फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   A youth from Kota fought for a refund of two rupees IRCTC will pay 2.43 crores

Rajasthan: दो रुपये रिफंड के लिए युवक ने लड़ी पांच साल तक लड़ाई, आईआरसीटीसी को चुकाने होंगे 2.43 करोड़

Tue, 31 May 2022 11:21 AM IST
रोमा रागिनी न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा Published by: रोमा रागिनी Updated Tue, 31 May 2022 11:21 AM IST
सार

कोटा के एक युवक का टिकट कैंसिल करने पर आईआरसीटीसी ने दो रुपये कम लौटाए थे। रिफंड को लेकर युवक ने पीएम से लेकर रेलमंत्री तक को ट्वीट किए।

विज्ञापन
A youth from Kota fought for a refund of two rupees IRCTC will pay 2.43 crores
आईआरसीटीसी - फोटो : IRCTC

विस्तार

कोटा के एक युवक ने दो रुपये के रिफंड के लिए लंबी लड़ाई लड़ी है। अब दो रुपये के रिफंड के चक्कर में आईआरसीटीसी को 2.43 करोड़ रुपये चुकाने होंगे। आईआरसीटीसी करीब तीन लाख लोगों को ये पैसे चुकाएगी।

विज्ञापन



 

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार कोटा के सुजीत स्वामी ने दो रुपये कम रिफंड मिलने पर पांच साल तक रिफंड के लड़ाई लड़ी। अप्रैल 2017 में सुजीत ने दो जुलाई को यात्रा करने के लिए स्वर्ण मंदिर मेल में कोटा से नई दिल्ली के लिए टिकट बुक किया था। वेटिंग होने के कारण वो यात्रा नहीं कर पाए। ऐसे में उन्होंने 765 रुपए की कीमत वाला टिकट कैंसिल करवा दिया था। कैंसिल करवाने पर उन्हें 665 रुपए का रिफंड मिला।

विज्ञापन
विज्ञापन

टिकट कैंसिल करने पर 35 रुपये जीएसटी की कटौती की गई
सुजीत का कहना है कि रेलवे को 65 रुपये की कटौती करनी चाहिए थी लेकिन 100 रुपए की कटौती की गई। वहीं रेलवे ने उनसे सेवा कर के रूप में 35 रुपए की अतिरिक्त राशि वसूल की। इसके बाद सुजीत ने आरटीआई लगाकर उपभोक्ताओं की जानकारी मांगी, जिनसे सेवा कर के रूप में 35 रुपये की कटौती की गई थी। पता चला कि करीब 2 लाख 98 हजार उपभोक्ताओं से प्रति यात्री 35 रुपए सेवाकर के रूप लिए गए। उसके बाद उन्होंने पचास से अधिक आरटीआई लगाई। इसके साथ ही रेलवे मंत्री, प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सभी उपभोक्तओं को रिफंड करने की मांग की। 

विज्ञापन

दो रुपये कम लौटाने पर छेड़ी मुहिम
मई 2019 में आईआरसीटीसी ने सुजीत के बैंक अकाउंट में 33 रुपये ट्रांसफर कर दिए लेकिन सुजीत का मानना था कि उन्हें 35 रुपये वापस मिलने चाहिए थे। जिसके बाद उन्होंने दो रुपये रिफंड पाने के लिए संघर्ष शुरू कर दी। उन्होंने आरटीआई लगाकर सभी उपभोक्तओं के पैसे लौटाने की मुहिम छेड़ दी। वो हर महीने आरटीआई लगाकर रिफंड की विवरण की जानकारी लेने लगे। फिर यह मामला रेलवे मंत्रालय के वित्त आयुक्त और सचिव भारत सरकार, रेलवे बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर पैसेंजर मार्केटिंग, आईआरसीटीसी, मिनिस्ट्री ऑफ फाइनेंस (रेवेन्यू) डिपार्टमेंट के सचिव और जीएसटी काउंसिल तक पहुंचा।

 

पीएम से लेकर रेलमंत्री तक को किया ट्वीट

सुजीत यहीं नहीं रूके। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, निर्मला सीतारमण और रेल मंत्री को कई ट्वीट किए। इसके बाद उनके प्रयास रंग लाए। एक दिन रेलवे अधिकारी ने फोन कर सभी उपभोक्ताओं को रिफंड अप्रूव होने की जानकारी दी। 30 मई को रेलवे बोर्ड ने सुजीत को रिफंड कर दिए। बाकी उपभोक्ताओं को भी रिफंड कर दिया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed