फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Action on eight sarpanchs who messed up the purchase of street lights in Hanumangarh

Hanumangarh: स्ट्रीट लाइट खरीद में गड़बड़झाला करने वाले आठ सरपंच पर कार्रवाई, पांच साल नहीं लड़ पाएंगे चुनाव

Tue, 18 Apr 2023 01:16 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हनुमानगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हनुमानगढ़ Published by: अर्पित याज्ञनिक Updated Tue, 18 Apr 2023 01:16 PM IST
सार

हनुमानगढ़ में स्ट्रीट लाइट की खरीद में गड़बड़ करने वाले आठ सरपंच चुनाव लड़ने में अयोग्य घोषित। संरपंच अपने बचाव में कोई सबूत पेश नहीं कर पाए।

विज्ञापन
Action on eight sarpanchs who messed up the purchase of street lights in Hanumangarh
आठ सरपंच पर कार्रवाई - फोटो : Amar Ujala Digital

विस्तार

हनुमानगढ़ जिले में अपने पंचायत क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट लगाने के नाम पर खरीद में वित्तीय गड़बड़ी करने वाले हनुमानगढ़ के आठ सरपंचों को चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया है। संभागीय आयुक्त नीरज के. पवन ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। 

विज्ञापन


जिन सरपंचों को अयोग्य घोषित किया गया है, उनमें हनुमानगढ़ जिले की टिब्बी पंचायत समिति की ग्राम पंचायत सहारणी के पूर्व सरपंच वेद प्रकाश, मिर्जेवाली मेर के पूर्व सरपंच जगदीश, सलेमगढ़ मसानी की पूर्व सरपंच ममता देवी, बशीर के पूर्व सरपंच रणवीर, बेहरवाला कला की पूर्व सरपंच शकुंतला, डबलीखुर्द के पूर्व सरपंच केसराराम, चाहूवाली के पूर्व सरपंच जगदीश तथा रामपुरा उर्फ रामसरा के पूर्व सरपंच हरवंश सिंह शामिल हैं। इन सभी को पांच वर्ष तक पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित किया गया है। 
विज्ञापन


बचाव में नहीं दे पाए ठोस सबूत
संभागीय आयुक्त डॉ. नीरज के. पवन ने बताया कि स्ट्रीट सोलर लाइट खरीदने के प्रकरण में वित्तीय अनियमितता की शिकायत सही पाए जाने पर इन पूर्व सरपंचों के विरुद्ध राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1996 के तहत यह कार्रवाई की गई है। संभागीय आयुक्त ने बताया कि शिकायत की जांच मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद तथा अतिरिक्त जिला कलेक्टर (प्रशासन) हनुमानगढ़ के द्वारा करवाई गई। जांच के बाद पूर्व सरपंचों को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर दिया गया, परन्तु इन सरपंचों द्वारा अपने बचाव में कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इस आधार पर इन पूर्व सरपंचों को राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 38 के तहत दोषी घोषित करते हुए निर्णय की तारीख से अगले पांच वर्ष तक पंचायतीराज संस्थाओं का चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed