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Bundi: वर्दी ने फेरा मुंह, यात्री ने निभाई इंसानियत, ट्रेन की सीट के नीचे मिले लावारिस बच्चे का किया रेस्क्यू
Sat, 20 Jun 2026 09:32 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बूंदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बूंदी
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Sat, 20 Jun 2026 09:32 PM IST
सार
आगरा फोर्ट-रतलाम एक्सप्रेस के एक जनरल कोच में करीब एक वर्ष से अधिक आयु का एक मासूम बालक लावारिस हालत में मिलने का मामला सामने आया है। ट्रेन की सीट के नीचे अकेले बैठे मिले इस बच्चे को एक जागरूक यात्री की सक्रियता और चाइल्ड हेल्पलाइन टीम की तत्परता से सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया।
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ट्रेन की सीट के नीचे मिले लावारिस बच्चे का किया गया रेस्क्यू
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा फोर्ट-रतलाम एक्सप्रेस के एक जनरल कोच में करीब एक वर्ष से अधिक आयु का एक मासूम बालक लावारिस हालत में मिलने का मामला सामने आया है। ट्रेन की सीट के नीचे अकेले बैठे मिले इस बच्चे को एक जागरूक यात्री की सक्रियता और चाइल्ड हेल्पलाइन टीम की तत्परता से सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। फिलहाल बालक को बाल कल्याण समिति के निर्देश पर बूंदी स्थित शिशु गृह में संरक्षण दिया गया है, जबकि उसके परिजनों की तलाश की जा रही है।
कोटा स्टेशन पर यात्री की नजर पड़ी
बूंदी चाइल्ड हेल्पलाइन के कोऑर्डिनेटर रामनारायण गुर्जर ने बताया कि शनिवार को ट्रेन संख्या 19818 आगरा फोर्ट-रतलाम एक्सप्रेस अपने निर्धारित मार्ग पर संचालित हो रही थी। इसी दौरान कोटा रेलवे स्टेशन पर यात्रा कर रहे यात्री लव कुश की नजर इंजन से तीसरे जनरल डिब्बे में सीट के नीचे बैठे एक छोटे बच्चे पर पड़ी। बच्चा अकेला था और उसके आसपास कोई परिजन दिखाई नहीं दे रहा था।
संदेह हुआ तो शुरू की पड़ताल
प्रारंभ में यात्री को लगा कि बच्चा अपने परिवार के साथ यात्रा कर रहा होगा, लेकिन काफी समय तक किसी के सामने नहीं आने पर उन्हें संदेह हुआ। उन्होंने तत्काल ट्रेन में मौजूद खाकी वर्दीधारी महिला को इसकी जानकारी दी। हालांकि महिला ने अपनी ड्यूटी समाप्त होने का हवाला देते हुए मामले में कोई कार्रवाई नहीं की और ट्रेन से उतर गई।
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1098 पर कॉल ने बदली बच्चे की किस्मत
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए यात्री लव कुश ने जिम्मेदारी का परिचय देते हुए तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर संपर्क किया और पूरे घटनाक्रम की सूचना दी। सूचना मिलते ही बूंदी चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम सक्रिय हो गई और बच्चे को सुरक्षित रेस्क्यू करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
हेल्पलाइन टीम ने संभाली जिम्मेदारी
रामनारायण गुर्जर ने बताया कि टीम के सदस्यों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर बालक को अपने संरक्षण में लिया। इसके बाद बच्चे को बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष सीमा पोद्दार के समक्ष प्रस्तुत किया गया। समिति अध्यक्ष ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बालक को शिशु गृह, बूंदी में सुरक्षित संरक्षण एवं देखभाल के लिए भेजने के निर्देश दिए। साथ ही बच्चे के स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक चिकित्सकीय जांच भी की गई।
परिजनों की तलाश में जुटी समिति
