहा था और उसने उन्हें अपने साथ हुई मारपीट की पूरी आपबीती सुनाई थी। नैना देवी का आरोप है कि बेटे की मौत के बाद भी सभी नामजद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। रोहित के पिता राकेश कुमार हृदय और मधुमेह रोग से पीड़ित हैं तथा उन्हें तीन बार दिल का दौरा पड़ चुका है। परिजनों ने बताया कि इकलौते बेटे की असमय मौत से पूरा परिवार गहरे सदमे में है।
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दोस्त का जन्मदिन मनाने गए थे रोहित
परिजनों के अनुसार रामगंज थाना क्षेत्र में दोस्त का जन्मदिन मनाने गए रोहित पर 7 अक्तूबर की रात भगवानगंज चौराहे पर हमला हुआ था। पुरानी रंजिश के कारण 10 से 15 युवकों ने उसे घेरकर बेरहमी से पीटा था। इस हमले में रोहित के सिर, चेहरे और नाक पर गंभीर चोटें आई थीं। गंभीर रूप से घायल रोहित को जेएलएन अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां आठ दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद 15 अक्तूबर को उसकी मौत हो गई।
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कार्रवाई पर सवाल और मांगें
पूर्व पार्षद सुनील धानका ने रामगंज थाना पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि शुरुआती दौर में पुलिस ने शांति भंग की धारा 151 के तहत महज तीन-चार संदिग्धों को पकड़ा और बाद में छोड़ दिया। परिजनों ने प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता की हत्या से संबंधित धारा 103(1) और अनुसूचित जाति व जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की प्रासंगिक धाराएं जोड़ने की मांग रखी। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज व कॉल विवरण के आधार पर सभी हमलावरों की पहचान कर उन्हें तुरंत गिरफ्तार करने, मामले की एसआईटी से निष्पक्ष जांच कराने तथा पीड़ित परिवार व गवाहों को सुरक्षा प्रदान करने की मांग उठाई।