बाल कल्याण समिति अध्यक्ष सीमा पोद्दार ने बताया कि किसी मासूम बच्चे का इस प्रकार ट्रेन में अकेला मिलना अत्यंत चिंताजनक है। समिति की प्राथमिकता बच्चे की सुरक्षा, स्वास्थ्य और भावनात्मक देखभाल सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही उसके वास्तविक परिजनों की तलाश भी की जा रही है ताकि बच्चे की पहचान स्थापित की जा सके।
यह भी पढ़ें: अजमेर में पेपर बेचने का दावा! वीडियो कॉल पर दिखाया कथित प्रश्न पत्र, 30000 रुपये भी मांगे
आमजन से सहयोग की अपील
उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति को इस बालक के संबंध में कोई जानकारी हो, वह उसे पहचानता हो अथवा उसके परिवार तक पहुंचने में किसी प्रकार की सहायता कर सकता हो, तो तत्काल बाल कल्याण समिति बूंदी, शिशु गृह बूंदी अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर संपर्क करें।
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कोटा स्टेशन पर यात्री की नजर पड़ी
बूंदी चाइल्ड हेल्पलाइन के कोऑर्डिनेटर रामनारायण गुर्जर ने बताया कि शनिवार को ट्रेन संख्या 19818 आगरा फोर्ट-रतलाम एक्सप्रेस अपने निर्धारित मार्ग पर संचालित हो रही थी। इसी दौरान कोटा रेलवे स्टेशन पर यात्रा कर रहे यात्री लव कुश की नजर इंजन से तीसरे जनरल डिब्बे में सीट के नीचे बैठे एक छोटे बच्चे पर पड़ी। बच्चा अकेला था और उसके आसपास कोई परिजन दिखाई नहीं दे रहा था।
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संदेह हुआ तो शुरू की पड़ताल
प्रारंभ में यात्री को लगा कि बच्चा अपने परिवार के साथ यात्रा कर रहा होगा, लेकिन काफी समय तक किसी के सामने नहीं आने पर उन्हें संदेह हुआ। उन्होंने तत्काल ट्रेन में मौजूद खाकी वर्दीधारी महिला को इसकी जानकारी दी। हालांकि महिला ने अपनी ड्यूटी समाप्त होने का हवाला देते हुए मामले में कोई कार्रवाई नहीं की और ट्रेन से उतर गई।
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1098 पर कॉल ने बदली बच्चे की किस्मत
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए यात्री लव कुश ने जिम्मेदारी का परिचय देते हुए तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर संपर्क किया और पूरे घटनाक्रम की सूचना दी। सूचना मिलते ही बूंदी चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम सक्रिय हो गई और बच्चे को सुरक्षित रेस्क्यू करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
हेल्पलाइन टीम ने संभाली जिम्मेदारी
रामनारायण गुर्जर ने बताया कि टीम के सदस्यों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर बालक को अपने संरक्षण में लिया। इसके बाद बच्चे को बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष सीमा पोद्दार के समक्ष प्रस्तुत किया गया। समिति अध्यक्ष ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बालक को शिशु गृह, बूंदी में सुरक्षित संरक्षण एवं देखभाल के लिए भेजने के निर्देश दिए। साथ ही बच्चे के स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक चिकित्सकीय जांच भी की गई।
परिजनों की तलाश में जुटी समिति
बाल कल्याण समिति अध्यक्ष सीमा पोद्दार ने बताया कि किसी मासूम बच्चे का इस प्रकार ट्रेन में अकेला मिलना अत्यंत चिंताजनक है। समिति की प्राथमिकता बच्चे की सुरक्षा, स्वास्थ्य और भावनात्मक देखभाल सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही उसके वास्तविक परिजनों की तलाश भी की जा रही है ताकि बच्चे की पहचान स्थापित की जा सके।
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आमजन से सहयोग की अपील
उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति को इस बालक के संबंध में कोई जानकारी हो, वह उसे पहचानता हो अथवा उसके परिवार तक पहुंचने में किसी प्रकार की सहायता कर सकता हो, तो तत्काल बाल कल्याण समिति बूंदी, शिशु गृह बूंदी अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर संपर्क करें।